Protein Deficiency: शरीर में प्रोटीन की कमी पड़ सकती है भारी! इन 5 समस्याओं का बढ़ सकता है खतरा, ऐसे करें भरपाई
Protein Deficiency: प्रोटीन शरीर के लिए सिर्फ मसल्स बनाने वाला पोषक तत्व नहीं है, बल्कि यह कोशिकाओं की मरम्मत, हार्मोन और एंजाइम के निर्माण से लेकर इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने तक कई महत्वपूर्ण काम करता है। अगर शरीर को रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता, तो इसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखने लगता है। शुरुआत में थकान या कमजोरी जैसी सामान्य समस्याएं नजर आती हैं, लेकिन लंबे समय तक कमी रहने पर गंभीर स्वास्थ्य परेशानियां भी हो सकती हैं।
आजकल अनियमित खानपान, फास्ट फूड और असंतुलित डाइट के कारण कई लोग अनजाने में प्रोटीन की कमी का शिकार हो रहे हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जिम करने वाले लोगों को पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है।
प्रोटीन की कमी से शुरू हो सकती हैं 5 समस्याएं
मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं
प्रोटीन मसल्स की ग्रोथ और रिपेयर के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इससे ताकत कम होने लगती है, शरीर जल्दी थक जाता है और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल लग सकता है। लंबे समय तक कमी रहने पर मसल्स लॉस का खतरा बढ़ जाता है।
बार-बार बीमार पड़ना
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में भी प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। शरीर में पर्याप्त प्रोटीन न होने पर एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति को बार-बार सर्दी, खांसी, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियां परेशान कर सकती हैं।
बाल झड़ना और नाखून कमजोर होना
बाल और नाखून मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर में इसकी कमी होती है तो बाल बेजान होकर झड़ने लगते हैं और नाखून पतले व कमजोर हो जाते हैं। कई बार नाखून आसानी से टूटने भी लगते हैं, जो प्रोटीन की कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
घाव देर से भरना
शरीर में किसी भी चोट या घाव को ठीक करने के लिए नई कोशिकाओं का निर्माण जरूरी होता है और इसमें प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। यदि शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है तो घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और रिकवरी में अधिक समय लग सकता है।
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
यदि पर्याप्त कैलोरी के साथ प्रोटीन भी नहीं मिल रहा है, तो शरीर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बिना ज्यादा मेहनत किए भी थकान महसूस होती है, काम में मन नहीं लगता और कमजोरी बनी रहती है। यह संकेत लंबे समय तक नजर आए तो खानपान पर ध्यान देना जरूरी है।
इन तरीकों से पूरी करें प्रोटीन की कमी
- रोजाना डाइट में दाल, राजमा, छोले और सोयाबीन जैसी चीजें शामिल करें।
- दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पादों का नियमित सेवन करें।
- अंडा, मछली और चिकन जैसे हाई-प्रोटीन फूड्स को संतुलित मात्रा में लें।
- बादाम, मूंगफली, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे हेल्दी स्नैक्स खाएं।
- हर भोजन में प्रोटीन का एक स्रोत जरूर शामिल करें ताकि पूरे दिन शरीर को पर्याप्त मात्रा मिल सके।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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Healthy Evening Snacks: शाम की चाय के साथ बिस्किट खाना लगभग हर घर की आदत बन चुका है। लेकिन बार-बार एक ही तरह का स्नैक खाने की बजाय अगर आप कुछ टेस्टी और घर का बना विकल्प चुनें, तो यह सेहत के लिए भी बेहतर हो सकता है। खास बात यह है कि ये आसानी से घर में बन जाते हैं और रोज की डाइट का हिस्सा भी बनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं 8 ऐसे देसी स्नैक्स, जो बिस्किट की जगह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।
बिस्किट की जगह क्यों खाएं देसी स्नैक्स?
बाजार में मिलने वाले बिस्किट खाने से थोड़ी देर के लिए भूख शांत हो जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से कुछ खाने का मन करने लगता है। घर में बनने वाले देसी स्नैक्स पेट को ज्यादा देर तक भरा रखते हैं और शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं। अगर आप रोज शाम की चाय के साथ कुछ हेल्दी खाना चाहते हैं, तो ये विकल्प आपके लिए अच्छे हो सकते हैं।
भुना चना
भुना चना हल्की भूख मिटाने के लिए बढ़िया विकल्प है। इसे खाने से पेट देर तक भरा रहता है और इसे कहीं भी आसानी से साथ ले जाया जा सकता है। चाय के साथ भी इसका स्वाद अच्छा लगता है।
मखाना
मखाना हल्का, कुरकुरा और स्वादिष्ट स्नैक है। इसे थोड़ा-सा घी और हल्के मसालों के साथ भूनकर खाया जा सकता है। शाम की चाय के साथ यह एक अच्छा और हेल्दी विकल्प है।
ढोकला
अगर आपका मन कुछ हल्का खाने का है, तो ढोकला अच्छा विकल्प हो सकता है। बेसन से बनने वाला यह स्नैक तला हुआ नहीं होता, इसलिए इसे नाश्ते या शाम की हल्की भूख में खाया जा सकता है।
पोहा
पोहा सिर्फ सुबह के नाश्ते के लिए ही नहीं, बल्कि शाम की भूख मिटाने के लिए भी अच्छा है। इसमें मूंगफली, मटर और अपनी पसंद की सब्जियां डालकर इसे और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
स्प्राउट्स चाट
अंकुरित मूंग या चने की चाट स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखती है। इसमें टमाटर, प्याज, खीरा, हरा धनिया और नींबू डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
मूंग दाल चीला
अगर आपको कुछ गर्म और पेट भरने वाला खाना है, तो मूंग दाल का चीला अच्छा विकल्प है। इसे हरी चटनी के साथ खाया जा सकता है और यह देर तक भूख नहीं लगने देता।
इडली
इडली हल्की होती है और जल्दी पच जाती है। इसे सांभर या नारियल की चटनी के साथ खाया जा सकता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी के लिए अच्छा स्नैक है।
सूखे मेवे और भुनी मूंगफली
अगर जल्दी में कुछ खाना हो, तो बादाम, अखरोट, किशमिश और भुनी मूंगफली खा सकते हैं। इन्हें थोड़ी-सी मात्रा में खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और काफी देर तक भूख भी नहीं लगती।
अगर आप रोज चाय के साथ बिस्किट खाते हैं, तो कभी-कभी उसकी जगह इन देसी स्नैक्स को भी अपनी प्लेट में शामिल करें। ये न सिर्फ स्वाद बढ़ाएंगे, बल्कि पेट भी देर तक भरा रखेंगे। साथ ही घर में बने स्नैक्स अक्सर पैकेट वाले विकल्पों की तुलना में बेहतर माने जाते हैं।
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