Mahashivratri Vrat Kaise Karen: महाशिवरात्रि व्रत कैसे करें? यहां जानें सही विधि और नियम
Mahashivratri Vrat: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है। धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन को शिव-भक्त विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, सच्ची भावना और विधिपूर्वक किया गया व्रत जीवन में सुख, शांति और मनोकामना सिद्धि का कारण बन सकता है। यहां जानें मां शारदा पीठ के ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी महाराज से महाशिवरात्रि के बारे बारे में।
व्रत का संकल्प कैसे करें?
महाशिवरात्रि के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि नित्यकर्म से निवृत्त हों। स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मन में पवित्र भाव रखें। यदि संभव हो तो शिवालय जाएं, अन्यथा घर में ही पूजन स्थल तैयार करें। भगवान शिव के समक्ष हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें। संकल्प करते समय मन ही मन प्रार्थना करें- “हे देवों के देव महादेव, हे त्रिलोचन, हे नीलकण्ठ, मैं श्रद्धा और भक्ति से शिवरात्रि का व्रत धारण करता हूं। कृपया मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।” संकल्प के बाद पूजा की सामग्री जैसे बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, चंदन और पुष्प आदि एकत्र कर लें।
ज्योतिर्लिंग या पार्थिव लिंग की स्थापना
शास्त्रों के अनुसार, पूजा के लिए शिवलिंग की स्थापना करना अत्यंत शुभ माना गया है। यदि घर में स्थायी शिवलिंग न हो तो मिट्टी से पार्थिव लिंग बनाकर उसकी स्थापना की जा सकती है। पूजा से पूर्व तीन बार आचमन करें और मन को एकाग्र करें। इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग का अभिषेक आरंभ करें। अभिषेक के लिए जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत तैयार कर सकते हैं। प्रत्येक अर्पण मंत्रोच्चार के साथ ही करें।
चार प्रहर की पूजा का महत्व
महाशिवरात्रि की रात को चार प्रहरों में विभाजित किया जाता है, और प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा का विधान है।
- प्रथम प्रहर – जल और बेलपत्र से अभिषेक।
- द्वितीय प्रहर – दूध या पंचामृत से अभिषेक।
- तृतीय प्रहर – शहद और घी से पूजन।
- चतुर्थ प्रहर – गंगाजल और सुगंधित जल से अंतिम अभिषेक।
प्रत्येक प्रहर में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। भजन, कीर्तन और शिव स्तुति से वातावरण को भक्तिमय बनाएं। रात्रि जागरण का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जागरण से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
पूजा में किन बातों का रखें ध्यान?
- शिवलिंग पर तुलसी पत्र अर्पित न करें।
- केतकी का फूल चढ़ाना वर्जित माना गया है।
- बेलपत्र तीन पत्तों वाला और बिना टूटा हुआ होना चाहिए।
- पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें।
- शिवजी को सादगी प्रिय है, इसलिए आडंबर की अपेक्षा सच्ची श्रद्धा अधिक महत्वपूर्ण है।
महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति और साधना का विशेष अवसर है। यदि इस दिन शास्त्रों में वर्णित विधि के अनुसार श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत किया जाए, तो व्यक्ति को आध्यात्मिक संतोष के साथ-साथ जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति हो सकती है। सच्ची भक्ति, संयमित आचरण और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप ही इस पावन व्रत की वास्तविक आत्मा है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है। Hari Bhoomi इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Mulank Rashifal (15 फरवरी 2026): जानें 1 से 9 तक के मूलांक के लिए कैसा रहेगा रविवार का दिन
15 February ka Ank Rashifal: आज 15 फरवरी है और दिन रविवार। आज की तारीख के पूरे अंकों 15/02/2026, 1+5+0+2+2+0+2+6 =18 को मिलाकर जोड़ें, तो जो अंक बन रहा है, वह 18 है, जिसका जोड़ 9(1+8=9) बनता है। अंकशास्त्र संख्या 9 के स्वामी मंगल हैं। इसी अंक के आधार पर आज का राशिफल बनाया गया है। इसे आप मूलांक के अनुसार ही देखें। इसे भाग्यांक भी कहा जाता है।
मूलांक 1 से 9 तक होते हैं और हर मूलांक का अपना अलग महत्व होता है। यह हमारे स्वभाव, प्रकृति, गुण, दोष आदि के बारे में बताता है। इसके जरिए आप अपने बारे में काफी कुछ जान सकते हैं। यहां जानिए मां शारदा पीठ के ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी से 1 से 9 मूलांक का रविवार यानी 15 फरवरी का अंक राशिफल।
मूलांक 1
यह दिन आपके लिए विशेष ऊर्जा लेकर आएगा। सूर्य का प्रभाव मजबूत रहेगा, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है।
सावधानी: अहंकार से बचें और दूसरों की राय का सम्मान करें।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1 और 6
मूलांक 2
भावनात्मक रूप से दिन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। चंद्रमा की प्रकृति के कारण मन में द्वंद्व की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में स्पष्टता रखें और अनावश्यक शंका से बचें। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।
सुझाव: ध्यान और प्रार्थना से मन को स्थिर रखें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2 और 6
मूलांक 3
गुरु का प्रभाव आपको ज्ञान और मार्गदर्शन की दिशा में आगे बढ़ाएगा। शिक्षा, लेखन या परामर्श से जुड़े लोगों के लिए दिन उत्तम रहेगा। वरिष्ठों से प्रशंसा मिल सकती है।
सावधानी: किसी भी कार्य में लापरवाही न करें।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3 और 1
मूलांक 4
आज का दिन थोड़ी मेहनत मांग सकता है। कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से सब हल होगा। योजना बनाकर काम करें। अचानक खर्च की संभावना है।
सुझाव: निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4 और 6
मूलांक 5
यह दिन आपके लिए अवसरों से भरा रहेगा। संचार, व्यापार और यात्रा के योग बन सकते हैं। नए संपर्क लाभदायक सिद्ध होंगे। आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे।
सावधानी: जल्दबाजी में निर्णय न लें।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5 और 1
मूलांक 6
शुक्र के प्रभाव से यह दिन आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। कला, फैशन, संगीत या सौंदर्य से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।
सुझाव: जीवनसाथी की भावनाओं को समझें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6 और 3
मूलांक 7
आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। आप आत्ममंथन की ओर आकर्षित होंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। शोध, विश्लेषण और अध्ययन के लिए दिन अनुकूल है।
सावधानी: अकेलेपन को नकारात्मकता में न बदलने दें।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 7 और 2
मूलांक 8
शनि के प्रभाव से आज का दिन जिम्मेदारी और अनुशासन की मांग करेगा। कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।
सुझाव: धैर्य और संयम बनाए रखें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8 और 6
मूलांक 9
मंगल का प्रभाव आपको ऊर्जा और साहस देगा। अधूरे कार्य पूरे करने के लिए अच्छा समय है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी। परिवार के ऊपर ध्यान दें।
सावधानी: क्रोध पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9 और 1
ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी महाराज
ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा और रत्न एवं कुंडली विशेषज्ञ।
Email: manishgautam0703@gmail.com
दूरभाष 7982530452
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