दिल्ली में कॉजपा का प्रदर्शन विफल, BJP ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को ‘‘बंधक’’ बनाने के इरादे से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाजपा नेता संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे विभिन्न नेताओं समेत 7000 से ज्यादा लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बीच कहा कि यह ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’’ है।
सत्तारूढ़ दल ने कॉजपा को केजरीवाल और गांधी की ‘‘बी-टीम’’ करार दिया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी, केजरीवाल और कॉजपा अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति को ‘‘बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कॉजपा ने आम आदमी पार्टी की ओर से ‘‘छद्म लड़ाई’’ लड़ने के लिए प्रदर्शन आहूत किया, लेकिन भारतीय लोकतंत्र ने उनकी ‘‘अराजकता फैलाने की मंशा’’ को विफल कर दिया।
सत्तारूढ़ दल ने शनिवार को लगातार दो संवाददाता सम्मेलन किए और पलटवार के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने राहुल गांधी को ‘‘नालायक’’ नेता कहा। उन्होंने शुक्रवार को दिए गए गांधी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक मुलाकात में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप का खंडन नहीं किया।
पात्रा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने अपनी ‘‘निराधार’’ टिप्पणियों से साबित कर दिया कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के योग्य नहीं हैं। पात्रा ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा है और टीवी तथा विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर जो दिखाया जा रहा है, वह भारत की वास्तविक तस्वीर नहीं है। भारत शांतिपूर्ण है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी और पूरे देश को बंधक बनाने की कोशिश की गई।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यहां हिंसा भड़काने, हाथापाई करने और सड़कों पर संघर्ष कराने की कोशिशें की गईं। लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा।’’ पात्रा ने कहा, ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई। आज दिल्ली में जिस तरह लोकतंत्र की ताकत सामने आई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है, उसे देखते हुए मैं फिर कहना चाहता हूं कि अराजकता फैलाने वालों की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका प्रदर्शन विफल रहा।’’ भाजपा मुख्यालय में एक अलग संवाददाता सम्मेलन में रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि विभिन्न चुनावों में हार के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों को ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘ये हारे हुए और हताश दल पिछले तीन-चार दिन से दिल्ली के लोगों को परेशान कर रहे हैं। वे सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन लोगों ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। लोकतंत्र की गरिमा ने उस पुरानी अराजकता को परास्त कर दिया है, जिसे विपक्ष भड़काने की कोशिश कर रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं।’’ पात्रा ने गांधी पर निशाना साधा और भारत में एलन मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर उनकी हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी आज मस्क का भारत में ‘स्वागत’ कर रहे हैं, जबकि इससे पहले उनकी पार्टी के नेताओं ने भारत में स्टारलिंक परियोजना को लाइसेंस देने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे। पात्रा ने वाम दलों के नेताओं और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं की तुलना भी मीर जाफर से की। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी चुनाव जीते बिना सत्ता में आने के लिए अराजकता फैला रहे हैं, जबकि वृंदा करात समेत अन्य वामपंथी नेता ‘वोट चोरी’ के निराधार आरोपों को लेकर हंगामा कर रहे हैं।
पात्रा ने दावा किया कि वामपंथी नेता ‘‘नक्सलवाद के जरिए वसूली गई रकम से अपने घर चलाते थे’’, जिसे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने खत्म कर दिया है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने आरोप लगाया, ‘‘आज मुकाबला मोदी बनाम मीर जाफरों के बीच है।’’ भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘पूरे देश को सड़कों पर अराजकता फैलाने की इस कोशिश पर ध्यान देना चाहिए। इसका मकसद चुनाव जीते बिना या चुनाव लड़े बिना ही सत्ता हथियाना है।
बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना है। इसके लिए वे देश को गिरवी रखने और दोहरे मापदंड अपनाने को भी तैयार हैं।’’ पात्रा ने आरोप लगाया कि भारत में मुगलों और अंग्रेजों ने ‘‘ऐसे ही मीर जाफरों’’ की वजह से सत्ता हथियाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यहां मोदी हैं और देश को अंग्रेजों तथा घुसपैठियों से केवल मोदी ही बचाएंगे।
यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की इस लड़ाई में भारत की जनता मोदी जी और देश के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मोदी को 140 करोड़ भारतीयों से ताकत मिलती है और वह उनके कल्याण के लिए काम करते हैं।’’ प्रसाद ने मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर गांधी की टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि भारत कोई ‘‘बनाना रिपब्लिक’’ (कमजोर शासन वाला देश) नहीं है। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस देश ने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके हैं और न ही कभी टेकेगा।
देश राष्ट्रीय हित में जरूरी कदम उठाएगा और किसी को भी एकाधिकार स्थापित करने की अनुमति नहीं देगा, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय।’’ मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था। उसने प्लासी की लड़ाई के दौरान नवाब के साथ विश्वासघात किया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ दिया, जिससे भारत में ब्रिटिश शासन का रास्ता साफ हुआ।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध, Kojpa का Jantar Mantar पर प्रदर्शन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। कॉजपा ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की। इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की।
शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा। शिंदे ने कहा, ‘‘सरकार ने सोचा होगा कि आज हिरासत में लिए जाने के बाद हम घर लौट जाएंगे। मोदी और शाह का यह डर दिखाता है कि हमने आधी लड़ाई जीत ली है।’’ कॉजपा के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, ‘‘आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें, लेकिन जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे।
हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’’ उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।’’ कॉजपा ने कहा कि कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम को मतदाता सूची से हटाए जाने और उनमें हेरफेर किए जाने के मामले में जवाबदेही तय होने तक देशभर में सविनय अवज्ञा आंदोलन और सड़क पर प्रदर्शन जारी रहेंगे।
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