धीमी आंच, पुराने मसाले और देसी घी की खुशबू, घर पर ऐसे बनाएं महफिल-ए-नहारी का 'सिग्नेचर' स्वाद, जानें आसान विधि
Rampur Famous Nahari: रामपुर की नवाबी तहजीब का प्रतीक 'नहारी' आज भी अपनी शाही विरासत को समेटे हुए है, जिसे कभी नवाबों के नाश्ते के लिए रातभर धीमी आंच और खास मसालों के साथ पकाया जाता था. डायमंड रोड स्थित 'महफिल-ए-नहारी' में अदनान अली और आदिल खां इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं, जहां सादा, नल्ली और सबसे लोकप्रिय देसी घी वाली नहारी ₹150 से ₹500 के बीच परोसी जाती है. मात्र 10 किलो से शुरू हुआ इनका सफर आज स्वाद और गुणवत्ता के कारण 50 किलो प्रतिदिन की बिक्री तक पहुंच गया है, जिसे लोग गर्मागर्म रुमाली या तबा रोटी के साथ बड़े चाव से खाते हैं. रामपुर की हर गली में मशहूर यह व्यंजन, विशेषकर बोंग और मटन नहारी के रूप में, आज भी दूर-दराज से आने वाले खाने के शौकीनों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है.
क्या बाबरी मस्जिद बन भी पाएगी? सुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला, बोले-बाबर का नाम लिखने नहीं दूंगा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बाबरी मस्जिद को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है. बीजेपी नेता सुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर कहीं भी बाबरी मस्जिद बनाई जाएगी तो उसे तोड़ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय मस्जिद बना सकता है, लेकिन उसमें बाबर का नाम नहीं होना चाहिए. सुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में बाबर का नाम आगे बढ़ाया जाएगा, जबकि बीजेपी की सरकार में बाबर का नाम मिटा दिया जाएगा. उन्होंने बाबर को बाहरी मुगल और लुटेरा बताया. वहीं, उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हिमायु कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण की शुरुआत पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.
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