पति संग स्पॉट हुईं करीना, तो उड़ने लगी प्रेग्नेंसी की अफवाह, जानें क्यों एक्ट्रेस को प्रेग्नेंट बोल रहे लोग?
Kareena Kapoor Third Pregnancy Rumours: करीना कपूर खान बॉलीवुड इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक हैं. अपनी फिल्मों के लिए तो करीना चर्चा में रहती ही हैं, लेकिन इस समय एक्ट्रेस अपने काम से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं. दरअसल, सोशल मीडिया पर खबरें उड़ रही हैं कि करीना तीसरे बच्चे की मां बनने वाली है. तो चलिए जानते हैं एक्ट्रेस की प्रेग्नेंसी की असली सच्चाई क्या है?
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील से टैरिफ की प्रभावी दर कम होकर 12-13 प्रतिशत रहने का उम्मीद : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय निर्यात पर टैरिफ की प्रभावी दर कम होकर 12-13 प्रतिशत होने की उम्मीद है, बशर्ते रेसिप्रोकल टैरिफ की दर 18 प्रतिशत पर बरकरार रहे। यह जानकारी एक रिसर्च रिपोर्ट में दी गई।
बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी 40-45 प्रतिशत है, जिस पर टैरिफ जीरो है और सेक्शन 232 के तहत लगने वाले टैरिफ को मिला दिया जाए तो प्रभावी टैरिफ की दर 12 प्रतिशत से कुछ ऊपर रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले चरण में सेक्शन 232 के तहत भारतीय निर्यात पर टैरिफ पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ऐसे में सेक्शन 232 के तहत भारतीय ऑटोमोबाइल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, लोहा, स्टील और एल्युमिनियम पर करीब 25 प्रतिशत टैरिफ जारी रह सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने से अधिक श्रम उपयोग वाले क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण जैसे सेक्टर शामिल है।
भारत द्वारा अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान अगले पांच वर्षों में खरीदने पर बोफा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह करीब 100 अरब डॉलर का सालाना सामान खरीदने का लक्ष्य है। मौजूदा समय में भारत का आयात बिल करीब 750 अरब डॉलर का है और इसमें अमेरिकी सामानों की हिस्सेदारी करीब 6 प्रतिशत है। इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अमेरिका से ज्यादा आयात का भारत के चालू खाते पर काफी सीमित असर होगा, क्योंकि भारत अन्य देशों विशेषकर रूस की जगह अमेरिका से ऊर्जा खरीद करेगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सेवाओं के निर्यात में सुधार से चालू खाता अधिशेष को बढ़ावा मिल सकता है, और दिसंबर 2025 तक चालू खाता अधिशेष में रहने का अनुमान है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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