बिहार में नशे के कारोबार पर पुलिस का छापा, घर से 2 महिलाएं गिरफ्तार
Bihar News: बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बाढ़ थाना क्षेत्र के ढेलवा गोसाईं इलाके में पुलिस ने सूखे नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए एक सक्रिय गिरोह की कमर तोड़ दी है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रामकृष्ण के सीधे नेतृत्व में की गई इस त्वरित और गोपनीय कार्रवाई से इलाके के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है. पुलिस टीम ने एक रिहायशी मकान में घेराबंदी कर न सिर्फ दो कथित मुख्य महिला सरगना को धर दबोचा, बल्कि मौके पर नशा करते चार अन्य युवकों को भी हिरासत में ले लिया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से भारी मात्रा में स्मैक की पुड़िया, नशा करने के उपकरण, सिरिंज और नकदी बरामद की गई है. पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि लंबे समय से इस इलाके में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था.
लंबे समय से मिल रही थी अवैध धंधे की गोपनीय सूचना
बाढ़ थाना क्षेत्र का ढेलवा गोसाईं मोहल्ला पिछले कुछ समय से नशे के अवैध कारोबार को लेकर चर्चा में बना हुआ था. पुलिस प्रशासन को लगातार स्थानीय सूत्रों और मुखबिरों से यह जानकारी मिल रही थी कि इस मोहल्ले के एक मकान से सूखे नशे की खरीद बिक्री बड़े पैमाने पर की जा रही है. शिकायतें थीं कि यहां दिन ढलते ही असामाजिक तत्वों और नशा करने वालों की आवाजाही बढ़ जाती थी, जिससे आसपास रहने वाले आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत हड़बड़ी में कदम उठाने के बजाय पहले ठोस तैयारी की. एसडीपीओ रामकृष्ण के निर्देश पर पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम ने कई दिनों तक इलाके की निगरानी की और पूरे नेटवर्क का बैकवर्क तैयार किया. जब इस बात की पक्की पुष्टि हो गई कि मकान के भीतर लगातार नशे की खेप पहुंचाई जा रही है और वहीं से ग्राहकों को पुड़िया बनाकर बेची जा रही है, तब छापेमारी की रणनीति बनाई गई.
झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: रिम्स के कायाकल्प पर खर्च होंगे ₹466 करोड़, खुलेंगे 10 नए विभाग
झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार की योजना तैयार की है. रिम्स की 66वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में परिसर के कायाकल्प के लिए 466 करोड़ रुपये की योजना, 10 नए विभाग शुरू करने और मेडिकल शिक्षा की सीटें बढ़ाने समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया. इन पहलों का उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और अस्पताल की सुविधाओं को आधुनिक बनाना है.
466 करोड़ रुपये से बदलेगी रिम्स की तस्वीर
योजना के तहत रिम्स के भवनों, छात्रावासों, आवासीय परिसर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास एवं नवीनीकरण किया जाएगा. झारखंड सरकार का लक्ष्य अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और मेडिकल विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
10 नए विभागों से गंभीर बीमारियों का इलाज
रिम्स में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, रूमेटोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, न्यूरो एनेस्थीसिया, इमरजेंसी मेडिसिन और न्यूक्लियर मेडिसिन सहित 10 नए विभाग शुरू करने की योजना है. इससे जटिल बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है.
पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटें बढ़ाने की तैयारी
बैठक में स्नातकोत्तर (PG) सीटों को 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी सीटों को 11 से बढ़ाकर 150 करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा 106 नए नर्सिंग पद, 12 हॉस्पिटल मैनेजर पद और 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की पहल की जाएगी.
आधुनिक जांच और इमरजेंसी सेवाओं पर जोर
मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए नई इको और अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदने तथा इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. गंभीर मरीजों की जरूरतों को देखते हुए 200 से अधिक वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को निर्णयों पर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से रिम्स में इलाज, चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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