Responsive Scrollable Menu

Lindsey Graham Act Waiver | 'डोनाल्ड ट्रम्प बने मॉस्को की कठपुतली', रूस के सामने घुटनों पर आया सुपरपावर! रूस से प्रतिबंध हटाने के फैसले पर भड़के डेमोक्रेट्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' (SRIA) के तहत रूस पर लगे कड़े प्रतिबंधों और शुल्कों (टैरिफ) को हटाने के फैसले के बाद अमेरिका की राजनीति में जबर्दस्त भूचाल आ गया है। इस कानून पर हस्ताक्षर होने के मात्र एक महीने के भीतर ही छूट (Waiver) दिए जाने पर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और अमेरिकी प्रतिनिधियों ने ट्रम्प पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब अमेरिका में आगामी नवंबर के मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से ठीक पहले देश में डीजल और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस कानून पर हस्ताक्षर होने के एक महीने बाद ही यह कदम उठाया गया है। इस कानून को, जिसे फिलहाल रोक दिया गया है, लागू किए जाने पर रूस से कच्चा तेल या गैस आयात करने वाले पांच सबसे बड़े देशों (जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं) से अमेरिका आने वाले सामानों पर 100% तक का शुल्क (टैरिफ) लगाया जाना था।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और रूस के साथ डीजल का एक सौदा भी चर्चा में है। कई अमेरिकी सांसदों ने ट्रम्प पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम के कार्यालय ने तो यहां तक ​​आरोप लगा दिया कि ट्रम्प को पुतिन से पैसे मिल रहे हैं। 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में लिखा गया, "ठीक है। कोई तो है जिसे पुतिन से पैसे मिल रहे हैं। कौन? और कितने?" प्रतिनिधि डॉन बेयर ने इस कदम को पुतिन के सामने आत्मसमर्पण और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के साथ विश्वासघात बताया।

बेयर ने 'एक्स' पर लिखा, "ट्रम्प ने 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एक्ट' के तहत रूस पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है- ठीक वैसा ही, जैसा कि मैंने और अन्य लोगों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे ऐसा करेंगे। पुतिन के सामने ट्रम्प का यह नया आत्मसमर्पण हमारे यूक्रेनी सहयोगियों के साथ एक और विश्वासघात है। यह उस कानून के स्पष्ट इरादे को भी नकारता है, जिसे रूस द्वारा छेड़े गए अवैध और आक्रामक युद्ध के लिए उसे दंडित करने के लिए बनाया गया था।" डेमोक्रेट नेता ने ट्रम्प पर कानून को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, और इस कानून को 'ठीक' करने की मांग की। 

बेयर ने लिखा, "ट्रम्प ने साबित कर दिया है कि वे इस कानून को तोड़-मरोड़ सकते हैं और मिली हुई शक्तियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। हालांकि अभी उन्होंने टैरिफ लगाने की शक्तियों का इस्तेमाल नहीं किया है, लेकिन कानून जिस तरह से लिखा गया है, वह ट्रम्प को नए व्यापार अधिकारों का इस्तेमाल हमारे सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ एक हथियार के रूप में करने की छूट देता है। कांग्रेस को इस त्रुटिपूर्ण कानून को ठीक करना चाहिए ताकि ट्रम्प को पुतिन के सामने झुकने से रोका जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि यूक्रेन को वास्तव में समर्थन मिले।" प्रतिनिधि डॉन बेकन ने कहा, "राष्ट्रपति युद्ध को खत्म नहीं कर रहे हैं, बल्कि उसे और लंबा खींच रहे हैं।" 

पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन और पुतिन के मुखर आलोचक गैरी कास्परोव ने भी ट्रम्प पर निशाना साधते हुए कहा, "बिल्कुल, उन्होंने ऐसा किया। जब ट्रम्प अलास्का को वापस रूस को सौंप देंगे, तो सीनेट में संतुलन का क्या होगा?" कास्परोव ने आगे कहा, "रूस पर दबाव कम करने या उसे पैसे देने का कोई भी कदम और अधिक निर्दोष यूक्रेनियनों की जान लेगा और युद्ध को लंबा खींचेगा। यह वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बुरा है, जिसमें अमेरिका की अर्थव्यवस्था भी शामिल है। अमेरिका को रूस से कुछ नहीं चाहिए, लेकिन ट्रम्प को निश्चित रूप से चाहिए।"

