Responsive Scrollable Menu

Tarique Rahmans Oath Ceremony: युवा और अनुभव का मिक्स… कैबिनेट के लिए ऐसी टीम तैयार कर रहे तारिक रहमान?

Tarique Rahman Bangladesh Cabinet: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) 13वें संसदीय चुनाव में पूर्ण बहुमत से सरकार बना रही है, जिसके प्रमुख तारिक रहमान प्रधानमंत्री होंगे. शपथ ग्रहण से पहले नई कैबिनेट को लेकर अटकलें तेज हैं. इसमें अनुभवी, युवा और प्रतिभाशाली चेहरों के साथ-साथ सहयोगी दलों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. कैबिनेट में कई नए चेहरे और 10-15 युवा मंत्री दिख सकते हैं.

Continue reading on the app

अमेरिका से परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए ईरान तैयार:उप विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प प्रतिबंध हटाएं तो डील संभव; बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट पर विवाद अटका

ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत करने की इच्छा जताई है। ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने BBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर बात करने को तैयार है, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर मंगलवार को जिनेवा में होने वाला है। वहीं अमेरिकी अधिकारी बार-बार कहते रहे हैं कि परमाणु वार्ता में प्रगति रुकने की वजह ईरान है, न कि अमेरिका। हालांकि, तख्त-रवांची ने दोहराया कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट पर अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा। यह मुद्दा इजराइल और अमेरिका दोनों उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जब हम पर इजराइल और अमेरिका ने हमला किया तो हमारी मिसाइलों ने हमारी रक्षा की। हम अपनी रक्षात्मक क्षमता से खुद को कैसे वंचित कर सकते हैं?’ अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- ईरान के साथ डील करना बहुत मुश्किल दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समझौता चाहते हैं, लेकिन ईरान के साथ डील करना बहुत मुश्किल है। ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है। रवांची बोले- हमने 60% इंरिच्ड यूरेनियम घटाने का प्रस्ताव दिया ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौता एक लंबे समय से चल रही विवादास्पद बातचीत है, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। जिससे वह परमाणु हथियार न बना सके। मजीद तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान ने 60% तक इंरिच्ड यूरेनियम को कम करने का प्रस्ताव दिया है। यह स्तर हथियार-ग्रेड के करीब माना जाता है और इसी वजह से दूसरे देशों को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है। हालांकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अन्य मुद्दों पर बात करने को तैयार हैं, बशर्ते वे प्रतिबंधों पर चर्चा करें।’ उन्होंने यह साफ नहीं किया कि प्रतिबंध पूरी तरह हटाने की बात है या आंशिक रूप से। ईरान के पास इंरिच्ड यूरेनियम का भंडार है ईरान के पास 400 किलो से ज्यादा उच्च स्तर पर इंरिच्ड यूरेनियम का भंडार है। 2015 के परमाणु समझौते के तहत उसने अपना यूरेनियम रूस भेजा था। इस बार क्या वह ऐसा करेगा, इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। रूस ने दोबारा यह सामग्री स्वीकार करने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान अस्थायी रूप से यूरेनियम इंरिचमेंट रोकने का प्रस्ताव भी दे चुका है। ईरान की मांग- परमाणु मुद्दे पर बात करेंगे, बैलिस्टिक मिसाइल पर नहीं ईरान की एक बड़ी शर्त रही है कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे पर हो। तख्त-रवांची ने कहा कि उनकी समझ है कि अगर समझौता करना है तो फोकस परमाणु मुद्दे पर ही रहेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। जब जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। रवांची बोले- हमारे अस्तित्व पर खतरा हुआ तो जवाब देंगे ईरान के उप विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयानों पर चिंता जताई। सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर अमेरिका बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन ट्रम्प ने हाल में सत्ता परिवर्तन की बात की। तख्त-रवांची ने कहा कि निजी संदेशों में ऐसा नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी पर चिंता जताई और कहा कि दूसरा युद्ध सबके लिए बुरा होगा। अगर ईरान को अस्तित्व का खतरा लगा, तो ईरान जवाब देगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से बात की है और सब युद्ध के खिलाफ हैं। ईरान को लगता है कि इजराइल इस वार्ता को तोड़ना चाहता है। समझौते को लेकर तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान जेनेवा में उम्मीद के साथ जाएगा और दोनों पक्षों को ईमानदारी दिखानी होगी। क्षेत्र में तैनात किए जा रहे 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर, तख्त-रावंची ने जवाब दिया, ‘ऐसी स्थिति में खेल अलग होगा।’ अमेरिका ने ईरान के आगे 4 शर्तें रखी थी ट्रम्प ने फरवरी की शुरुआत में एक अलग इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के साथ स्थिति अभी बदल रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। ट्रम्प ने कहा, ‘ईरान के पास वेनेजुएला से बड़ा आर्मडा (बेड़ा) है।’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के अधिकारी कई बार संपर्क कर चुके हैं और वे डील करना चाहते हैं। ट्रम्प का मानना है कि ईरान बात करने के लिए उत्सुक है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है। अगर ईरान संपर्क करता है और शर्तें मानता है तो बात होगी। इस महीने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने समझौते के लिए शर्तें बताई हैं- ईरान बोला था- डराकर हमसे कुछ नहीं करवा सकते अमेरिका के यूरेनियम इनरिचमेंट रोकने की मांग का जवाब देते हुए ईरान ने 8 फरवरी को कहा था कि वह प्रोग्राम किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा, चाहे उसे सैन्य धमकियां मिलें या नए प्रतिबंध लगाए जाएं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था- ईरान को डराकर उसकी परमाणु नीति नहीं बदली जा सकती और अमेरिका की मंशा पर हमें भरोसा नहीं है। अराघची ने साफ कहा था कि यूरेनियम संवर्धन ईरान के लिए किसी भी हालत में समझौते का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी देश को यह अधिकार नहीं है कि वह ईरान को बताए कि उसे क्या करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती ईरान को डराने में नाकाम रहेगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान ऐसा कोई समझौता नहीं करेगा जो उसकी आजादी और सम्मान के खिलाफ हो। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंधों में राहत मिलती है तो ईरान भरोसा बढ़ाने वाले कुछ कदमों पर विचार कर सकता है, लेकिन यह सब आपसी सम्मान पर निर्भर करेगा। मिडिल-ईस्ट में तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड को मिडिल ईस्ट पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वहां पहले से अब्राहम लिंकन कैरियर और दूसरे युद्धपोत तैनात हैं। जेराल्ड अपने साथी जहाजों के साथ कैरिबियन सागर में तैनात था। यह इस साल वेनेजुएला में हुए अमेरिकी अभियानों में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा हाल के हफ्तों में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं। USS जेराल्ड आर. फोर्ड को जानिए…

