T20 World Cup के इतिहास में सबसे कम स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाज, पाकिस्तान के 3 खिलाड़ी लिस्ट में शामिल
टी20 क्रिकेट में आपको बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में चौके-छक्कों की बारिश करते दिखते हैं लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो इस फॉर्मेट में बेहद धीमी बैटिंग करते हैं. आइए आपको बताते हैं टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के वो खिलाड़ी जिनका स्ट्राइक रेट सबसे कम है.
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: मैं बच्चे की तरह रोया-गिड़गिड़या लेकिन पैसे …राजपाल यादव को कर्ज देने वाले कारोबारी ने सुनाई आपबीती
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को 17 फरवरी को अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया। यह मामला 9 करोड़ के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है। इस मामले में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और कारोबारी माधव गोपाल अग्रवाल ने एक इंटव्यू में पहली बार विस्तार से बताया कि यह कर्ज विवाद कैसे शुरू हुआ और उन्हें कितना नुकसान उठाना पड़ा।
कारोबारी की व्यथा
न्यूज पिंच को माधव ने बताया कि उन्होंने कई बार मुंबई में राजपाल के घर जाकर पैसे वापस मांगने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मैंने दो‑तीन बार उनसे बच्चे की तरह रोकर कहा कि मुझे मेरा पैसा वापस चाहिए क्योंकि मैंने भी बैंक से पैसा उधार लिया है और ब्याज चुका रहा हूं।”
राजपाल को लोन नहीं देना चाहते थे माधव
कारोबारी माधव गोपाल अग्रवाल ने बताया कि राजपाल यादव उनके पास ₹5 करोड़ उधार लेने आए थे। राजपाल ने बताया कि उनकी फिल्म लगभग पूरी हो चुकी है और तुरंत पैसा न मिलने पर सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। राजपाल की पत्नी के लगातार मैसेज आने के कारण उन्होंने पैसा देने का निर्णय लिया।
माधव ने कहा कि शुरू‑शुरू में उन्होंने हिचकिचाहट दिखाई क्योंकि वे फाइनेंस और बड़े कारोबार से जुड़े नहीं हैं। फिर भी लोन के बदले घोषणापत्र, पर्सनल गारंटी और पोस्ट‑डेटेड चेक भी लिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निवेश नहीं था, बल्कि एक लोन (उधार) था।
फिल्म फ्लॉप होने से डूबे पैसे
राजपाल ने कोर्ट में पेश होते हुए कहा कि वे पैसा तभी चुका पाएंगे जब फिल्म थिएटर में रिलीज हो जाएगी। इसी आशा के साथ कारोबारियों ने फिल्म पर रोक नहीं लगवाई। माधव को लगा कि फिल्म के माध्यम से पैसा वापस मिलेगा। फिल्म साल 2012 में सिनेमाघरों में रिलीज तो हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फेल हो गई।
कैसे बढ़ा विवाद?
2013 में राजपाल ने हाई कोर्ट से कहा कि मामला ₹10.40 करोड़ में सुलझा लिया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों से सहमति पूछी और कारोबारियों ने मान लिया। राजपाल ने 7 चेक अदालत में दिए, लेकिन ये सभी बाउंस हो गए। जिससे मामला और गंभीर हो गया।
फिलहाल हाई कोर्ट ने राजपाल को 1.5 करोड़ रूपये माधव अग्रवाल के पास जमा करने की शर्त पर 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।
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