यूनुस ने जमात अमीर शफीकुर रहमान को लिखी चिट्ठी, चुनावी नतीजे को शांति से स्वीकारने के लिए किया धन्यवाद
ढाका, 15 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान को धन्यवाद देते हुए एक चिट्ठी भेजी है। युनूस के प्रतिनिधि ने औपचारिक तरीके से यह चिट्ठी जमात अमीर को सौंपी।
जमात-ए-इस्लामी के अमीर को संबोधित करते हुए यूनुस ने लिखा, “मैं 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में आपके नेतृत्व में आपकी पार्टी के उम्मीदवारों की सक्रिय और बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी के लिए और बाद में चुनावी नतीजे को शांतिपूर्ण और सम्मानित तरीके से स्वीकार करने के लिए आपको दिल से धन्यवाद देता हूं।”
चुनाव में अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, “चुनाव कैंपेन के समय से लेकर नतीजों की घोषणा के बाद तक, आपके राजनीतिक शिष्टाचार, संयम, समझदारी भरे बयानों और पार्टी कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के लिए नियंत्रित करने की आपकी कोशिशों ने देश में पूरी स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। मैं अंतरिम सरकार के समय में आपकी पार्टी द्वारा दिए गए कंस्ट्रक्टिव समर्थन, सलाह और सहयोग के लिए भी खास धन्यवाद देता हूं।”
उन्होंने आगे लिखा, “बांग्लादेश अभी एक जरूरी दौर से गुजर रहा है। हम वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव, क्लाइमेट चेंज, मानवीय संसाधनों का विकास और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में कई चुनौतियों और मौकों का सामना कर रहे हैं। इस मामले में, लोकतंत्र को और मजबूत करने और इसे ज्यादा सहभागिता और संस्थागत तौर पर मजबूत बनाने के लिए, सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदार और उसूलों वाली भूमिकाएं जरूरी हैं।”
जमात-ए-इस्लामी के अमीर से अपनी उम्मीदें जाहिर करते हुए यूनुस ने लिखा, “मुझे उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी नेशनल पार्लियामेंट और बड़े राजनीतिक क्षेत्र में एक कंस्ट्रक्टिव और जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर सक्रिय भूमिका निभाएगा। हम चाहते हैं कि उसूलों वाली बहस, कानून बनाने में सलाह-मशविरा, लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व और राज्य की जवाबदेही पक्का करने के जरिए एक स्वस्थ और सकारात्मक राजनीतिक संस्कृति विकसित हो।”
मुख्य सलाहकार ने आगे लिखा, “मुझे पक्का यकीन है कि आपने पहले भी देश की एकता को मजबूत करने में जो भूमिका निभाई है, वह आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। देश की एकता ही हमारी ताकत है। मैं अल्लाह से आपकी अच्छी सेहत, लंबी उम्र और पूरी तरह से ठीक होने की दुआ करता हूं।”
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अगले हफ्ते फेड बैठक, आरबीआई के संकेत, एफआईआई की गतिविधि समेत ये अहम कारक तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की दिशा
मुंबई, 15 फरवरी (आईएएनएस)। पिछले सप्ताह शेयर बाजार में तेज गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह आने वाले घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रहेगी, जिनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स, भारतीय रिजर्व बैंक के संकेत, आईटी सेक्टर की स्थिति, सोना-चांदी की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां शामिल हैं, जो भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पिछले हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार (13 फरवरी) को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। कमजोर वैश्विक संकेतों और एआई के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित असर की चिंता से बाजार दबाव में रहा। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ। तो वहीं एनएसई निफ्टी 336 अंक यानी 1.30 प्रतिशत गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ।
ब्रोकरेज कंपनी चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,700 का स्तर रुकावट (रेजिस्टेंस) के रूप में काम कर सकता है, जबकि 25,300 के स्तर पर मजबूत सहारा (सपोर्ट) है। अगर निफ्टी 25,300 से नीचे जाता है तो गिरावट बढ़ सकती है, और अगर 25,700 के ऊपर जाता है तो बाजार में तेजी लौट सकती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों को स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस के साथ एक सीमित दायरे में कारोबार की रणनीति बनाए रखनी चाहिए।
अगले सप्ताह 18 फरवरी को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया नीति बैठक के मिनट्स जारी होंगे, जिन पर बाजार की खास नजर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका की जीडीपी के आंकड़े भी आने वाले हैं। भारत में 20 फरवरी को भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे।
इस हफ्ते भारी बिकवाली के दबाव के बाद आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगा। सप्ताह के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 8 प्रतिशत गिरा, जिससे यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों पर काफी दबाव रहा।
निवेशकों को चिंता है कि जनरेटिव और एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पारंपरिक आउटसोर्सिंग सेवाओं की मांग कम कर सकती है, जिससे आईटी कंपनियों की भविष्य की कमाई प्रभावित हो सकती है।
इस बीच, वैश्विक कमोडिटी बाजार पर भी नजर रहेगी। सोना और चांदी की कीमतों में पहले गिरावट आई थी, जिसके बाद अब वे स्थिर होती दिख रही हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फरवरी में अब तक एफआईआई ज्यादातर दिनों में शुद्ध खरीदार रहे हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद निवेशकों का भरोसा कुछ बेहतर हुआ है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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