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पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल में फिर उबाल, ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के करीब; 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो लगभग पांच महीने का उच्च स्तर माना जा रहा है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहे जोखिमों ने निवेशकों और तेल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालिया बयानों ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ाया है।

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने मित्र देशों के लिए इस मार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर सकता है, लेकिन मौजूदा हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है और कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।

तेल बाजार को समर्थन देने वाला एक अन्य प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया गया है। इसके अलावा, सऊदी अरब की ऊर्जा, हवाई अड्डा और सैन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

इन घटनाओं ने यह आशंका बढ़ा दी है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ेगा।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वर्ष 2026 के दौरान अब तक लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के लगातार बने रहने से ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है।

ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशक तेल बाजार में संभावित आपूर्ति जोखिमों को कीमतों में शामिल कर रहे हैं, जिससे तेजी का माहौल बना हुआ है।

हालांकि दूसरी ओर कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तर के लगभग 80 प्रतिशत तक वापस आ चुकी है। हालांकि रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

वहीं इराक के तेल मंत्री ने बताया कि इस महीने देश का तेल निर्यात 34 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि निर्यात अब युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच रहा है। इराक ने क्षेत्रीय मानकों की तुलना में आकर्षक छूट देकर अपने निर्यात को बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे ईंधन लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बनी रहेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल में और तेजी देखने को मिल सकती है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Dussehra Ravan Dahan 2026: आज दशहरा के शुभ अवसर पर जानें कब होगा रावण दहन? नोट करें शुभ मुहूर्त और महत्व

Dussehra Rava Dahan 2026: आज यानी 20 अक्टूबर 2026 को मंगलवार के दिन दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है. हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर दशहर मनाया जाता है. वहीं, इस दिन पर दुर्गा माता का विसर्जन भी होता है. मान्यता है कि भगवान राम ने इस दिन रावण का वध किया था. शारदीय नवरात्रि के दौरान हर शहर में जगह-जगह पर रामलीला का आयोजन होता है. इसके बाद दशहरा होता है, जब रावण दहन करते हैं. आइए जानते हैं रावण दहन का समय क्या होगा.

आज है दशहरा 2026

द्रिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 12:50 से शुरू हो रही है और 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. वहीं, आज श्रवण नक्षत्र 19 अक्टूबर की सुबह 03:38 बजे से लेकर 20 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगा. यह नक्षत्र रावण दहन के लिए शुभ माना जाता है.

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दशहरा में रावण दहन का समय

दशहरा के पर्व पर रावण दहन शाम को प्रदोष काल में किया जाता है. दरअसल, प्रदोष काल को महत्व देते हुए दशहरा 20 अक्टूबर को है. इसलिए, आज के दिन रावण दहन के लिए प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 47 मिनट से लेकर 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इस दौरान रावण दहन करना अत्यंत शुभ माना जाताहै.

पंचांग के अनुसार, रावण दहन के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त शाम को 05:47 मिनट से लेकर 06:12 तक रहेगा. इस दौरान 25 मिनट के अंदर रावण दहन किया जाना चाहिए. आज विजय मुहूर्त दोपहर 01:17 मिनट से लेकर 02:03 तक रहने वाला है. प्रदोष काल का संबंध सूर्यास्त से बताया जाता है. ऐसे में अलग-अलग जगह पर सूर्यास्त होता है, तो समय का अंतर होने से रावण दहन का समय अलग-अलग हो सकता है.

दशहरा का महत्व क्या है?

विजयादशमी के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और लंका पर विजय प्राप्त की थी. इसी कारण इसे विजयादशमी भी कहा जाता है. विजयदशमी के पर्व पर रावण के पुतले का दहन करने के साथ-साथ शस्त्र पूजा भी की जाती है. दशहरा पर दुर्गा मां और भगवान श्रीराम की पूजा करते हैं. दशहरा पर पूजन करने से जीवन के सभी दुख दूर होते हैं. इस दिन अपराजिता के पौधे और शमी के पौधे की पूजा भी करनी होती है.

दशहरा 2026 पर शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

पंचांग के मुताबिक, 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर 01:59 मिनट से लेकर 02:45 मिनट तक रहेगा. इस समय शस्त्र पूजा करते हैं. हालांकि, स्थानीय पंचांग के अनुसार, समय में अंतर हो सकता है. शस्त्र पूजा के लिए सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें. शस्त्रों को सावधानी से साफ करें और फिर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें. इसके बाद पूजा के लिए रोली, अक्षत, फूल, धूप और दीया जलाना चाहिए. इसके पश्चात फूल और अक्षत चढ़ाकर धूप-दीप दिखाएं. पूजन के पश्चात भोग लगाएं और प्रसाद बांटें.

दशहरे पर शमी पौधे का पूजन

विजयादशमी के दिन शमी के वृक्ष की पूजा भी की जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महाभारत में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने शस्त्र शमी के पेड़ पर छिपाए थे. बाद में उन्होंने इन्हें वापस भी प्राप्त किया था. इसी कारण से कई जगहों पर दशहरे के दिन शमी पौधे का पूजन किया जाता है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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अंपायर Parashar Joshi करेंगे Sheffield Shield में अंपायरिंग, BCCI और CA का बड़ा फैसला

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा शुरू किए गए अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत, ऑस्ट्रेलिया के अंपायर बेन ट्रेलोअर भारत में दो रणजी ट्रॉफी मैचों में अंपायरिंग करेंगे। वहीं, भारत के अंपायर पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में दो शेफ़ील्ड शील्ड मैचों और एक 'वन डे कप' मैच में अंपायरिंग करेंगे। ट्रेलोअर के पास काफी अनुभव है; उन्होंने 30 फर्स्ट-क्लास मैचों, 20 लिस्ट-ए मैचों और 39 बिग बैश लीग मैचों में अंपायरिंग की है। इसके अलावा, उन्होंने दो महिला वनडे इंटरनेशनल और चार महिला T20 इंटरनेशनल मैचों में भी अंपायरिंग की है।

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मैच से जुड़ी जिम्मेदारियों के अलावा, वह 'क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स' में अंपायर एजुकेशन ऑफिसर के रूप में काम करते हैं, जहाँ वे नए अंपायरों को तैयार करने में योगदान देते हैं। CA की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अंपायर शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए उन्हें 'न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन' की ओर से चार बार 'जॉर्ज बोरविक मेमोरियल अवार्ड' से सम्मानित किया गया है।

भारत में, ट्रेलोअर 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच (दिल्ली बनाम गुजरात) में अंपायरिंग करेंगे। इसके बाद, 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले मैच (मुंबई बनाम हरियाणा) में भी वे अंपायर की भूमिका निभाएंगे। जोशी ऑस्ट्रेलिया पहुँच रहे हैं। उनके पास घरेलू अंपायरिंग का काफी अच्छा अनुभव है; उन्होंने रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में 19 फर्स्ट-क्लास मैचों, विजय हजारे ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी में 32 लिस्ट-ए मैचों, तथा 40 टी20 मैचों (जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैच भी शामिल हैं) में अंपायरिंग की है।

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ऑस्ट्रेलिया में उनका कार्यक्रम 11 से 14 नवंबर तक गाबा में क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मैच से शुरू होगा। इसके बाद 16 नवंबर को उसी मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच 'वन डे कप' का मैच खेला जाएगा। अंत में, 22 से 25 नवंबर तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मैच के साथ उनका यह दौरा समाप्त होगा।

Tue, 20 Oct 2026 11:51:00 +0530

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