7 साल में कितने भगोड़े लाए गए भारत? संसद में सरकार ने खोला पतरा
भगोड़े अपराधियों के खिलाफ केंद्र सरकार के सख्त रुख के चलते 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से कुल 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। इनमें 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण भी शामिल है।
रियल एस्टेट मार्केट में भारी गिरावट के बीच मुश्किल में फंसे चीनी नागरिक : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। चीन की लीडरशिप देश के रियल एस्टेट मार्केट में आई गिरावट को नजरअंदाज करती दिख रही है, जिससे आम नागरिकों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। द डिप्लोमैट के एक लेख के अनुसार, यह बात तब साफ तौर पर देखी गई, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई के हालिया दौरे पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रॉपर्टी मार्केट में आई मंदी का जिक्र तक नहीं किया।
आर्टिकल में कहा गया है, चीन में प्रॉपर्टी मार्केट का गिरना, जो 1990 के दशक में घर के मालिकाना हक की व्यवस्था बहाल होने के कुछ ही समय बाद हुआ, उन करोड़ों चीनी खरीदारों के लिए एक त्रासदी है, जिन्होंने या तो अपने घर खो दिए हैं या जो लोन के बोझ तले इतने दबे हुए हैं कि न तो री-फाइनेंसिंग मुमकिन है और न ही प्रॉपर्टी बेचना। अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले इस अहम सेक्टर में गिरावट आम नागरिकों की आर्थिक सेहत के लिए खतरा है।
इसमें यह भी बताया गया है कि चाइना रियल एस्टेट इंफॉर्मेशन के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर में टॉप 100 बिल्डरों द्वारा नए घरों की बिक्री में साल-दर-साल 42 प्रतिशत की भारी गिरावट के बाद, जर्मन न्यूज ब्रॉडकास्टर ड्यूश वेले (डीडब्ल्यू) ने रिपोर्ट किया कि चीनी अधिकारियों ने प्राइवेट डेटा प्रोवाइडर्स से घरों की बिक्री के आंकड़े पब्लिश करना बंद करने को कहा है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मई में रिपोर्ट किया था, खासकर शंघाई में प्रॉपर्टी की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं, लेकिन राष्ट्रीय बाजार पर अभी भी, 9 करोड़ खाली या अधूरे अपार्टमेंट, भारी बोझ हैं।
इसमें यह भी बताया गया है कि चीन की सभी घरेलू प्राथमिकताओं में, घर का मालिकाना हक और प्रॉपर्टी में निवेश वरदान और अभिशाप दोनों साबित हुए हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर केनेथ रोगॉफ ने अप्रैल में ब्रूकिंग्स पॉडकास्ट ऑन इकोनॉमिक एक्टिविटी में कहा था, रियल एस्टेट चीनी विकास मॉडल की नींव रहा है और अगर आप इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल करें, तो यह लंबे समय से चीन में कुल मांग का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रहा है।
आर्टिकल में यह भी कहा गया कि यह चीन के विकास के लिए एक्सपोर्ट के साथ-साथ एक इंजन की तरह रहा है। रोगॉफ ने जोर देकर कहा, हाउसिंग की कीमतों में गिरावट का मतलब है संपत्ति में भारी गिरावट, क्योंकि चीनी नागरिक अपनी संपत्ति का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा घरों में रखते हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग खुद को काफी गरीब महसूस करते हैं और उसी हिसाब से अपनी खपत कम कर देते हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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