Woolen Clothes: ऊनी कपड़े पैक करने जा रहे हैं? इन बातों का ध्यान रखें, सालभर बाद भी निकलेंगे फ्रेश!
Woolen Clothes: सर्दियां खत्म होते ही अलमारी में रखे स्वेटर, शॉल और जैकेट को पैक करने की तैयारी शुरू हो जाती है। अक्सर लोग जल्दबाजी में ऊनी कपड़ों को बिना सही तरीके से साफ और सुरक्षित रखे पैक कर देते हैं। नतीजा अगले साल जब निकालते हैं तो बदबू, दाग या कीड़ों से खराब हुए कपड़े हाथ लगते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपके महंगे ऊनी कपड़े सालभर बाद भी नए जैसे दिखें और फ्रेश महकें, तो पैकिंग से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी आपके कपड़ों की उम्र बढ़ा सकती है और उन्हें नुकसान से बचा सकती है।
ऊनी कपड़े स्टोर करने के लिए टिप्स
पैक करने से पहले अच्छी तरह धोएं या ड्राई क्लीन कराएं
ऊनी कपड़ों को सीधे अलमारी में रखने की गलती न करें। पहनने के दौरान पसीना, धूल और हल्की गंदगी कपड़ों में रह जाती है। अगर इन्हें बिना साफ किए स्टोर किया गया तो बदबू और फंगस की समस्या हो सकती है। बेहतर है कि स्वेटर और शॉल को हल्के डिटर्जेंट से धोकर पूरी तरह सुखा लें या जरूरत हो तो ड्राई क्लीन करा लें।
पूरी तरह सूखा होना जरूरी
कपड़े पैक करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनमें नमी बिल्कुल न हो। हल्की-सी भी नमी फफूंदी (मोल्ड) का कारण बन सकती है। धूप में सुखाने के बाद कपड़ों को ठंडी जगह पर कुछ देर फैला कर रखें, ताकि बची हुई नमी भी खत्म हो जाए।
एयरटाइट बैग या स्टोरेज बॉक्स का इस्तेमाल करें
ऊनी कपड़ों को स्टोर करने के लिए एयरटाइट बैग, वैक्यूम स्टोरेज बैग या प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल करें। इससे नमी और कीड़ों से सुरक्षा मिलती है। कपड़ों को ज्यादा कसकर न रखें, वरना उनकी शेप खराब हो सकती है।
नेफ्थलीन बॉल या प्राकृतिक उपाय रखें
कपड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए नेफ्थलीन बॉल या कपूर रख सकते हैं। अगर आप प्राकृतिक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो नीम की सूखी पत्तियां या लैवेंडर सैशे भी रख सकते हैं। इससे कपड़ों में अच्छी खुशबू भी बनी रहती है।
समय-समय पर जांच करें
भले ही कपड़े लंबे समय के लिए स्टोर किए गए हों, लेकिन हर दो-तीन महीने में एक बार उन्हें निकालकर जांच लेना बेहतर है। इससे किसी भी तरह की नमी, कीड़े या बदबू की समस्या को समय रहते रोका जा सकता है।
अतिरिक्त टिप्स
- ऊनी कपड़ों को हैंगर पर टांगकर स्टोर न करें, इससे उनकी शेप बिगड़ सकती है।
- गहरे रंग और हल्के रंग के कपड़े अलग-अलग रखें।
- स्टोरेज की जगह सूखी और ठंडी होनी चाहिए।
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Thalipeeth Recipe: हेल्दी स्नैक थालीपीठ सब करेंगे पसंद, बच्चों से लेकर बड़ों तक की है फेवरेट डिश
Thalipeeth Recipe: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खास ख्याल रखना चाहते हैं। ऐसे में पारंपरिक व्यंजन एक बार फिर लोगों की थाली में लौट रहे हैं। इन्हीं में से एक है महाराष्ट्र की प्रसिद्ध डिश थालीपीठ, जो स्वाद और पोषण का बेहतरीन संगम मानी जाती है। यह एक ऐसा हेल्दी स्नैक है जिसे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बड़े चाव से खाते हैं।
महाराष्ट्र की रसोई से निकला थालीपीठ अब देशभर के घरों में अपनी जगह बना चुका है। मल्टीग्रेन आटे, ताजी सब्जियों और सुगंधित मसालों से तैयार यह व्यंजन न केवल पेट भरता है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की हल्की भूख तक, थालीपीठ हर मौके पर फिट बैठता है।
थालीपीठ तैयार करने के लिए सामग्री
- 1 कप ज्वार का आटा
- 1/2 कप बाजरे का आटा
- 1/2 कप गेहूं का आटा
- 1/4 कप बेसन
- 1 बारीक कटा प्याज
- 2 बारीक कटी हरी मिर्च
- 2 चम्मच कटा हरा धनिया
- 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 चम्मच हल्दी
- 1/2 चम्मच जीरा
- स्वादानुसार नमक
- आवश्यकतानुसार पानी
- सेंकने के लिए थोड़ा सा तेल या घी
थालीपीठ तैयार करने की विधि
स्वाद और पोषण से भरपूर थालीपीठ खूब पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सभी प्रकार के आटे को मिला लें। अब इसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें। धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए सख्त लेकिन मुलायम आटा गूंथ लें।
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एक प्लास्टिक शीट या केले के पत्ते पर थोड़ा सा तेल लगाएं। आटे की लोई लेकर हाथ से थपथपाते हुए गोल आकार दें। बीच में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि पकाते समय तेल अंदर तक पहुंच सके।
इसके बाद गरम तवे पर थालीपीठ रखें और किनारों पर थोड़ा तेल डालें। मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। गरमा-गरम थालीपीठ को दही, मक्खन या चटनी के साथ परोसें।
थालीपीठ का स्वाद हल्का मसालेदार और सुगंधित होता है, जो बच्चों को भी आकर्षित करता है। वहीं बड़ों के लिए यह एक हेल्दी और लो-कैलोरी विकल्प है। मल्टीग्रेन होने के कारण यह पाचन में सहायक है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
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(लेखक:कीर्ति)
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