वर्ल्डकप में शादी वाला फूफा क्यों बन जाता है पाकिस्तान:पावर, पैसा, पॉलिटिक्स वजह, 1 मैच न होने से 1700 करोड़ तक का नुकसान
जब भी कोई ICC टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रवैया लगभग तय रहता है। पहले वह कहता है - हम नहीं खेलेंगे। फिर कुछ दिन बाद कहता है - हम खेलेंगे, लेकिन हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता दिखता है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नहीं आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है। पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी। तब वह बहुत आनाकानी करने के बाद खेलने के लिए राजी हुआ। इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। पाकिस्तान का ये रवैया सिर्फ जिद या राजनीति नहीं है। इसके पीछे पांच ठोस वजहें हैं- 1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना 2. पैरिटीः भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी 3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो 4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी 5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला इन सभी वजहों को एक-एक कर विस्तार से समझते हैं… 1. पावर- क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान की असली ताकत उसके खिलाड़ी नहीं, बल्कि इंडिया-पाकिस्तान राइवलरी है। ICC का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल भी यही है। ICC की कुल कमाई का करीब 90% हिस्सा मीडिया राइट्स से आता है। मीडिया राइट्स में भी सबसे बड़ा योगदान भारतीय मार्केट का होता है, क्योंकि क्रिकेट की सबसे बड़ी ऑडियंस भारत में है, सबसे ज्यादा स्पॉन्सर भारत से आते हैं, और सबसे महंगी ब्रॉडकास्ट डील्स भारत में होती हैं। इसी वजह से ICC ने 2024 से 2027 के लिए अपने मीडिया राइट्स जियो हॉटस्टार को करीब 3.1 बिलियन डॉलर में बेचे हैं। अलग-अलग सूत्रों और इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक, इस 3.1 बिलियन डॉलर की डील का 10% से 25% हिस्सा सिर्फ इसलिए प्रीमियम में गया क्योंकि ICC ने अपने हर बड़े व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में कम से कम एक भारत-पाकिस्तान मैच की गारंटी दी। ICC ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 4 भारत-पाकिस्तान मैच तय कर दिए। अब इसी आधार पर एक भारत-पाकिस्तान मैच की कीमत निकाली जा सकती है। पाकिस्तान को पता है कि ICC के सबसे बड़े टूर्नामेंट में उसकी भूमिका एक टीम की नहीं, बल्कि रेवेन्यू ट्रिगर की है। इसलिए वह हर बार भारत में टूर्नामेंट आते ही ‘हम नहीं खेलेंगे’ बोलकर दबाव बनाता है। यह सिर्फ भारत को नहीं, बल्कि ICC और बाकी देशों को भी संदेश होता है, अगर हम नहीं खेले, तो आपकी कमाई घट जाएगी। ICC की कमाई सिर्फ ICC के पास नहीं रहती ICC अपनी कमाई को अपने सदस्य बोर्ड्स में डिस्ट्रीब्यूट करती है। यानी ICC जितना कमाएगी, उतना ज्यादा पैसा दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स में जाएगा। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं हुआ, तो ICC की कमाई घटेगी। उस कमाई के घटने का नुकसान सिर्फ ICC को नहीं, बल्कि हर सदस्य बोर्ड को होगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड से लेकर छोटे बोर्ड्स तक शामिल हैं।भारत जैसे अमीर बोर्ड (BCCI) को इससे बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन बाकी बोर्ड्स की कमाई और योजनाएं हिल जाती हैं। यही पाकिस्तान का असली लेवरेज है। ICC अपनी कमाई का कितना हिस्सा किस बोर्ड को देती है इसे अगले ग्राफिक्स में देख सकते हैं... 2. पैरिटी- भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी दूसरी वजह भावनात्मक और राजनीतिक है, लेकिन उतनी ही असली है। क्रिकेट की दुनिया में आज भारत सिर्फ सबसे बड़ी टीम नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा मार्केट, सबसे बड़ा ब्रांड और सबसे बड़ा कंट्रोल सेंटर भी है। