बांग्लादेश में तारिक रहमान का शपथ ग्रहण: पीएम मोदी की जगह ओम बिरला होंगे शामिल, भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
Tarique Rahman Oath Ceremony: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह भारत सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ढाका भेजने का निर्णय लिया है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहेंगे।
यह समारोह 17 फरवरी को ढाका स्थित राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को भी निमंत्रण मिला था, लेकिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट की व्यस्तता के कारण वे इस दौरे पर नहीं जा पा रहे हैं।
Om Birla, Speaker of the Lok Sabha, will represent the Government of India at the swearing-in ceremony of the newly elected government of Bangladesh led by Tarique Rahman, Chairman of Bangladesh Nationalist Party, in Dhaka on February 17, 2026: MEA pic.twitter.com/fMHVdOfTRr
— ANI (@ANI) February 15, 2026
17 साल के निर्वासन के बाद सत्ता के शिखर पर रहमान
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। तारिक रहमान करीब 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में लंदन से स्वदेश लौटे थे और अब प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वे बीएनपी संस्थापक जिया उर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं।
साल 2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच देश छोड़ने वाले रहमान ने इस चुनाव में दो-तिहाई बहुमत पाकर इतिहास रच दिया है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह देश का पहला बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था।
भारत के साथ रिश्तों की नई शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को ही तारिक रहमान से फोन पर बात कर उन्हें जीत की बधाई दी थी। भारत की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का ढाका जाना दोनों देशों के बीच स्थायी दोस्ती और नए युग की शुरुआत का संकेत है। हालांकि बांग्लादेश ने चीन, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों को भी आमंत्रित किया है, लेकिन भारत का प्रतिनिधित्व क्षेत्र की स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तारिक रहमान ने भी स्पष्ट किया है कि वे किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाएंगे।
भारत-बांग्लादेश की रिश्तों में मजबूती की उम्मीद
यह शपथ ग्रहण समारोह बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान ने युवाओं को रोजगार देने, भ्रष्टाचार मिटाने और आर्थिक स्थिरता लाने का वादा किया है। भारत के लिए बांग्लादेश केवल एक पड़ोसी नहीं, बल्कि सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से अहम साझेदार है। ओम बिरला की इस यात्रा से जल संसाधन, सीमा सुरक्षा और व्यापारिक समझौतों को नई गति मिलने की उम्मीद है। दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय अखंडता के लिए दोनों देशों का साथ मिलकर काम करना भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगा।
बांग्लादेश में 17 फरवरी को रहमान का लेंगे शपथ: पीएम मोदी को न्योता, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों आएंगे भारत तो ओम बिरला जा सकते हैं बांग्लादेश,
नई दिल्ली : बांग्लादेश के 13वीं संसदीय चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर के लिए ढाका की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है।
हालांकि, कूटनीतिक व्यस्तताओं के चलते पीएम मोदी का ढाका जाना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि उसी दिन भारत में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का आगमन हो रहा है। ऐसे में भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के ढाका जाने की संभावना है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुंबई में शिखर वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी के 17 फरवरी को बांग्लादेश न जा पाने का मुख्य कारण फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा है। मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, 17 फरवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
दोनों नेता मुंबई में 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष' का उद्घाटन करेंगे और रक्षा, एआई व हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भी शामिल होंगे।
ओम बिरला जा सकते हैं ढाका: भारत का कूटनीतिक संतुलन
बांग्लादेश के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की जगह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला या किसी अन्य वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री के ढाका जाने की प्रबल संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, भारत इस समारोह में अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है, लेकिन साथ ही वह पड़ोसी देश की नई सरकार के साथ कूटनीतिक संबंधों को धीरे-धीरे और मजबूती से आगे बढ़ाने की नीति पर चल रहा है। ओम बिरला का जाना संसदीय कूटनीति के लिहाज से एक बड़ा संदेश होगा।
13 देशों के नेताओं को आमंत्रण और सार्क की वापसी के संकेत
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत समेत 13 देशों को न्योता भेजा है। इनमें पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी इस समारोह में शामिल होने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि तारिक रहमान अपने पिता जियाउर रहमान द्वारा स्थापित 'सार्क' (SAARC) को फिर से सक्रिय करने के संकेत दे रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
17 साल के वनवास के बाद सत्ता की कमान
तारिक रहमान के लिए 17 फरवरी का दिन उनके राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ होगा। करीब 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहने के बाद वे वापस लौटे और अपनी पार्टी को दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में पहुँचाया। शपथ ग्रहण समारोह ढाका के बंगभवन मे आयोजित किया जाएगा।
इस बदलाव के बाद भारत के लिए बांग्लादेश के साथ अपने पुराने लंबित मुद्दों, जैसे तीस्ता जल समझौता और सीमा सुरक्षा पर नए सिरे से संवाद करने की चुनौती और अवसर दोनों होंगे।
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