टीम इंडिया से दो कोचों की विदाई, BCCI ने उनके योगदान को जमकर सराहा
BCCI ने असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी दिलीप को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद दिया है. दोनों कोचों का कार्यकाल समाप्त हो गया है. बोर्ड ने उनके समर्पण और पर्दे के पीछे की गई कड़ी मेहनत की सराहना की है.
पन्ना धान लापरवाही मामला: वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की सख्त कार्रवाई, अध्यक्ष के निरीक्षण के बाद शाखा प्रबंधक वंदना बागरी सस्पेंड
पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर ओपन कैप परिसर में लाखों क्विंटल धान के रखरखाव में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन ने निर्णायक कार्रवाई की है। कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच के औचक निरीक्षण के बाद पन्ना शाखा की शाखा प्रबंधक एवं गुणवत्ता नियंत्रक वंदना बागरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जिससे पूरे मामले में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई भंडारित धान की सुरक्षा में बरती गई घोर लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर ओपन कैप परिसर में वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 17,543 मीट्रिक टन धान का विशाल भंडार किया गया था। कॉर्पोरेशन के आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है कि 30 जून 2026 को किए गए निरीक्षण में इस भंडारित धान के स्टैकों पर लगे कैप-कवर बुरी तरह से फटे हुए पाए गए थे। इस स्थिति ने धान को खुले में छोड़ दिया था, जिससे उसकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
निरीक्षण में सामने आई कई बड़ी खामियां
फटे हुए कैप-कवर के कारण मानसून की संभावित बारिश का पानी सीधे धान के स्टैकों तक पहुंचने और बहुमूल्य फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करने की प्रबल आशंका जताई गई थी। निरीक्षण दल ने यह भी पाया कि कैप-कवर को सुरक्षित रूप से बांधे रखने के लिए आवश्यक कैप-नेट का उपयोग बिल्कुल नहीं किया गया था, जो रखरखाव के बुनियादी प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन था। इसके अतिरिक्त, स्टैकों के बीच निर्धारित पर्याप्त दूरी का अभाव था और पूरे कैप परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी, जिससे कीटों और नमी के कारण धान के खराब होने का खतरा और बढ़ गया था। यह सभी कमियां भंडारित खाद्यान्न की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों के विपरीत थीं।
यह मामला केवल विभागीय निरीक्षण तक सीमित नहीं था। कॉर्पोरेशन के ही दस्तावेजों में स्पष्ट उल्लेख है कि लक्ष्मीपुर कैप में भंडारित धान के खराब होने की आशंका को लेकर स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार खबरें प्रकाशित हो रही थीं। इन खबरों ने सार्वजनिक चिंताएं बढ़ा दी थीं और कॉर्पोरेशन पर कार्रवाई का दबाव था। निरीक्षण में सामने आई इन गंभीर कमियों के बाद कॉर्पोरेशन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया, ताकि निगम की विश्वसनीयता बनी रहे।
निलंबन आदेश में शाखा प्रबंधक की जिम्मेदारी तय
निलंबन आदेश में शाखा प्रबंधक वंदना बागरी की सीधी जिम्मेदारी तय की गई है। आदेश में कहा गया है कि शाखा प्रबंधक के रूप में उनका यह प्राथमिक दायित्व था कि शाखा का संचालन कॉर्पोरेशन द्वारा निर्धारित नियमों और नीतियों के अनुरूप हो। साथ ही, भंडारित धान का वैज्ञानिक तरीके से उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की क्षति से बचा जा सके और सरकारी संपत्ति सुरक्षित रहे।
शाखा प्रबंधक वंदना बागरी निलंबित
आदेश के अनुसार, बागरी द्वारा अपने निर्धारित दायित्वों का समुचित पालन नहीं किए जाने से न केवल धान की सुरक्षा खतरे में पड़ी, बल्कि मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की सार्वजनिक छवि भी बुरी तरह प्रभावित हुई। इसी गंभीर आधार पर उन्हें मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन एक्ट, 1962 की धारा 23(2)(a) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई निगम के नियमों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने का संदेश देती है।
कॉर्पोरेशन का यह निलंबन आदेश 3 अगस्त 2026 को क्रमांक मप्रवेलॉका/स्था/2026/2611 के तहत जारी किया गया। इस आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रबंध संचालक के हस्ताक्षर हैं, जो कार्रवाई की आधिकारिक प्रकृति को पुष्ट करते हैं। निलंबन अवधि के दौरान, वंदना बागरी को क्षेत्रीय कार्यालय सागर से संबद्ध किया गया है, और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान किया जाएगा, जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती और अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता।
इस कार्रवाई के बाद उठे कई सवाल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि आखिर 17,543 मीट्रिक टन धान जैसे विशाल भंडार के रखरखाव में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे संभव हुई? फटे हुए कैप-कवर को समय रहते क्यों नहीं बदला गया, जबकि उनका फटा होना स्पष्ट रूप से दिख रहा था और मीडिया में भी खबरें आ रही थीं? और क्या इस पूरे मामले में केवल शाखा प्रबंधक ही जिम्मेदार हैं, या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी, जिन्होंने निगरानी में चूक की? फिलहाल, पूरे मामले में आगे की जांच और संभावित अतिरिक्त कार्रवाई पर सभी की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना होगा कि कॉर्पोरेशन इस मामले को कितनी गहराई तक ले जाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
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