पौधे की पत्तियां अचानक बदल गई हैं? पीली, भूरी या कटी पत्तियां बता सकती हैं पौधे की परेशानी, ऐसे पहचानें संकेत
Plant Leaves Signs: पौधों की पत्तियां उनके स्वास्थ्य में बदलाव के संकेत दे सकती हैं. भूरी किनारी, पीली पत्तियां, धब्बे, छेद या फीकी रंगत के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं. इसलिए केवल पानी या खाद बढ़ाने के बजाय मिट्टी, रोशनी, नमी और कीड़ों की स्थिति देखकर देखभाल करना बेहतर है.
केंद्र सरकार पीएम धन-धान्य कृषि योजना से 100 आकांक्षी कृषि जिलों का कर रही तेज विकास
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) 11 अक्टूबर 2026 को अपना पहला वर्ष पूरा कर रही है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य लक्षित हस्तक्षेपों के जरिए 100 आकांक्षी कृषि जिलों का विकास करना है।
जिले की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करके यह योजना कृषि उत्पादकता, सिंचाई, ऋण तक पहुंच और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।
पीएमडीडीकेवाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को छह वर्षों की अवधि के लिए मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को इस योजना की औपचारिक शुरुआत की थी।
इस योजना को 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य सरकारों की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के समन्वय से लागू किया जा रहा है। इससे स्थानीय कृषि प्राथमिकताओं के अनुरूप कदम उठाने में मदद मिल रही है।
पीएमडीडीकेवाई का डैशबोर्ड अक्टूबर 2025 के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ। नवंबर 2025 से मासिक आउटपुट इंडिकेटर (प्रगति के प्रत्यक्ष संकेतकों) के आधार पर जिलों की रैंकिंग शुरू की गई, जिससे 100 जिलों में प्रगति की निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध हुई।
फैक्टशीट के अनुसार, सभी 100 धन-धान्य कृषि योजना (डीडीकेवाई) जिलों ने जिला कृषि योजनाएं (डीएपी) तैयार कर ली हैं और उनका कार्यान्वयन जारी है। समीक्षा और निगरानी के लिए राज्य, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। सभी 100 जिलों ने अगस्त 2026 तक के आउटपुट इंडिकेटर के आंकड़े जमा कर दिए हैं। सभी 100 जिलों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए परिणाम संकेतक के आंकड़े भी प्रस्तुत कर दिए हैं।
केंद्रीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं और जिलों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। सार्वजनिक उद्यम विभाग ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत डीडीकेवाई जिलों को अपनाने को शामिल किया है।
फैक्टशीट के अनुसार, छह उद्देश्यों के आधार पर 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से बढ़कर अगस्त 2026 में 46.89 हो गया। इस तरह स्कोर में 28.04 अंकों का सुधार दर्ज किया गया।
इसके अलावा, योजना के पहले वर्ष में किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए अनुभव साझा करने और नए अवसर तलाशने के मंच भी तैयार किए गए।
दिसंबर 2025 में आयोजित पीएम-डीडीकेवाई एफपीओ संगम में 15 राज्यों और पीएम-डीडीकेवाई के 33 जिलों के 72 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, बाजार तक पहुंच बनाने और किसानों की आय में सुधार से जुड़े अनुभव साझा किए गए। इसमें प्राकृतिक खेती, तिलहन, मधुमक्खी पालन, संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई, संस्थागत वित्त और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
--आईएएनएस
एबीएस
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