हर 7 में से एक व्यक्ति मानसिक समस्या से जूझ रहा, भोपाल में 112 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
भोपाल: मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं कितनी व्यापक हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया में हर सात में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या का सामना कर रहा है। इनमें आधे से ज्यादा मामलों की शुरुआत 14 साल की उम्र से पहले हो जाती है। इसके बावजूद मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी बनी हुई है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर भोपाल के जेपी अस्पताल स्थित ‘मनकक्ष’ में आयोजित शिविर में इसी जरूरत पर फोकस किया गया।
शिविर में 112 लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 24 लोगों को उपचार और परामर्श दिया गया। संयुक्त साइकोएजुकेशन सेशन में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक रोगों के साथ टेलीमानस सेवा और ‘मनहित’ एप की जानकारी भी दी गई।
परेशानी हो तो 24 घंटे टेलीमानस पर ले सकते हैं परामर्श
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या में घर बैठे भी विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है। केंद्र सरकार की ‘टेलीमानस’ सेवा के हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-891-4416 पर 24 घंटे कॉल किया जा सकता है। मानसिक समस्याओं की शुरुआती स्क्रीनिंग के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश ने ‘मनहित’ एप भी तैयार किया है, जिसे एंड्रॉयड फोन में प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या का सामना कर रहे व्यक्ति को सही उपचार और परामर्श मिलना उसका अधिकार है। इसके लिए समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इस साल विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “जीवन के वास्तविक अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाजें, असली बदलाव” रखी गई है।
शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा और जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन के मार्गदर्शन में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के उपसंचालक डॉ. निशांत मिश्रा, डॉ. प्रेमेन्द्र शर्मा और मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके बैरागी ने शिविर की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट राहुल शर्मा ने किया। भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता के ऐसे कार्यक्रम अगले एक सप्ताह तक जारी रहेंगे।
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