Bihar News: यहां बनेगा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
Bihar News: बिहार के सारण जिले के सोनपुर के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. यहां ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बनाने की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ रहा है. प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए करीब 4228 एकड़ जमीन की पहचान कर ली है. इसके साथ ही 1302 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में बताई जा रही है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक चलता है, तो आने वाले समय में सोनपुर को एक आधुनिक हवाई अड्डे की सौगात मिल सकती है.
क्या होता है ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का मतलब होता है ऐसा हवाई अड्डा, जो पूरी तरह नई और खाली जमीन पर बनाया जाता है. यानी उस जगह पर पहले कोई एयरपोर्ट या पुरानी इमारत मौजूद नहीं होती. ऐसे एयरपोर्ट में रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, कंट्रोल टावर, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़ी सभी सुविधाएं बिल्कुल शुरुआत से तैयार की जाती हैं. यही वजह है कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक के अनुसार बेहतर तरीके से डिजाइन किया जा सकता है.
यात्रियों की सुरक्षा का रखा जाएगा ख्याल
सोनपुर में बनने वाले इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. इसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और सफर ज्यादा आसान हो जाएगा. एयरपोर्ट बनने से न सिर्फ सारण जिला, बल्कि आसपास के इलाकों का भी देश के बड़े शहरों से सीधा हवाई संपर्क हो सकेगा.
इलाके में रोजगार के खुलेंगे अवसर
इस हवाई अड्डे के बनने से इलाके को कई बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है. सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में सामने आएगा. एयरपोर्ट के निर्माण के दौरान और उसके संचालन के समय स्थानीय लोगों को नौकरी के नए अवसर मिलेंगे. इसके अलावा पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. सोनपुर मेला, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक जगहों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी.
सांसद रूडी की अहम भूमिका
इस परियोजना के पीछे सारण के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की अहम भूमिका मानी जा रही है. वे लंबे समय से सोनपुर में हवाई अड्डा बनाने की मांग करते आ रहे थे. अब जमीन चिन्हित होने और सरकारी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इसे उनकी बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.
बदल जाएगी सारण जिले की तस्वीर
अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही प्रशासनिक मंजूरी मिलती है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. माना जा रहा है कि यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट सोनपुर और पूरे सारण जिले की तस्वीर बदल देगा और विकास को नई ऊंचाई देगा. सोनपुर अब सच में एक नई उड़ान भरने को तैयार है.
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भारत की एनर्जी स्टोरी में विदर्भ की अहम भूमिका, अदाणी ग्रुप इस क्षेत्र की यात्रा को देगा गति: जीत अदाणी
नागपुर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। अदाणी डिफेंस और एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की एनर्जी स्टोरी की विदर्भ की अहम भूमिका है और विदर्भ में अदाणी समूह की मौजूदगी केवल लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों तक चलने वाला है।
यहां ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ को संबोधित करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह यहां ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण करने, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करने, समुदायों को सशक्त बनाने और भारत की आर्थिक नींव को मजबूत करने के लिए मौजूद है।
अदाणी एयरपोर्ट्स में भी डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा, यहां हमारे निवेश तीन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं, जिनमें भारत के स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा भविष्य को सशक्त बनाना, एकीकृत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम का विकास करना और समुदायों एवं युवाओं के लिए समावेशी विकास को सक्षम बनाना शामिल है।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, तिरोड़ा में हम महाराष्ट्र के सबसे बड़े और अत्याधुनिक 3,300 मेगावाट सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट का संचालन करते हैं, जिसे दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के सर्वोच्च वैश्विक मानकों के अनुसार बनाया गया है। 2025 में, हमने 600 मेगावाट के बुटीबोरी पावर प्लांट को पुनर्जीवित किया, जो तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान और भारत की बिजली अवसंरचना को मजबूत करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
जीत अदाणी ने आगे कहा कि 25 वर्षों के आपूर्ति समझौते के माध्यम से हम अब महाराष्ट्र के लिए 6,600 मेगावाट भरोसेमंद बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, जिसमें खावड़ा से सौर उत्पादन और मजबूत तापीय बेसलोड आपूर्ति का संयोजन है। यह महाराष्ट्र के उद्योगों, इसके शहरों और इसकी डिजिटल अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाली रीढ़ है।”
इसके अलावा, सबसे परिवर्तनकारी प्रतिबद्धताओं में से एक कलमेश्वर के लिंगा में 70,000 करोड़ रुपए का एकीकृत कोयला गैसीकरण एवं डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स कॉम्प्लेक्स है।
यह परियोजना 30,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी, उन्नत रासायनिक विनिर्माण क्षमताओं का निर्माण करेगी, महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी और नागपुर को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी।
उन्होंने आगे कहा, “विमानन और रक्षा क्षेत्र में, इंडामर टेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड के हमारे अधिग्रहण ने मिहान में हमारे 30 एकड़ के एमआरओ कॉम्प्लेक्स का विस्तार किया है। 15 विमान बे, एफएए और डीजीसीए प्रमाणन तथा एयर वर्क्स के वैश्विक नेटवर्क के साथ एकीकरण के साथ, नागपुर तेजी से विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर रहा है।
गोंदिया और नागपुर में अदाणी फाउंडेशन 43 स्वयं सहायता समूहों, फॉर्च्यून सुपोषण पोषण कार्यक्रम और सौर प्रकाश, स्वच्छ जल, खेल और स्कूल विकास की पहलों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का समर्थन कर रहा है।
जीत अदाणी ने कहा, “मैं विदर्भ को केवल महाराष्ट्र का एक क्षेत्र नहीं, बल्कि ऐसा क्षेत्र मानता हूं जो आने वाले दशकों में भारत की विकास गाथा को परिभाषित करने में मदद करेगा।”
--आईएएनएस
एबीएस/
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