जरूरत की खबर- क्या आपका यूरिक एसिड बढ़ा है:इन 9 संकेतों से पहचानें, जानें बिना दवाई कैसे करें कंट्रोल, क्या खाएं और क्या न खाएं
अगर जोड़ों में अचानक दर्द, सूजन या पैरों के अंगूठे में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। इसकी वजह हाई यूरिक एसिड हो सकता है। शरीर भोजन के पाचन और मेटाबॉलिक प्रक्रिया के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। इस प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी होने पर यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और गाउट (गठिया) जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। खराब लाइफस्टाइल, तला-भुना खाना, पर्याप्त पानी न पीना और कुछ बीमारियां इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। हालांकि, समय रहते लक्षण पहचानकर सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए जरूरत की खबर में आज यूरिक एसिड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. राजीव गोयल, डायरेक्टर, यूरोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- यूरिक एसिड क्या है? यह क्यों बढ़ता है? जवाब- यूरिक एसिड शरीर के रोजाना कामकाज में बनने वाला एक वेस्ट है। भोजन में प्यूरिन नाम का तत्व होता है, पाचन के समय यह यूरिक एसिड बन जाता है। आमतौर पर किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। जब शरीर अधिक मात्रा में यूरिक एसिड बनाने लगता है और किडनी फिल्टर नहीं कर पाती है तो इसका लेवल बढ़ जाता है। ज्यादा रेड मीट, शराब, शुगरी-ड्रिंक्स, डिहाइड्रेशन, कुछ मेडिसिन्स और किडनी डिजीज के कारण ये समस्या होती है। अगर लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़ा रहे तो गाउट यानी जोड़ों में दर्द की वजह बन सकता है। सवाल- यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर क्या संकेत देता है? जवाब- इसका सबसे कॉमन लक्षण जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और जकड़न है। खासकर पैरोें के अंगूठे, घुटने और टखने में दर्द होता है। इसका दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और रात में बढ़ सकता है। कुछ गंभीर मामलों में किडनी पर असर पड़ता है, जिससे पेशाब में जलन या किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। इसके सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर यूरिक एसिड बढ़ जाए तो इसके कारण क्या कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं? जवाब- ज्यादा दिन तक यूरिक एसिड हाई रहने से कई कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं। गाउट के कारण जोड़ों में सूजन के साथ तेज दर्द शुरू हो जाता है। ज्यादा दिन तक ऐसा रहने से जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमने लगते हैं, जिससे जोड़ों में परमानेंट डैमेज हो सकता है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। सवाल- एक हेल्दी बॉडी में यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल क्या होना चाहिए? जवाब- एक स्वस्थ वयस्क के शरीर में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर 3.4 से 7.0 mg/dL (मिलीग्राम/डेसीलीटर) और महिलाओं में 2.4 से 6.0 mg/dL माना जाता है। बच्चों में इसका सामान्य लेवल थोड़ा कम हो सकता है। अगर यूरिक एसिड इससे ज्यादा हो जाए, तो जॉइंट्स और किडनी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि यूरिक एसिड कंट्रोल में बना रहे। सवाल- यूरिक एसिड लेवल का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है? जवाब- अगर डॉक्टर को लगता है कि यूरिक एसिड लेवल बढ़ गया है तो इसके लिए सीरम यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। इसमें ब्लड सैंपल लेकर उसमें मौजूद यूरिक एसिड की मात्रा देखी जाती है। इससे पता चलता है कि शरीर में यूरिक एसिड नॉर्मल है या बढ़ा हुआ है। कुछ मामलों में डॉक्टर यूरिन यूरिक एसिड टेस्ट की भी सलाह दे सकते हैं। इससे पता चलता है कि किडनी यूरिक एसिड को सही से बाहर निकाल रही है या नहीं। यह दोनों ही टेस्ट आसान और सुरक्षित होते हैं। सवाल- बढ़े हुए यूरिक एसिड का इलाज क्या है? जवाब- यूरिक एसिड का इलाज इसके कारण और लेवल पर निर्भर करता है। अगर यूरिक एसिड हल्का-फुल्का बढ़ा हुआ है तो लाइफस्टाइल में सुधार करके कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें पर्याप्त पानी पीना और वजन कंट्रोल करना मददगार होता है। अगर यूरिक एसिड इतना बढ़ गया है कि गाउट अटैक (गठिया की शिकायत) हो रहे हैं तो डॉक्टर दवाइयां देते हैं। सवाल- क्या यूरिक एसिड को बिना दवाई के भी कंट्रोल किया जा सकता है? जवाब- ज्यादातर मामलों में यूरिक एसिड को बिना दवाई के कंट्रोल किया जा सकता है। अगर लेवल ज्यादा बढ़ गया है तो शुरू में दवाई के जरिए कंट्रोल करने के बाद लाइफस्टाइल में जरूरी सुधार करें। इसके लिए खान-पान का खास ख्याल रखें और पार्याप्त पानी पिएं, ताकि किडनी को यूरिक एसिड छानने में मदद मिले। सवाल- यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए डाइट में कौन सी चीजें शामिल करनी चाहिए? जवाब- इसके लिए डाइट में लो-प्यूरिन और फाइबर से भरपूर फूड शामिल करने चाहिए। हरी सब्जियां, मौसमी फल, सलाद और होल ग्रेन्स किडनी की हेल्दी फंक्शनिंग में मदद करते हैं। इसमें लो-फैट दूध, दही और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद माने जाते हैं। सवाल- क्या खट्टी चीजें खाने से यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है? जवाब- ज्यादातर खट्टी चीजें विटामिन-C से भरपूर होती हैं। विटामिन-C किडनी के जरिए यूरिक एसिड के बाहर निकलने की प्रक्रिया को स्मूद बनाता है। संतरा, नींबू, आंवला और मौसमी जैसे फल फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, सिर्फ खट्टी चीजें खाने से यूरिक एसिड अपने-आप कम नहीं होता है। इसके लिए संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी और सही लाइफस्टाइल भी जरूरी है। बहुत ज्यादा खट्टी चीजें या प्रोसेस्ड खट्टी चीजें खाने से नुकसान भी हो सकता है। सवाल- अगर यूरिक एसिड बढ़ा हो तो किन चीजों से परहेज करना चाहिए? जवाब- इसके लिए हाई प्यूरिन फूड्स से परहेज करना जरूरी होता है। रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड और शराब यूरिक एसिड तेजी से बढ़ा सकते हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, और हाई फ्रुक्टोज जूस (बहुत मीठे जूस) भी नुकसानदेह होते हैं। ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेना भी ठीक नहीं है। सवाल- किन कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है? जवाब- अगर यूरिक एसिड बढ़ा हो और जोड़ों में अचानक तेज दर्द, सूजन या रेडनेस भी हो, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। इन सभी कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है, अगर- ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया: जानें इसके हेल्थ रिस्क, दूध को कैसे रखें सेफ, खरीदते हुए क्या सावधानी बरतें सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें ‘ट्रस्टिफाइड’ नाम के एक टेस्टिंग प्लेटफॉर्म ने दावा किया है कि भारत की कुछ प्रतिष्ठित कंपनियों के पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया तय सीमा से कई गुना ज्यादा पाया गया। आगे पढ़िए…
साइबर लिटरेसी- पेंशनर्स के साथ स्कैम:लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फ्रॉड, बुजुर्गों को करें सावधान, ये 9 बातें हमेशा याद रखें
कुछ दिनों पहले दिल्ली के एक 79 वर्षीय रिटायर्ड सिविल इंजीनियर के साथ साइबर ठगी हुई। स्कैमर्स ने फर्जी विज्ञापन के जरिए उन्हें लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का झांसा दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से ऐसी ही एक घटना का वीडियो शेयर किया है। इसमें पेंशनधारकों को लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर होने वाले स्कैम के बारे में सतर्क किया गया है। साइबर ठग बुजुर्गों की तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाते हैं। ऐसे में हमें अपने घर के बुजुर्गों को डिजिटल दुनिया के पीछे छिपे खतरों के बारे में बताना जरूरी है। चलिए, आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट क्या है, ठगों ने रिटायर्ड बुजुर्ग को कैसे चूना लगाया? जवाब- यह पेंशन धारक के जीवित होने का आधिकारिक प्रमाणपत्र है। पेंशनर्स को हर साल यह सर्टिफिकेट अपने बैंक या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से अपडेट कराना होता है। अगर यह समय पर जमा न हो तो पेंशन रुक सकती है। ठग इसी का फायदा उठाते हैं। नीचे दो अलग-अलग मामले समझिए- पहला मामला I4C द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक, एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर को फेसबुक स्क्रॉल करते हुए पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का एक एड दिखा। जैसे ही उन्होंने इस एड पर क्लिक किया, एक वेबपेज खुला। इसमें ऑलरेडी उनकी कुछ पर्सनल