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं- पाकिस्तान आबादी के लिहाज से भारत के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेटिंग नेशन है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी कह चुके हैं कि ICC के सभी सदस्यों को पाकिस्तान का महत्व समझना चाहिए। भारत-पाकिस्तान मैच अहम है तो यह सिर्फ भारत की वजह से नहीं है। पाकिस्तान इस मैच में खेलता है तभी मुकाबला संभव होता है। भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक जितने इंटरनेशनल मैच हुए हैं उसमें अब भी ज्यादा जीत पाकिस्तान के नाम है। इसलिए ICC पाकिस्तान को भी उतनी ही अहमियत दे जितनी वह भारत को देती है। 3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो भारत ने 2012 के बाद से पाकिस्तान से कोई बाइलेट्रल सीरीज नहीं खेली है। भारत का स्टांस है कि क्रिकेट और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। भारत के इस फैसले से पाकिस्तान की क्रिकेट को बहुत नुकसान झेलना पड़ा है। 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सालाना 69 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट करता है। अगर भारत उसके साथ बाइलेट्रल सीरीज खेले तो उसकी कमाई तीन गुनी होकर सालाना करीब 200 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका सहित सभी बोर्ड इस कोशिश में रहते हैं कि भारतीय टीम उनके यहां ज्यादा से ज्यादा टूर करे। उनके ब्रॉडकास्ट राइट्स को ऊंची कीमत इसलिए मिलती है क्योंकि हर दो साल में कम से कम एक बार टीम इंडिया उनके यहां जाकर सीरीज खेलती है। पाकिस्तान को यह मौका नहीं मिलता है। पाकिस्तान ने 2018 में BCCI के खिलाफ ICC में एक केस भी दर्ज कराया था। इसमें उसने कहा था कि भारत उससे वादा करने के बावजूद बायलेट्रल सीरीज नहीं खेलता है इसलिए उसे 70 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया जाए। पाकिस्तान यह मुकदमा हार गया था। 4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है। यह राष्ट्रीय भावना, राजनीति और पहचान का हिस्सा है। 90 के दशक में पाकिस्तान के कप्तान इमरान खान ने यहां तक कह दिया था कि कश्मीर विवाद का हल क्रिकेट मैच से हो जाए, जो टीम जीते कश्मीर उसका। जब भी क्रिकेट की राजनीति में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और BCCI आमने-सामने होते हैं, तो पाकिस्तानी अधिकारी मामले को इस तरह दिखाने की कोशिश करते हैं कि उसने भारत को सबक सिखा दिया। ऐसे में भारत में टूर्नामेंट हो और PCB बिना शोर किए सीधे खेलने चला जाए, तो पाकिस्तान के अंदर उसे कमजोर या झुका हुआ कहा जा सकता है। इसलिए PCB पहले “हम नहीं खेलेंगे” बोलकर घरेलू दर्शकों को संकेत देता है कि- फिर अंत में खेल भी लेता है, क्योंकि असल फायदा वहीं है। 5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला भारत ने पिछले साल पाकिस्तान की मेजबानी में हुए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था। भारत के सभी मैच दुबई में खेले गए। इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि अगर भारतीय टीम हमारे यहां नहीं आती तो फिर पाकिस्तानी टीम भी वर्ल्ड कप खेलने भारत नहीं जाएगी और उसके मैच किसी अन्य देश में कराए जाए। भारत ने इस प्रस्ताव को मान लिया। इस वजह से इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के मैच कोलंबो में हो रहे हैं। जब वर्ल्ड कप शुरू होने की बारी आई तो पाकिस्तान ने बांग्लादेश का मामला उठा दिया। बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किया गया। इसके बाद बांग्लादेश ने भी पाकिस्तान की शह पर यह मांग रखी कि उसके भी मैच श्रीलंका में हो। ICC ने बांग्लादेश की डिमांड नहीं मानी। बांग्लादेश वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के मैच का बायकॉट करने का फैसला लिया। हालांकि, बाद में वह पलट गया। पाकिस्तान की धमकी उसका सबसे बड़ा हथियार पाकिस्तान की धमकी का असर इसलिए होता है क्योंकि यह सिर्फ एक मैच की बात नहीं है। यह ICC के पूरे बिजनेस मॉडल की बात है। ICC भारत-पाकिस्तान मैच किसी भी हालत पर करवाना चाहता है। अगर यह मैच नहीं हुए, तो 4 बातें हो सकती हैं- यही वजह है कि पाकिस्तान बार-बार नहीं खेलेंगे बोलकर खुद को बड़ा साबित करता है। इसी वजह से हर बार उसकी धमकी के बाद ICC, बोर्ड्स और दूसरे देश एक्टिव हो जाते हैं।
ओवैसी बोले-वंदे मातरम वफादारी का टेस्ट ना बने:RSS-बीजेपी भारत को धार्मिक देश बनाना चाहते हैं, संविधान भारत माता की जय से शुरू नहीं होता
