Peeragarhi Triple Murder: तीन लाशों के मामले में हुआ बड़ा खुलासा, बाबा ने लड्डू में मिलाकर दिया था जहर
Peeragarhi Triple Murder: दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में मिली तीन लाश मामे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल दिल्ली पुलिस ने तांत्रिक कमरुद्दीन को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में सुनियोजित साजिश का भी पर्दाफाश किया है. पुलिस के मुताबिक तांत्रिक ने आर्थिक लाभ के लिए लड्डू में जहर मिलाकर दिया था.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने आर्थिक लाभ के लालच में एक सुनियोजित साजिश के तहत दो पुरुषों और एक महिला की हत्या की. बता दें कि यह मामला तब सामने आया जब 8 फरवरी को पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली कि एक कार में तीन शव पड़े हैं.
जहर मिले लड्डुओं से रची साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी कमरुद्दीन भोले-भाले लोगों को तांत्रिक अनुष्ठानों के जरिए “धनवर्षा” कराने का झांसा देता था. वह दावा करता था कि वह पैसे दोगुने कर सकता है और चमत्कार दिखाकर लोगों की आर्थिक समस्याएं दूर कर सकता है. पुलिस के अनुसार, वह पहले पीड़ितों का विश्वास जीतता, फिर उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करता था. वारदात के दिन आरोपी ने कथित तौर पर लड्डुओं में जहर मिलाकर पीड़ितों को खिलाया और मौका पाकर फरार हो गया. इसके बाद उनकी नकदी और कीमती सामान लेकर भाग निकला.
ऐसे मिला पुलिस को सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस को लोनी क्षेत्र में सक्रिय एक तथाकथित बाबा के बारे में अहम जानकारी मिली. पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कमरुद्दीन तक पहुंच बनाई गई. जांच में यह भी सामने आया कि मृतकों के पास करीब दो लाख रुपये नकद थे, जिन्हें वे “चमत्कार” के जरिए दोगुना कराने के लिए लेकर आए थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक महिला कुछ महीनों पहले भी अपने पति की बीमारी के इलाज और आर्थिक समस्या के समाधान के लिए आरोपी के संपर्क में आई थी.
आदतन अपराधी निकला आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास पुराना है. वर्ष 2014 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था. उस पर पहले भी इसी तरह के गंभीर आरोप लगे, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण वह बच निकलता था. इस बार पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया है.
अंधविश्वास बना जानलेवा
यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास और झूठे तांत्रिक दावों के खतरों को उजागर करती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है.
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भारत के क्विक-कॉमर्स सेक्टर में तेजी से बढ़ रहीं नौकरियां, टेक्नोलॉजी एवं डेटा से जुड़ी भूमिकाओं की मांग अधिक
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के क्विक-कॉमर्स सेक्टर में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की पोस्टिंग में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।
जॉब पोर्टल फाउंडइट की रिपोर्ट के मुताबिक, क्विक-कॉमर्स सेक्टर की ओर से की जानी वाली कुल नौकरियों की पोस्टिंग में अब व्हाइट-कॉलर जॉब्स की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत हो गई है। इसकी वजह कंपनियों की ओर से डेटा एनालिटिक्स, प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चने स्ट्रेटजी को प्राथमिकता देना है।
रिपोर्ट में बताया गया कि यह सेक्टर अब तेज विस्तार से हटकर , पूर्वानुमानशीलता और परिचालन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की ओर अग्रसर है।
फाउंडइट की मार्केटिंग उपाध्यक्ष अनुपमा भीमराजका ने कहा,“भारत का क्विक-कॉमर्स सेक्टर पैमाने-आधारित विकास से दक्षता और इंटेलिजेंस-आधारित विस्तार की ओर बढ़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि डेटा एनालिटिक्स, प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन स्ट्रेटेजी” के क्षेत्र में पेशेवरों की मांग मजबूत है, क्योंकि कंपनियां पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने, इन्वेंट्री मूवमेंट को अनुकूलित करने और ग्राहक अनुभव को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 में विभिन्न उद्योगों में कुल व्हाइट-कॉलर भर्ती माह-दर-माह 2 प्रतिशत घटी, लेकिन वर्ष-दर-वर्ष यह 9 प्रतिशत बढ़ी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में डिलीवरी और डार्क-स्टोर भूमिकाएं कुल हेडकाउंट में प्रमुख बनी हुई हैं, वहीं व्हाइट-कॉलर भूमिकाएं इस क्षेत्र का रणनीतिक केंद्र बनकर उभर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, डेटा और एनालिटिक्स आधारित भूमिकाएं व्हाइट-कॉलर जॉब्स में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट हैं, जिनकी व्हाइट-कॉलर जॉब्स में हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही और इन भूमिकाओं की पोस्टिंग में वर्ष-दर-वर्ष 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद प्रोडक्ट और ऑप्स टेक की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत रही है और इन भूमिकाओं की पोस्टिंग में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
सप्लाई चेन और नेटवर्क प्लानिंग की हिस्सेदारी क्रमशः 18 प्रतिशत रही और इनमें 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
डिमांड फोरकास्टिंग एनालिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर और नेटवर्क प्लानिंग मैनेजर भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली भूमिकाओं में शामिल रहे।
रिपोर्ट में बेंगलुरु को प्रमुख केंद्र बताया गया, जहां क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की हर चार में से एक व्हाइट-कॉलर नौकरी मौजूद है, जबकि हैदराबाद ने औसत से अधिक वृद्धि दिखाई, जो ऑप्स-टेक और स्केलेबल प्लानिंग भूमिकाओं से प्रेरित थी।
--आईएएनएस
एबीएस/
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