Continue reading on the app

  Sports

VIDEO: सूर्यकुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाक टीम का 5 बार क्या मजाक बनाया?

नई दिल्ली. मौजूदा टी20 विश्व कप के शुरुआती दो मैचों बल्लेबाजी के लड़खड़ाने की बात को स्वीकार करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शनिवार को उम्मीद जताई कि उनके बल्लेबाज पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की अलग तरह के एक्शन से होने वाली गेंदबाजी का तोड़ निकाल लेंगे. उन्होंने तारिक की गेंदबाजी को परीक्षा के पाठ्यक्रम के बाहर का सवाल जैसा बताया. सूर्यकुमार यादव ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के अहम मुकाबले की पूर्व संध्या पर यह भी कहा कि कोलंबो में रहने के चलते पाकिस्तान को भारत के मुकाबले एडवांटेज है. भारत को अमेरिका के खिलाफ 77 रन पर छह विकेट गंवाने पड़े थे, जबकि नामीबिया ने आखिरी ओवरों में चार रन के भीतर पांच विकेट लेकर बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर किया था. भारतीय बल्लेबाजों के सामने रविवार को प्रेमदासा की धीमी पिच पर पाकिस्तान के स्पिन आक्रमण की परीक्षा होगी, जिसकी अगुवाई तारिक करेंगे. उनके अनोखे पॉज एंड डिलीवर एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में वैधता पर बहस भी छिड़ी हुई है. पाकिस्ले से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने क्यों दिया ऐसा बयान सूर्यकुमार यादव ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के अहम मुकाबले की पूर्व संध्या पर कहा कि कोलंबो में रहने के चलते पाकिस्तान को भारत के मुकाबले एडवांटेज है. Sun, 15 Feb 2026 15:13:07 +0530

  Videos
See all

Bulandshahr News: ग्राम प्रधान की वीभत्स हत्या, शव देख पहचान नहीं पाएं परिजन! #short #bulandshahr #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-15T09:40:22+00:00

Bangladesh की नई सरकार को Major General R. GD Bakshi ने क्या चेतवानी दी? | GD Bakshi Debate #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-15T09:37:21+00:00

Mahashivratri 2026: देश के कोने-कोने से महाशिवरात्रि की अद्भुत तस्वीरें | Kashi | Haridwar | UP #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-15T09:45:05+00:00

Mahashivratri Special: CM Rekha Gupta ने Amarakh Mahadev में किया जलाभिषेक | Udaipur #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-15T09:42:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers