रूस पर US Sanctions रोकने के Donald Trump के फैसले को Zelenskyy ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को समर्थकों से रूस के खिलाफ नये अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। जेलेंस्की की प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रूस की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले व्यापक प्रतिबंधों को फिलहाल रोक दिया। व्हाइट हाउस के इस फैसले से सर्दियां नजदीक आने के साथ यूक्रेन पर रूस के हमले तेज होने की आशंका और बढ़ गई है।
अधिकारियों ने बताया कि रातभर रूस के हमलों में एक एंबुलेंस चालक समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। वहीं, रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूस के सीमावर्ती क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गई और मॉस्को के हवाई अड्डों पर उड़ानें बाधित हुईं। जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिबंधों को रोकने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
हालांकि, हाल के दिनों में यूक्रेन और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘अमेरिका में दुर्भाग्य से लिंडसे ग्राहम अधिनियम को पूरी तरह नजरअंदाज करने का फैसला किया गया। इस कानून के तहत रूस पर वास्तव में प्रभावी दबाव बनाया जाना था, ताकि इस युद्ध को समाप्त किया जा सके।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रतिबंधों को फिर से लागू किया जा सकता है।
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘यह कानून अब भी बहुत मददगार साबित हो सकता है! लेकिन इसे वास्तव में प्रभावी होना होगा और इसके समर्थन में उठाये जाने वाली हर आवाज मायने रखती है।’’
Rome के अस्पताल से डिस्चार्ज हुए Pope Leo XIV, Vatican ने दी स्वास्थ्य की जानकारी
वैटिकन के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी के बाद चार दिनों तक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ लेने वाले पोप लियो XIV शनिवार दोपहर को अस्पताल से छुट्टी पाकर घर लौटेंगे। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की जांच करने, ब्लड टेस्ट करने और सुबह छाती का एक्स-रे लेने के बाद उन्हें "अस्पताल से छुट्टी के लिए फिट" घोषित किया है। 71 वर्षीय पोप रविवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर की ओर खुलने वाली एक खिड़की से पारंपरिक आशीर्वाद देंगे। रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती होने के बाद, यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। मंगलवार को, डॉक्टरों को उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से में कैंसर होने का संदेह हुआ, जिसके बाद एक सर्जरी के जरिए उस हिस्से को निकाल दिया गया। बाद की जांच में पुष्टि हुई कि यह 'एडेनोकार्सिनोमा' था, जो फेफड़ों के कैंसर का सबसे आम प्रकार है। उनके निजी चिकित्सक और सर्जन द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह की क्लिनिकल जांच और डायग्नोस्टिक नतीजों के आधार पर उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दे दी गई है। अस्पताल में रहने के दौरान, लियो के स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा गया। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की, अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ चर्चा की और अस्पताल के चैपल में प्रार्थना सभा (मास) का आयोजन भी किया।
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वेटिकन ने ऑपरेशन के बाद पोप की पहली तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वे हरे रंग के वस्त्र पहने एक वेदी के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। प्रार्थना सभा के दौरान, पोप ने स्वास्थ्य कर्मियों और वेटिकन सुरक्षाकर्मियों को 'कम्युनियन' (धार्मिक अनुष्ठान के तहत पवित्र रोटी) दी। वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने बताया कि पोप ने अस्पताल के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे हर दिन बीमार और कमजोर लोगों की देखभाल करते हैं, और विशेष रूप से उनके (पोप के) लिए जो कुछ भी किया, उसके लिए वे उनके आभारी हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ अभी भी लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि कैंसर की सटीक मॉलिक्यूलर और जेनेटिक प्रोफाइल का पता चल सके। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि क्या कैंसर फेफड़े के उस हिस्से से बाहर फैल गया है जिसे निकाला गया है, और क्या आगे किसी और इलाज की जरूरत होगी। पोप का 6 से 17 नवंबर के बीच लैटिन अमेरिका जाने का कार्यक्रम अभी भी तय है। इस यात्रा में कई उड़ानें और हेलीकॉप्टर के सफर शामिल हैं, जिसका मतलब है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनके पास ठीक होने के लिए लगभग तीन सप्ताह का समय होगा। वेटिकन ने इस यात्रा के लिए अधिकृत पत्रकारों की एक सूची जारी की है, जिससे पता चलता है कि तैयारियां अभी भी चल रही हैं।
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