अदाणी यूनिवर्सिटी ने एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स पर आईईटीई पश्चिम क्षेत्र सेमिनार और आईएसएफ कांग्रेस 2026 की मेजबानी की
अहमदाबाद, 7 फरवरी (आईएएनएस)। अदाणी यूनिवर्सिटी एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स में ‘ट्रेंड्स और इनोवेशन’ विषय पर आयोजित आईईटीई वेस्ट जोन सेमिनार और आईईटीई स्टूडेंट्स फोरम (आईएसएफ) कांग्रेस 2026 के लिए एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरा है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी की ओर से शनिवार को दी गई।
यूनिवर्सिटी ने बताया कि दिल्ली मुख्यालय वाले इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स (आईईटीई) द्वारा आयोजित यह बहु-स्थलीय कार्यक्रम अहमदाबाद और गांधीनगर में अंतरिक्ष, रक्षा, बैंकिंग और शिक्षा जगत के लीडर्स को एक साथ लेकर आया।
उद्घाटन सत्रों की मेजबानी कर अदाणी यूनिवर्सिटी ने प्रौद्योगिकी-केंद्रित शिक्षा और अनुसंधान के एक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया, साथ ही एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षमताओं को सुदृढ़ करने के राष्ट्रीय प्रयासों में योगदान दिया।
मुख्य भाषण अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष राजवंशी ने दिया, जिसमें उन्होंने राष्ट्र निर्माण में इलेक्ट्रॉनिक्स और एवियोनिक्स की बढ़ती भूमिका, आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तथा विकसित भारत 2047 की दिशा में रोडमैप पर अपने विचार साझा किए।
अदाणी यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट प्रोफेसर (डॉ.) धवल पुजारा ने नवाचार-प्रेरित शिक्षा, अनुसंधान में उत्कृष्टता तथा उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग पर यूनिवर्सिटी के फोकस के बारे में बताया।
उद्घाटन संबोधन आईईटीई के अहमदाबाद केंद्र की अध्यक्ष प्रीति अग्रवाल ने दिया।
आईईटीई के अध्यक्ष सुनील ने इस दौरान कहा कि सेमिनार में एयरोस्पेस क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान प्रगति और नवाचार प्रवृत्तियों पर तकनीकी सत्रों और विशेषज्ञों के नेतृत्व में चर्चाओं की एक श्रृंखला शामिल थी।
सत्र अहमदाबाद और गांधीनगर—दोनों स्थानों पर आयोजित किए गए। उद्घाटन समारोह आज अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित अदाणी यूनिवर्सिटी परिसर में हुआ, जिसकी शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
उद्योग जगत के पेशेवरों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे यह कार्यक्रम ज्ञान के आदान-प्रदान का एक गतिशील मंच बन गया।
इस आयोजन में इसरो के स्पेस एप्लिकेशंस सेंटर के निदेशक निलेश देसाई ने मुख्य अतिथि के रूप में और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष पांडेय ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मलेशिया में भारतीय संस्कृति की दिखी अनुपम छटा, बना रिकॉर्ड, पीएम मोदी बोले- सब बधाई के पात्र
कुआलालंपुर, 7 फरवरी (आईएएनएस)। मलेशिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में सेलामत दातंग मोदीजी (आपका स्वागत है मोदी जी) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। एक ही धुन पर 800 कलाकारों ने भारतीय लोक और शास्त्रीय कला को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ मौजूद पीएम मोदी ने कलाकारों के इस जज्बे की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में भारतीय मूल के लोगों की प्रशंसा के साथ ही उस रिकॉर्ड का भी जिक्र किया जो कलाकारों ने गढ़ा। उन्होंने इसे मलेशिया में भारतीय संस्कृति का शानदार जश्न करार दिया। पीएम मोदी ने लिखा, कुआलालंपुर में आयोजित समारोह का मुख्य आकर्षण नृत्य प्रस्तुति थी, जिसने मलेशिया में एक रिकॉर्ड बनाया। जो भी इस नृत्य प्रस्तुति का हिस्सा बने उन सभी को बधाई।
बता दें, यह सेलामत दतंग मोदीजी नाम से ये समारोह माइंस इंटरनेशनल एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। भारतीय प्रवासियों की ओर से आयोजित इस इवेंट में लगभग 800 डांसर्स ने लगातार पांच मिनट तक कोरियोग्राफ्ड डांस प्रस्तुति दी। इसमें भारत की जीवंत संस्कृति दिखी। समारोह में हजारों की संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल हुए, जो भारत-मलेशिया के सांस्कृतिक और निवासियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का माध्यम बना।
एमईए ने भी एक पोस्ट के जरिए पीएम मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री की बॉन्डिंग को सराहा। इसमें लिखा गया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुआलालंपुर में पीएम अनवर इब्राहिम के साथ सेलामत दातंग मोदीजी कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। माहौल गर्मजोशी, ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ था। इस कार्यक्रम का हिस्सा 12,000 लोग बने। इनमें प्रवासी भारतीय और मलेशिया के हमारे दोस्त शामिल थे।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारत और मलेशिया के बीच एक जीवित और जीवंत पुल बताया। उन्होंने भारत और मलेशिया के बीच साझा विरासत और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने भारत-मलेशिया दोस्ती को और मजबूत करने के लिए पीएम अनवर इब्राहिम को उनके अटूट समर्पण के लिए धन्यवाद भी दिया।
--आईएएनएस
केआर/
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