उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने पर चर्चा
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को नई दिल्ली में सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात की। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई।
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मुलाकात विशेष महत्व रखती है। उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात की जानकारी साझा की गई।
पोस्ट में लिखा गया, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को नई दिल्ली में सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों के अहम पहलुओं पर चर्चा की। दोनों देश राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल पूरे कर रहे हैं।
पोस्ट में आगे लिखा गया, उन्होंने समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, चिकित्सा क्षेत्र, उच्च शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी और डिजिटलीकरण सहित सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी बात की।
एक अन्य पोस्ट में उपराष्ट्रपति की पिछली यात्रा को याद किया गया। पोस्ट में लिखा गया, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पिछले साल अक्टूबर में सेशेल्स की अपनी यात्रा को भी प्यार से याद किया, जब उन्होंने राष्ट्रपति हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अपने साझा विजन की पुष्टि की।
यह मुलाकात सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की भारत की पहली राजकीय यात्रा के दौरान हुई, जो 5 से 10 फरवरी 2026 तक चल रही है। अक्टूबर 2025 में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेशेल्स जाकर डॉ. हर्मिनी के शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बधाई संदेश पहुंचाया और भारत यात्रा का निमंत्रण दिया था।
दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हैं, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में। भारत सेशेल्स को समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचा विकास और क्षमता निर्माण में सहयोग प्रदान करता है। चर्चा में नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों पर जोर दिया गया।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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US-Iran Tension: खामेनेई ने तोड़ी अपनी 37 साल पुरानी परंपरा, ये अमेरिका का डर या फिर कुछ और?
US-Iran Tension: अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपनी 37 साल परंपरा को तोड़ दी है. 1989 में ईरान की सत्ता संभालने के बाद से लगातार खामेनेई ये काम कर रहे थे. दरअसल, पिछले 37 वर्षों से एयरफोर्स कमांडरों के साथ होने वाली सालाना मीटिंग में खामेनेई हिस्सा ले रहे थे. यहां तक कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी हुई मीटिंग में हिस्सा लिया था लेकिन इस बार आठ फरवरी को हुई बैठक में वे नहीं पहुंचे.
क्यो अहम है ये मीटिंग?
एयरफोर्स कमांडरों की मीटिंग आठ फरवरी 1979 की सालगिरह के रूप में आयोजित होती है. आठ फरवरी 1979 को एयरफोर्स के अधिकारियों के एक ग्रुप ने पहलवी राजवंश को हटाने के लिए रुहोल्लाह खुमैनी के प्रति वफादारी की कसम खाई थी. खुमैनी इस्लामिक रिपब्लिक के संस्थापक थे और सुप्रीम लीडर भी.
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खामेनेई की जगह कौन पहुंचा?
पिछले चार वर्षों से ये दिन एक प्रतीकात्मक घटना बन गई, जिसमें एयरफोर्स के जवान और कमांडर हर साल आठ फरवीर को ईरानी धार्मिक नेताओं से मुलाकात करते थे. इस साल चूंकि खामेनेई मीटिंग में नहीं पहुंचे, जिस वजह से उनकी जगह सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मौसवी ने एयरफोर्स कमांडरों से मुलाकात की.
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अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य ताकत
खामेनेई की गैर मौजूदगी ऐसे वक्त पर हुई, जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ गया. अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. ईरान पर अमेरिका के हमले का खतरा मंडरा रहा है. खामेनेई की गैरमौजूदगी को खतरे से बचने की कोशिश या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में व्यस्तता के रूप में देखा जा रहा है.
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