Responsive Scrollable Menu

अमेरिका के नेतृत्व में नौसैनिक युद्धाभ्यास पर भड़का उत्तर कोरिया, दी चेतावनी

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के नेतृत्व में हाल ही में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) को "आक्रामक युद्ध की रिहर्सल" करार दिया है. साथ ही उसने चेतावनी दी कि वह इसके जवाब में "प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर" पर ले जाएगा.

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए में मंगलवार को एक सैन्य टिप्पणीकार के हवाले से प्रकाशित लेख में कहा कि रिमपैक अभ्यास दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का प्रतीक है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में सैन्य दबदबा कायम करना है.

दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका अधिक व्यापक

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, लेख में दावा किया गया कि इस बार अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका पहले की तुलना में अधिक व्यापक रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन तीनों देशों के बीच सैन्य समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता को और मजबूत करना चाहता है.

केसीएनए ने अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप-कमांडर के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है. उत्तर कोरिया ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यासों में शामिल रिमपैक का उद्देश्य संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी करना है.

कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी

उत्तर कोरिया ने हाल के दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त सैन्य प्रोग्राम्स (जिनमें बडी स्क्वाड्रन हवाई अभ्यास और संयुक्त रसद प्रशिक्षण शामिल हैं) की भी आलोचना की. प्योंगयांग का आरोप है कि ये गतिविधियां कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी का हिस्सा हैं.

लेख में कहा गया कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया का त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग अब "रेड लाइन" पार कर चुका है और यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए नया संकट पैदा कर रहा है. उत्तर कोरिया ने दोहराया कि वह किसी भी बढ़ते सैन्य खतरे का जवाब अपनी प्रतिरोधक क्षमता को उसी स्तर तक बढ़ाकर देगा. उसके अनुसार, देश की सुरक्षा नीति का मूल सिद्धांत यही है कि "नई स्तर के खतरे का मुकाबला नई स्तर की प्रतिरोधक क्षमता से किया जाएगा."

--आईएएनएस

केआर/

DISCLAIMER: सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.

Continue reading on the app

भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कार्यशाला, भविष्य की शिक्षा और रोजगार पर हुआ बड़ा मंथन, विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों से हुए 30 अहम MoU

भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में वक्ताओं ने मानसिक तनाव को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताया और इसके समाधान के लिए योग को आवश्यक माना। मंगलवार को प्रशासन अकादमी में “उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम: दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि आज मानसिक तनाव एक वैश्विक चुनौती का रूप ले चुका है, जिसका एकमात्र समाधान योग में निहित है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज में बढ़ती समस्याओं का एक मुख्य कारण भारतीय जीवन मूल्यों से दूरी है। डॉ. कोठारी ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण का आधार शिक्षा को बताते हुए कहा कि ज्ञान, चरित्र और कौशल के समन्वय से ही शिक्षा पूर्ण होती है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से युवाओं में नैतिक मूल्यों का विकास: मुख्यमंत्री

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवा पीढ़ी नैतिक मूल्यों से जुड़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नीति युवाओं को समय की मांग के अनुरूप शिक्षित एवं प्रशिक्षित कर देश और प्रदेश को मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद से उच्च शिक्षा विभाग ने इसके विभिन्न आयामों पर सराहनीय कार्य किया है। कार्यशाला के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ 30 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए।

पाठ्यक्रमों में शामिल होगी भारतीय ज्ञान परंपरा: इंदर सिंह परमार

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करना है, जिनमें ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास भी समाहित हो। मंत्री परमार ने विद्यार्थियों के प्लेसमेंट सुनिश्चित करने और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल देने की बात कही।

बहुविषयक शिक्षा की जरूरत पर जोर

भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने वर्तमान समय में बहुविषयक शिक्षा (मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन) की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन का असर पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ रहा है, इसलिए शिक्षा में वैज्ञानिक सोच और आपदा प्रबंधन को शामिल करना अनिवार्य है। डॉ. महापात्रा ने वर्ष 2030 तक एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता बताई, जो समय रहते आपदाओं की चेतावनी दे सके। साथ ही, मौसम विभाग ने शोधार्थियों को आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में हजारों सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से महाविद्यालयों में फैकल्टी की कमी दूर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंजीनियरिंग, डिजिटल तकनीक और फैकल्टी डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

राष्ट्रीय संस्थानों से हुए कुल 30 MoU

कार्यशाला के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ कुल 30 एमओयू किए। इनमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी इंदौर, भारत मौसम विज्ञान विभाग, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, एएमपीआरआई, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश पुलिस, श्रम विभाग, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान तथा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल जैसे प्रमुख संस्थान शामिल थे।

इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल कौशल, जलवायु अध्ययन, पर्यावरण, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप, सुशासन और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकेंगे। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी और विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी।

Continue reading on the app

  Sports

पाकिस्तानी मुक्केबाज कुदरातुल्लाह राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से पासपोर्ट छोड़कर भागा

पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है जब मुक्केबाज कुदरातुल्लाह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से चंपत हो गया । Tue, 04 Aug 2026 18:33:37 +0530

  Videos
See all

ई-20 ईंधन के विरोध में निकली आम आदमी पार्टी [Kejriwal holds protest march in Delhi over E20 fuel] #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-04T13:12:54+00:00

E20 Petrol Controversy: Sanjay Singh Ethanol मिश्रित पेट्रोल को लेकर Modi Govt पर बरसे #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-04T13:06:33+00:00

मदनी की फिलिस्तीन परस्ती भारत से दुश्मनी, गाज़ा से दोस्ती #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-04T13:15:36+00:00

Air India Flight Turbulence: आसमान में डरावने झटके, दिल्ली आ रही फ्लाइट में हड़कंप | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-04T13:14:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers