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कॉजपा के Delhi प्रदर्शन पर यूपी सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा, कई ट्रेनें रद्द

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और राष्ट्रीय राजधानी जाने वाली कई ट्रेनें रद्द होने के कारण लोगों को यात्रा के वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े या अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा और गाजियाबाद जैसे जिलों में भी पुलिस कड़ी निगरानी रख रही है। गाजियाबाद के ‘ट्रांस हिंडन’ क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रिजुल ने शनिवार को कहा, ‘‘दिल्ली में आज कॉजपा के प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर गाजियाबाद में विभिन्न सीमा चौकियों पर वाहनों की जांच की जा रही है।’’ उन्होंने बताया कि अब तक करीब 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘दिल्ली देश की राजधानी है और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी साझा जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने बताया कि दिल्ली की सीमा के पास जांच अभियान का मकसद राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे उपद्रवी तत्वों की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और सीमा पर अन्य स्थानों में भी इसी तरह वाहनों की जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा, ‘‘वाहनों की जांच के दौरान हम ऐसी वस्तुओं की तलाश करते हैं, जिन्हें ले जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए या जिनसे सुरक्षा संबंधी खतरा पैदा हो सकता है।

संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।’’ उन्होंने बताया कि लोनी बॉर्डर, साहिबाबाद गार्डन और महाराजपुर बॉर्डर जैसे स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सूर्यबली मौर्य ने शनिवार को ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘हम शुक्रवार से यहां सुरक्षा जांच कर रहे हैं। हमारा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।

स्थानीय पुलिस के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवान भी मुस्तैद हैं।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि यातायात सुचारू बना रहे और लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। मौर्य ने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर औचक जांच भी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की जांच के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है और हम उसका पालन कर रहे हैं।’’ इस बीच, गौतम बुद्ध नगर में नोएडा-दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) अभय कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है। शांति बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है।’’ दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। इनमें वे यात्री भी शामिल हैं, जिन्होंने करीब दो महीने पहले ही टिकट बुक करा लिए थे।

रेलवे ने नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास सड़क यातायात बाधित होने की आशंका को ट्रेनें रद्द करने का कारण बताया है। हालांकि, इस फैसले को कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हिमांशु कुमार श्रीवास्तव और अभिषेक सिंह नाम के दो यात्रियों को शनिवार को दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए साक्षात्कार देना था।

दोनों ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कंपनी ने उनका साक्षात्कार सोमवार तक स्थगित करने से इनकार कर दिया जिससे वे काफी परेशान थे। आखिरकार, दोनों सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने दिल्ली से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें तीन बार टैक्सी बदलनी पड़ी।

शुक्र है कि हम शनिवार सुबह जल्दी दिल्ली पहुंचने में कामयाब रहे।’’ रेलवे बोर्ड के एक परिपत्र के अनुसार, शनिवार (नौ अक्टूबर) को अपराह्न दो बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से रवाना होने वाली और शनिवार (10 अक्टूबर) को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था। रेलवे ने इसके लिए दोनों स्टेशनों के बीच सड़क यातायात की अप्रत्याशित स्थिति को जिम्मेदार ठहराया। उत्तर मध्य रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे हेल्पलाइन नंबर, राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) ऐप या रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यमों से अपनी ट्रेनों की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई थी।

उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने कहा कि नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका के कारण लखनऊ मंडल से चलने वाली कुछ ट्रेनें 10 अक्टूबर को रद्द रहेंगी। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी भीड़ के कारण पिछले कुछ दिनों में करीब 5,000 यात्री अपनी ट्रेनें नहीं पकड़ पाए। उन्होंने कहा कि ट्रेनें रद्द करने का मकसद यात्रियों को भारी परेशानी से बचाना था।

टैक्सी चालक आशु दीक्षित ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दिल्ली जाने वाली प्रमुख ट्रेनें अचानक रद्द होने के बाद प्रभावित यात्रियों के फोन शुक्रवार से ही टैक्सी संचालकों के पास आने लगे थे।’’ टैक्सियों की मांग बढ़ने के कारण कुछ निजी संचालकों ने किराया भी बढ़ा दिया। दीक्षित ने कहा, ‘‘शुरू में हमें लगा कि टैक्सियों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, लेकिन बाद में पता चला कि गहन जांच के बाद वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।’’ कई लोगों ने बताया कि उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। सुंदरपुर निवासी अमित ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए दिल्ली जाना था, लेकिन वाराणसी और मुगलसराय से दिल्ली जाने वाली ट्रेनें रद्द होने के कारण उन्हें अपनी यात्रा टालनी पड़ी।

उन्होंने कहा, ‘‘शिवगंगा एक्सप्रेस में मेरा आरक्षण पक्का था, लेकिन ट्रेन रद्द होने के कारण मुझे अपनी यात्रा की तारीख बदलनी पड़ी।’’ युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता विकास सिंह ट्रेन रद्द होने के बाद वाराणसी से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘‘हम खुशकिस्मत थे कि विमान का किराया वहन कर सके, लेकिन मजदूरों और छात्रों का क्या होगा?’’ मथुरा के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि ट्रेन रद्द होने के कारण शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी। शर्मा इससे पहले यमुना नदी में प्रदूषण की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर मथुरा में चर्चा में आए थे।

शर्मा ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शुक्रवार रात मैं दिल्ली के लिए निकला था, लेकिन पुलिस ने मुझे वहां जाने से रोक दिया और मुझे आगरा-नोएडा एक्सप्रेसवे से घर लौटना पड़ा।

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Indian Sweet Recipe: उबले आलू से घर पर बनाएं टेस्टी Crispy Jalebi, नोट करें बनाने का आसान तरीका

कुरकुरी जलेबी का नाम सुनते ही हम सभी के मुंह में पानी आ जाता है। चाशनी में डूबी गरम-गरम क्रिस्पी जलेबी दही के साथ खाने पर ज्यादा अच्छी लगती हैं। ऐसे में अगर सुबह के नाश्ते में जब कुछ मीठा खाने का दिल करता है, तो हम अक्सर बाजार से जलेबी मगंवा लेते हैं। हालांकि कुछ ज्यादा मैदे से बनी होने की वजह से जलेबी नहीं खाते हैं। वहीं अगर आप भी ज्यादा मैदे वाली जलेबी खाने से परहेज करती हैं, तो आप उबले हुए आलू से जलेबी बना सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको आलू से जलेबी बनाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।

सामग्री

उबले हुए आलू - 2 मीडियम साइज के
मैदा - आधा कप
कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा - 2 बड़े चम्मच
दही - 2 बड़े चम्मच
बेकिंग सोडा - 1 चुटकी
पानी - आवश्यकतानुसार (घोल बनाने के लिए)
चीनी - 1 कप (चाशनी के लिए)
केसर के धागे या फूड कलर - थोड़ा सा (वैकल्पिक)
घी या तेल - जलेबी तलने के लिए (जरूरत के अनुसार)

ऐसे बनाएं

सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप पानी और 1 कप चीनी डालकर गैस पर रख दें। अब इसको तब तक उबालें, जब तक कि चीनी घुल न जाए और चाशनी हल्की सी चिपचिपी न हो जाए। इसमें आप थोड़ा सा इलायची पाउडर या केसर भी मिला सकती हैं।

फिर एक बाउल में अच्छे से मैश किए उबले आलू डालें। इसमें कॉर्नफ्लोर, मैदा और दही डालकर अच्छे से फेंटे, जिससे कि गुठली न रह जाए। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इडली जैसा गाढ़ा घोल तैयार करें।

इसको तलने से ठीक पहले इस बैटर में 1 चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं। फिर बैटर को किसी खाली बोतल या किसी दूध की थैली में भर लें। अब नीचे से छोटा सा कोना काट लें और एक कड़ाही में तेल को मीडियम फ्लेम पर गर्म कर लें।

अब गोल-गोल घुमाते हुए जलेबियां बनाएं और मीडियम फ्लेम पर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक भूनें। फिर तली हुई जलेबियों को निकालकर फौरन हल्दी गर्म चाशनी में डालें।

इसके बाद 1-2 मिनट चाशनी में रखने के बाद जलेबियों को बाहर निकाल लें। फिर इसको गरमा-गरम सर्व करें। अगर आप कुरकुरी जलेबी के स्वाद को बढ़ाना चाहती हैं, तो इसको दही के साथ सर्व करें।

इन बातों का रखें ध्यान

आलू में गांठें नहीं होनी चाहिए, वरना जलेबी बनाने के दौरान थैली या पाइपिंग बैग में रुकावट आ सकती है।

जलेबी को तलने के दौरान तेल न तो ज्यादा गर्म न ज्यादा ठंडा होना चाहिए। मीडियम फ्लेम रखने पर जलेबी अंदर तक क्रिस्पी बनती है।

ध्यान रहे कि चाशनी बहुत ज्यादा उबलती हुई या फिर ज्यादा ठंडी नहीं होनी चाहिए। हल्की गर्म चाशनी में डलेबी डालने से रस अंदर तक भरता है।

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वनडे के 5 कप्तान...जिन्होंने एक मैच में लिए सबसे ज्यादा विकेट, 25 साल से कायम है विश्व कीर्तिमान

5 captain took most wicket in an a ODI match: वनडे क्रिकेट में जब कप्तान खुद गेंद संभालकर मैच का रुख बदलता है, तो वह पल ऐतिहासिक बन जाता है. वकार यूनिस के नाम बतौर कप्तान एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है. विवियन रिचर्ड्स, ड्वेन ब्रावो और गुलबदिन नैब जैसे कप्तानों ने भी साबित किया कि दबाव में नेतृत्व कैसे किया जाता है. 5 वनडे कप्तानों के बारे में जानते हैं जिन्होंने एक पारी में सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम किए. Sat, 10 Oct 2026 21:33:10 +0530

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