ट्रम्प ने 'ग्राहम एक्ट' की धारा 115 का इस्तेमाल किया, जो राष्ट्रपति को किसी विदेशी व्यक्ति पर लागू होने वाले प्रतिबंधों, पाबंदियों या कानून के तहत किसी भी शुल्क (ड्यूटी) को हटाने का अधिकार देती है। ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा, "मैंने कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस तरह की छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। साथ ही, मैंने इस प्रमाण पत्र का आधार स्पष्ट करने वाली एक रिपोर्ट भी दी है, जो ग्राहम एक्ट की धारा 115(b) के अनुरूप है।"

उन्होंने इस एक्ट की धारा 112 और 113 के तहत लगने वाले शुल्कों को हटा दिया। इन धाराओं के तहत ट्रम्प को रूस से अमेरिका आयात होने वाले सभी सामानों पर शुल्क की दर को 500 प्रतिशत (मूल्य के अनुपात में) तक बढ़ाने का अधिकार था। इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस आयात करने वाले पांच सबसे बड़े आयातकों पर भी 100 प्रतिशत (मूल्य के अनुपात में) तक शुल्क लगाने का प्रावधान था। यह कदम तब उठाया गया है जब ट्रम्प ने रूस के साथ एक डीजल समझौते की घोषणा की है। इस समझौते के तहत, रूस तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा, इसके बाद नवंबर में 5,00,000 टन और उसके तुरंत बाद 1 मिलियन टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी।

टैरिफ (शुल्क) लगाए जाने के खतरे के बीच, भारत ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' (रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला ग्राहम एक्ट) को लेकर वाशिंगटन के सामने अपनी चिंताएं जताई थीं। बुधवार को विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कानूनी उपायों, विशेष रूप से 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA) पर अपनी आपत्तियां सीधे तौर पर दर्ज कराई हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने SRIA कानून को लेकर अपनी चिंताएं अमेरिकी पक्ष को पहले ही बता दी हैं।" 

Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi

Continue reading on the app

Saraswati Vandana: शारदीय नवरात्र में Saraswati Puja आज, छात्र और कलाकार ऐसे करें मां शारदा की उपासना

देवी सरस्वती को विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माना जाता है। देवी सरस्वती की आराधना का यह पर्व लेखकों, शिक्षकों, छात्रों और कला से जुड़े लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इस बार आज यानी की 17 अक्तूबर 2026 को सरस्वती पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। तो आइए जानते हैं सरस्वती पूजा की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व आदि के बारे में...

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक शारदीय नवरात्र के दौरान सरस्वती पूजा 17 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन पूजा का प्रमुख समय सुबह 06:22 मिनट से लेकर दोपहर 12:06 मिनट तक है। वहीं दोपहर में पूजा का मुहूर्त 03:54 मिनट से लेकर शाम 06:14 मिनट तक है।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें और पूजा स्थल की सफाई करें। अब चौकी पर मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। फिर देवी सरस्वती को अक्षत, फूल, चंदन और फल आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और मां सरस्वती की वंदना करें। वहीं छात्र अपनी किताबें, कॉपी और कलम आदि को पूजान स्थल पर रखकर देवी सरस्वती का आशीर्वाद लें। वहीं संगीत और कला से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्रों की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। फिर मां सरस्वती को फल, मिठाई और खीर आदि का भोग लगाएं।

धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक देवी सरस्वती को वाणी, विवेक और रचनात्मकता की देवी माना गया है। देवी सरस्वती की पूजा लेखकों, शिक्षकों, संगीतकारों, कलाकारों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां सरस्वती की आराधना से सीखने की क्षमता, एकाग्रता और बुद्धि के विकास का आशीर्वाद मिलता है।

Continue reading on the app

  Sports

भुवनेश्वर कुमार की वजह से चमकी क्रुणाल पंड्या की किस्मत, बन गए भारत की इस टीम के कप्तान

Hong Kong Sixes India Captain: भारत के लिए 19 वनडे और पांच टी-20 खेल चुके स्टार ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या अब हांगकांग सिक्सेज में भुवनेश्वर कुमार की जगह कप्तानी करेंगे. 2021 में भारत के लिए आखिरी बार खेलने वाले पंड्या अब छह खिलाड़ियों वाली इस टी-20 लीग में भारतीय टीम के नए कप्तान हैं. Sat, 17 Oct 2026 11:45:19 +0530

  Videos
See all

Asim Arun Pankaj Chaudhray on UP Mega Survey: News18 UP Mega सर्वे पर मंत्री असीम अरूण EXCLUSIVE #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T06:15:12+00:00

Navratri Day 7: मां कालरात्रि के पूजा मंत्र और भोग की जानकारी | Maa Kalaratri Darshan | Durga Puja #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-17T06:00:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers