भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को कांग्रेस सांसदों की कथित तौर पर स्पीकर को गाली देने और संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन करने के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने गांधीवादी सिद्धांतों से भटक गई है और उस पर अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी "गाली-गलौज और अराजकता की राजनीति" संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करती है, संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन करती है और भारत के संविधान का अपमान करती है।
एएनआई से बात करते हुए पूनावाला ने कहा कि यह एक चौंकाने वाला वीडियो है, और यह सब कुछ उजागर करता है... यह दिखाता है कि कांग्रेस अब 'गांधीवादी' नहीं रही। यह अराजकतावादी और 'गालीवादी' हो गई है। 25 सांसद स्पीकर को गाली दे रहे हैं, उन्हें धमका रहे हैं, उन्हें उंगली दिखा रहे हैं। राहुल गांधी की विशेषाधिकारवादी और आपातकाल वाली मानसिकता के कारण कांग्रेस 'संविधान तंत्र' (संविधान) से ऊपर 'परिवार तंत्र' (परिवार) को रखती है और हर संवैधानिक पद का दुरुपयोग करती है।
उन्होंने कहा कि राहुल की गाली-गलौज और अराजकता की राजनीति में लोगों का कोई भरोसा नहीं है। अपनी नाकामियों और झूठे दावों, खासकर नरवणे की किताब पर, से ध्यान हटाने के लिए वे अब संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ गाली-गलौज और अराजकता फैलाने का सहारा ले रहे हैं। यह संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन है। यह अंबेडकर के संविधान का भी अपमान है। उनकी यह टिप्पणी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस आरोप के बाद आई है कि करीब 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में घुस गए और उन्हें गाली दी।
पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता घटना के दौरान मौजूद थे और टकराव को बढ़ावा दे रहे थे। रिजिजू ने कहा कि मैं भी वहां था। स्पीकर बहुत नरम दिल के इंसान हैं; वरना सख्त कार्रवाई की जाती।
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अड़ियल होने और जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के इस रवैये के कारण बजट सत्र के दौरान सदन का कामकाज बाधित हो रहा है। एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में पासवान ने कहा कि एक पैटर्न उभर कर सामने आया है जिसमें विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, एक ही मुद्दे पर अड़ जाता है, जिससे सदन का कामकाज बाधित होता है और अन्य विपक्षी सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिलता।
पासवान ने कहा कि एक पैटर्न उभर कर सामने आ रहा है जिसमें विपक्ष, और विशेषकर कांग्रेस पार्टी, एक मुद्दा उठाती है और फिर सदन को चलने नहीं देती। जिस तरह से वे सदन को चलने नहीं दे रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि उन्हें कोई समस्या ही नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इतने अड़ियल हो गए कि वे केवल एक ही मुद्दा उठाते रहे, जहां न तो वे खुद बोले और न ही उन्होंने किसी और को (यहां तक कि विपक्ष से भी) बोलने दिया।
केंद्रीय मंत्री ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) की अप्रकाशित पुस्तक से कुछ अंश उद्धृत करने का प्रयास किया, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध जताया।
अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए सदन में उपस्थित न होने की सलाह दी थी और कुछ विपक्षी सदस्यों के व्यवहार को अभूतपूर्व और अनुचित बताया। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने के अपने कर्तव्य पर जोर दिया और सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास जाने या पोस्टर उठाने पर कड़ी आपत्ति जताई। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पासवान ने कहा कि विपक्ष की कुछ महिला सांसद बैनर लेकर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर आक्रामक रूप से बढ़ रही थीं, जिससे सदन में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
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