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MP में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला, 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचेंगे राहुल गांधी, पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात

आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचेंगे। वे बिरसा क्षेत्र के जगला गांव में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और उनसे पूरे मामले की जानकारी लेंगे। 13 दिनों में राहुल गांधी का यह दूसरा मध्यप्रदेश दौरा होगा।

इससे पहले 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान भी राहुल गांधी ने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बीमारी और कुपोषण से बच्चों की मौत को लेकर सरकार से सवाल किए थे।

बिरसी एयरपोर्ट से जगला गांव जाएंगे राहुल गांधी

राहुल गांधी 1 अक्टूबर को गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद बालाघाट के जगला गांव जाएंगे। दोपहर 2:15 बजे से 3 बजे तक वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद मीडिया से बात करेंगे और शाम 5:45 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस ने बच्चों की मौत और आदिवासी इलाकों में सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बच्चों को पोषण, इलाज, मच्छरदानी और टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं मिलीं, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देना ही काफी नहीं है, यह भी देखना होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक क्यों नहीं पहुंचा।

जून से सामने आने लगे बच्चों की मौत के मामले

बिरसा क्षेत्र के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौत के मामले जून से सामने आने लगे थे। 16 जून को बोंदारी गांव के 16 वर्षीय रूपलाल धुर्वे की मौत हुई। इसके बाद 26 जून को कोहनीमोड़टोला की 14 वर्षीय लमगिन धुर्वे और 27 जून को साहिल धुर्वे की मौत हुई।

इसके बाद बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका और आसपास के गांवों में भी बच्चों की मौत के मामले सामने आए। 22 जुलाई को अडोरी पंचायत के सरपंच ने बोंदारी में तीन बच्चों की मौत की जानकारी एसडीएम को दी। इसके बाद 12 अगस्त को जिला प्रशासन ने इलाके में बीमारी फैलने को लेकर पत्र जारी किया।

जांच में सामने आईं मौत की अलग-अलग वजह

मामला बढ़ने के बाद केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचीं और बच्चों के ब्लड सैंपल लिए गए। जांच में मलेरिया, खसरा, दोनों का संक्रमण, कुपोषण, एनीमिया, निमोनिया, शरीर में पानी की कमी और शॉक जैसी अलग-अलग वजह सामने आईं।

बच्चों की मौत की संख्या को लेकर सरकारी आंकड़े और कांग्रेस का दावा अलग-अलग है। सरकारी आंकड़ों में 32 बच्चों की मौत बताई गई है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि पांच महीने में 43 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक बिरसा क्षेत्र के छह गांवों में 30 बच्चों की मौत हुई। इनमें अडोरी में 11, मछुरदा में 7, घुमुर में 5, लालपुर में 4, मोहनपुर में 2 और माना में एक बच्चे की मौत शामिल है।

सीजेपी प्रमुख भी आ चुके हैं दौरे पर

इस मामले को लेकर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके भी 12 सितंबर को अडोरी, कोरका और बोंदारी पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद दावा किया था कि बच्चों की मौत की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से अधिक है। दीपके ने कुछ बच्चों का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप भी लगाया था और मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। अब 1 अक्टूबर को राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के साथ आदिवासी बच्चों की मौत और प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा फिर चर्चा में रहेगा।

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MP में 21 साल बाद सार्वजनिक बस सेवा की वापसी, नितिन गडकरी और सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” का शुभारंभ

मध्यप्रदेश में लगभग 21 साल बाद सार्वजनिक यात्री बस सेवा को नए स्वरूप में शुरू किया गया है। शुक्रवार को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसों को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। पहले चरण में सात शहरों से 351 बसों का संचालन शुरू किया गया है।

यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले चरण में करीब 1500 बसों के संचालन की योजना है। इसका उद्देश्य शहरों के साथ गांवों और कस्बों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ना है।

नितिन गडकरी बोले ” प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी”

इस अवसर पर नितिन गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत पीपीपी मॉडल पर 10 हजार बसों का संचालन शुरू किया जाना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 57 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नए मॉडल के माध्यम से इस योजना की शुरुआत की है। इससे प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से लगभग 45 हजार से 55 हजार रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किफायती परिवहन

नितिन गडकरी ने कहा कि आधुनिक बस सेवाओं से आम लोगों का आवागमन आसान होगा और परिवहन से जुड़ी उनकी समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग निजी टैक्सी का खर्च वहन नहीं कर सकते, उनके लिए ये बसें सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती परिवहन का माध्यम बनेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्यप्रदेश सरकार को बस सेवाओं की शुरुआत के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस इन बस सेवाओं का शुभारंभ प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने दी ये जानकारी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सेवा के तहत संचालित बसों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए बसों के संचालन पर नजर रखी जाएगी। बसों में जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाएं यात्रियों को उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी से बसों की स्थिति और संचालन की जानकारी मिल सकेगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

55 जिलों में सर्वे, 3000 से ज्यादा रूट चिन्हित

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में कैबिनेट के निर्णय के बाद प्रदेश के 55 जिलों में वैज्ञानिक अध्ययन कराया गया। इस दौरान 3000 से अधिक रूटों का सर्वे किया गया। इसी आधार पर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के रूट और विस्तार की योजना तैयार की गई है। सरकार की योजना पहले वर्ष में लगभग 1500 बसों के संचालन की है। इसके बाद हर साल 2500 से 3000 बसें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2031 तक लगभग 15 हजार बसों को निर्धारित रूटों पर संचालित करने की योजना है। सेवा का विस्तार 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

गांव-कस्बों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे गांवों और कस्बों तक आवागमन की सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन सुविधा से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार के साथ राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।

सात शहरों से 351 बसों का संचालन

‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन शहरों से कुल 351 बसें संचालित होंगी। इनमें इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बसें शामिल हैं। इंदौर से 145 बसें चलेंगी, जिनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें हैं। भोपाल में 106 बसों का संचालन होगा, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। जबलपुर में 67 बसें, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें शुरू की गई हैं। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के माध्यम से किया जाएगा, वहीं रूट, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं की निगरानी सरकार की ओर से की जाएगी।

पीएम ई-बस सेवा भी शुरू हुई

कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के साथ पीएम ई-बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। इसके जरिए सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया गया है। इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी हुआ। साथ ही मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड, आईआईएम इंदौर और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच हुए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।

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100वें टेस्ट में शतक जड़ने वाले 5 बल्लेबाज... 58 साल पहले हुई शुरुआत, खूब चला दिग्गजों का बल्ला

5 batsman Hundred in hundredth Test match: अपने करियर के 100वें टेस्ट मैच में शतक जड़ना क्रिकेट इतिहास की सबसे दुर्लभ और बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है. टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर में अब तक केवल पांच ही ऐसे महान बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने इस ऐतिहासिक आंकड़े को अपने शतक से यादगार बनाया है. इस खास फेहरिस्त में कॉलिन कॉड्रे, जावेद मियांदाद, गॉर्डन ग्रीनिज, एलेक स्टीवर्ट और इंजमाम-उल-हक जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं. इन सभी बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन पारियां खेलकर अपने इस मुकाम को हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है. Fri, 16 Oct 2026 05:01:03 +0530

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