राज्यसभा को बताया गया कि स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया (SIDBI) ने देश भर में 71 नई शाखाएँ खोलकर अपनी मौजूदगी बढ़ाई है, जबकि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ेज़ (MSME) के लिए इसके डायरेक्ट क्रेडिट आउटस्टैंडिंग पोर्टफोलियो में साल-दर-साल 36.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित जवाब में कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 की घोषणा के बाद SIDBI ने 1 अप्रैल, 2024 और 29 जुलाई, 2026 के बीच 71 नई शाखाएँ खोलीं। ये नई शाखाएँ प्रमुख MSME क्लस्टर को सेवा देने और इस सेक्टर में डायरेक्ट क्रेडिट डिलीवरी को मज़बूत करने के लिए खोली गई हैं। जवाब के अनुसार, 31 मार्च, 2026 को SIDBI का डायरेक्ट क्रेडिट आउटस्टैंडिंग पोर्टफोलियो 51,687 करोड़ रुपये था, जबकि एक साल पहले यह 37,781 करोड़ रुपये था, जिससे साल-दर-साल 36.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मंत्री ने कहा कि SIDBI ने प्राइमरी लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस (PLIs) को रीफाइनेंस सपोर्ट देकर MSMEs को क्रेडिट फ्लो मज़बूत करना जारी रखा। 31 मार्च 2026 तक इसका रीफाइनेंस आउटस्टैंडिंग पोर्टफोलियो बढ़कर 4,50,571 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,85,327 करोड़ रुपये था; यानी इसमें साल-दर-साल 16.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
जवाब में आगे कहा गया कि SIDBI ने उन MSMEs तक क्रेडिट पहुँचाने के लिए कई पहल की हैं, जिन्हें अभी तक पर्याप्त क्रेडिट नहीं मिल पाया है। इनमें छोटी कंपनियों को सस्ता क्रेडिट देने के लिए नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के साथ को-लेंडिंग व्यवस्था शामिल है। साथ ही, FY2025-26 के दौरान बैंक ने उन इलाकों में फाइनेंशियल पहुँच बढ़ाने के लिए रीजनल रूरल बैंक्स (RRBs) के साथ भी को-लेंडिंग पार्टनरशिप शुरू की, जहाँ अभी तक बैंकिंग सुविधाएँ नहीं पहुँची थीं।
अन्य पहलों के अलावा, SIDBI ने 'प्रयास योजना' शुरू की है ताकि इनफॉर्मल माइक्रो-एंटरप्रेन्योर्स (खासकर महिलाओं और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों) को सस्ता क्रेडिट मिल सके। इसने 'GST सहाय' ऐप भी लॉन्च किया है, जो ट्रेड डेटा और डिजिटल फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करके माइक्रो-एंटरप्राइज़ेज़ को 'ऑन-टैप' इनवॉइस-बेस्ड और कैश-फ्लो-बेस्ड छोटा क्रेडिट देता है।
Continue reading on the app
मुंबई/भोपाल/ग्वालियर/नई दिल्ली । केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में 4 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) इन्वेस्टर्स मीट एवं रोडशो आयोजित होगा। इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल तथा मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव भी उपस्थित रहेंगे। ग्वालियर में भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के शुभारंभ के बाद आयोजित यह दूसरा प्रमुख इन्वेस्टर मीट होगा, जिसका उद्देश्य देश के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाना, नए निवेश आकर्षित करना तथा आत्मनिर्भर भारत के विज़न को नई गति प्रदान करना है। विदित रहे कि नई दिल्ली में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनसे लगभग 14 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
ग्वालियर से शुरू हुई भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन की ऐतिहासिक यात्रा को मुंबई में मिलेगा नया विस्तार
उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश शासन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के साथ ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का शुभारंभ हुआ था। यह पहल भारत में दूरसंचार विनिर्माण के लिए एक समर्पित और एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुंबई में आयोजित होने वाला रोडशो और मीट इसी राष्ट्रीय अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।
₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों ने उद्योग जगत के विश्वास को किया मजबूत, अब ₹10,000 करोड़ के लक्ष्य की ओर बढ़ेगा अभियान
नई दिल्ली में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में देश की अग्रणी दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों ने ₹3,500 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन निवेशों से लगभग 14 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुंबई इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से इस अभियान को और गति देते हुए कुल संभावित निवेश को ₹10,000 करोड़ से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट एवं रोडशो में देश की अग्रणी टेलीकॉम विनिर्माण कंपनियां, प्रौद्योगिकी कंपनियां, कंपोनेंट निर्माता, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता, निवेशक तथा दूरसंचार क्षेत्र के प्रमुख हितधारक भाग लेंगे। यह मंच उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ नए निवेश अवसरों को बढ़ावा देगा।
एचएफसीएल, डिक्सन, वीवीडीएन सहित अनेक अग्रणी कंपनियों ने जताया भरोसा
नई दिल्ली में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल के दौरान एचएफसीएल, डिक्सन, वीवीडीएन, कॉक्स एंड किंग्स इंक. सहित अनेक अग्रणी उद्योग समूहों ने इस परियोजना में निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उद्योग जगत की यह सकारात्मक भागीदारी भारत की दूरसंचार नीति, विनिर्माण क्षमता तथा निवेश-अनुकूल वातावरण में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
अब मुंबई इन्वेस्टर्स मीट से सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम विनिर्माण एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने तथा उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Continue reading on the app