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम गाना और इसको सम्मान देना देश से वफादारी का टेस्ट ना माना जाए। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत को एक धार्मिक देश बनाना चाहते हैं। न्यूज एजेंसी ANI को शुक्रवार को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि संविधान 'हम लोग' से शुरू होता है, 'भारत माता की जय' जैसे नारों से नहीं। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 25 धर्म की आजादी के बुनियादी अधिकार की गारंटी देता है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 12 फरवरी को एक आदेश जारी कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान देना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के मुताबिक राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। ओवैसी ने और क्या कहा… ओवैसी बोले- टीपू सुल्तान ने सावरकर की तरह अंग्रेजों को लेटर नहीं लिखे हैदराबाद में एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए। टीपू ने अंग्रेजों को लव लेटर नहीं लिखे, जैसा वीर सावरकर ने किया था। उन्होंने कहा कि टीपू ने अपनी तलवार उठाई और अंग्रेजों से अपने देश को आजाद कराने की लड़ाई में शहीद हो गए। क्या यह झूठ है कि APJ अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर में लिखा था कि आज भारत के पास जो भी मिसाइल टेक्नोलॉजी और रॉकेट टेक्नोलॉजी है, हम टीपू के सपनों को पूरा कर रहे हैं? गांधी ने अपनी यंग एज मैगजीन में लिखा था कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल हैं। ओवैसी के पिछले बयान… 7 फरवरी: हिमंता तुम 2 रुपए के भिखारी:कहो तो अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं; असम CM ने कहा था- मियां ₹5 मांगे, तो 4 दो AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के मियां मुस्लिम वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- मुझे पता है कि तुम 2 रुपए के भिखारी हो। क्या मैं ये पैसे तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं। दरअसल कुछ दिन पहले हिमंता ने मियां मुस्लिम पर एक बयान दिया था कि अगर वो (मियां मुस्लिम) रिक्शा के लिए 5 रुपए मांगे, तो 4 रुपए ही दो। इस तरह के छोटे-छोटे काम से परेशानी होने पर ही वो राज्य छोड़ेंगे। निजामाबाद रैली में AIMIM चीफ ने कहा कि संविधान सबको बराबर का हक देता है। पीएम हो या सीएम, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन हिमंता कहते हैं कि मियां मुस्लिमों के साथ ऐसा करेंगे। वोट देने बांग्लादेश चले जाएं। आप क्या करना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 10 जनवरी: भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित जनसभा में ये बयान दिया। AIMIM प्रमुख ने कहा पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक ही धर्म का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहब का संविधान कहता है कि कोई भी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मेयर बन सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 4 जनवरी: मोदी जी आतंकियों को उठाकर भारत लाओ, आपका 56 इंच का सीना AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 4 जनवरी को कहा कि हमने देखा कि वेनेजुएला में ट्रम्प अपनी फौज को भेजकर वहां के राष्ट्रपति को उठाकर अमेरिका ले गए। ऐसा ही कुछ भारत भी कर सकता है। ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कहा कि आपका 56 इंच का सीना हो तो उन्हें उठाकर भारत ले आओ। पूरी खबर पढ़ें… -------------- ये खबर भी पढ़ें… मदनी बोले-वंदे मातरम पर सरकार का आदेश आजादी पर हमला, ये मनमाना और एकतरफा मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वंदे मातरम के सभी छंद गाने का विरोध किया है। संगठन ने कहा कि सरकार का ये आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। संगठन ने सरकार के आदेश को एकतरफा और मनमाना बताया। जमीयत के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुसलमान किसी को भी वंदे मातरम गाने या बजाने से नहीं रोकते, लेकिन गाने के कुछ छंद मातृभूमि को एक देवता के रूप में दिखाते हैं। ये हमारी मान्यताओं के खिलाफ हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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