डिटेल्स ऑटो-फिल थीं। उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं और फॉर्म सबमिट कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें एक फोन कॉल आया और वॉट्सएप पर .apk फाइल भेजी आई। उनसे कहा गया कि ये फाइल डाउनलोड करके फॉर्म भर दीजिए। आपका पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट हो जाएगा। उन्होंने फॉर्म में अपना आधार नंबर, फोन नंबर दर्ज किया और ओटीपी सबमिट किया। ऐसा करते ही उनके फोन का कंट्रोल साइबर क्रिमिनल्स के पास चला गया। कुछ ही समय में उनके बैंक अकाउंट से 2.40 लाख रुपए कट गए। दूसरा मामला दूसरी घटना में रिटायर्ड सिविल इंजीनियर को फेसबुक स्क्रॉलिंग के दौरान PNB लाइफ सर्टिफिकेट का विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उनसे नाम और मोबाइल नंबर लिया गया। कॉलर ने खुद को PNB स्टाफ बताकर वॉट्सएप पर ‘PNB Pension Life Certificate Update.apk’ भेजा और एप डाउनलोड करवाया। एप के जरिए पर्सनल व बैंक डिटेल ली गई और भरोसे के लिए 1 रुपए कटते दिखाया गया। कुछ ही घंटों में खाते से 4.15 लाख रुपए निकाल लिए गए। सवाल- रिटायर्ड बुजुर्गों की तरफ से क्या गलती हुई, जिसके कारण वे ठगी का शिकार हो गए? जवाब- दोनों रिटायर्ड बुजुर्गों ने तीन बड़ी गलतियां की थीं- सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर साइबर स्कैमर्स ठगी को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- स्कैमर्स पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फर्जी एप और कॉल के जरिए बैंक डिटेल्स हासिल करते हैं। इसके बाद खाते से पैसे ऐंठ लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोग इतनी आसानी से इस तरह के स्कैम के झांसे में क्यों फंस जाते हैं? जवाब- इस स्कैम में ठग पेंशनर्स की सीमित तकनीकी जानकारी का फायदा उठाते हैं। ‘लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट’ जैसी जरूरी प्रक्रिया का नाम लेकर वे पेंशनर्स को डराते हैं कि अगर तुरंत अपडेट नहीं किया गया तो पेंशन रुक सकती है। इस डर से वे बिना जांच-पड़ताल के फर्जी लिंक पर क्लिक कर देते हैं। सवाल- इस तरह के किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को तकनीक के बारे में जागरूक करना जरूरी है। उन्हें ये बताएं कि बैंक या सरकार कभी भी APK फाइल भेजकर या फोन पर डिटेल्स मांगकर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं कराती है। इसके साथ ही उन्हें कुछ और बुनियादी बातों की जानकारी दें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने या प्राप्त करने का सही तरीका क्या है? जवाब– लाइफ सर्टिफिकेट सिर्फ बैंक ब्रांच, पोस्ट ऑफिस या सरकारी jeevanpramaan.gov.in पोर्टल के जरिए ही अपडेट होता है। यह कभी भी सोशल मीडिया लिंक, कॉल या APK फाइल से नहीं होता है। सवाल- घर के बुजुर्गों को स्कैम से बचाने के लिए क्या जरूरी कदम उठाने चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को कुछ बातें जरूर बताएं। जैसेकि- सवाल- किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- इसके लिए 6 बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। अगर इसे समझ लिए तो किसी भी स्कैम से बच सकते हैं। सवाल- अगर कोई स्कैम का शिकार हो जाए तो उसे तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और अपने बैंक को सूचना दें। बैंक के सारे ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लाॅक करवाएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, पैसा मिलने की संभावना उतनी ही बढ जाती है। सवाल- इस स्कैम की शिकायत कहां और कैसे कर सकते हैं? जवाब- नेशनल साइबर क्राइम के हेल्पलाइन नंबर पर 1930 पर कॉल करके इस स्कैम की शिकायत कर सकते हैं। साथ ही cybercrime.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। ध्यान रखें कि शिकायत करते समय बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट और कॉल/मैसेज की जानकारी जरूर दें, ताकि कार्रवाई जल्दी हो सके। इसके अलावा अपने नजदीकी थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर फ्रॉड: ठगी के तरीके पहचानें, सही तरीका और प्रोसेस जानें, ये 6 गलतियां न करें बीते कुछ दिनों में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर फोन करते हैं, भरोसा जीतते हैं और फिर लिंक, ओटीपी या कार्ड डिटेल लेकर आपका बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। आगे पढ़िए…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 





















