पाकिस्तान: पीटीआई संस्थापक इमरान खान की याचिका खारिज, जेल में पर्सनल डॉक्टर से मिलने पर रोक
रावलपिंडी, 7 फरवरी (आईएएनएस)। रावलपिंडी की एंटी-टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मेडिकल पिटीशन खारिज कर दी। उन्होंने जेल में अपने निजी डॉक्टरों से मिलने और मेडिकल चेकअप की इजाजत मांगी थी। अदालत ने कहा कि जेल नियमों के अनुसार इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
स्थानीय मीडिया समूहों ने इसकी जानकारी दी। प्रमुख मीडिया हाउस डॉन के अनुसार इस फैसले के बाद पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट में फिर अपील की है। इसमें परिवार और डॉक्टरों से मिलने की मांग की गई है।
जियो न्यूज ने बताया कि इमरान के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वे फिलहाल जीएचक्यू हमले मामले में जमानत पर हैं; वे एक विचाराधीन कैदी हैं, दोषी नहीं। उन्होंने कहा कि आपराधिक अदालत के पास जमानत पर किसी संदिग्ध की हिरासत को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है।
हालांकि अभियोजक ने यह भी बताया कि पाकिस्तान जेल नियमों के तहत, किसी भी कैदी के लिए निजी डॉक्टर नियुक्त नहीं किए जाते हैं और मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत निजी चिकित्सा देखभाल प्रदान नहीं की जाती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने इमरान के निजी डॉक्टरों से मिलने की याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि इमरान का हाल ही में इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में आंखों का इलाज हुआ था, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की थी कि रक्त वाहिकाओं में दबाव के कारण उनकी दृष्टि प्रभावित हुई है। पीटीआई ने सरकार पर कई दिनों तक उनकी मेडिकल स्थिति का विवरण छिपाने का आरोप लगाया है।
हम न्यूज के अनुसार नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता महमूद खान अचकजई ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इमरान की जांच उनकी विश्वसनीय मेडिकल टीम द्वारा की जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल नैतिकता, कानूनी दायित्वों और मौलिक मानवाधिकारों के अनुसार, इमरान के निजी डॉक्टरों के लिए उनकी सेहत का ठीक से आकलन और प्रबंधन करने के लिए व्यापक जांच करना अत्यंत आवश्यक है।
इमरान के परिवार ने भी उनके पर्सनल डॉक्टर को उनसे मिलने की इजाजत मांगी थी, जिनके बारे में उनका कहना है कि उन्हें एक साल से ज्यादा समय से इमरान की जांच करने की इजाजत नहीं दी गई है।
हालांकि, अडियाला जेल प्रशासन ने साफ किया कि इमरान को कानून के तहत बी-क्लास कैदियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसमें उनकी पसंद का खाना, हेल्थकेयर, पढ़ने का सामान, एक्सरसाइज और वॉक शामिल हैं।
72 साल के इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं, जब उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। उनका कहना है कि 2022 में संसदीय वोट से उन्हें पद से हटाने के बाद ये मामले राजनीतिक मकसद से बनाए गए हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए देशों, इनोवेटर्स और नागरिकों को एक मंच पर लाएगा
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट समावेशी और जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकसित करने के लिए देशों, इनोवेटर्स और नागरिकों को एक मंच पर लाएगा।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को 19 से 20 फरवरी के बीच दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया - आस्क अवर एक्सपर्ट्स के ताजा एपिसोड में सिंह ने कहा कि यह समिट तकनीकी चर्चाओं से परे जाकर इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शासन, स्टार्टअप, सेवाओं और रोजगार के क्षेत्र में अपने लाभ के लिए एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं।
सिंह ने आगे कहा, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य नागरिकों को यह समझने में मदद करना है कि एआई दैनिक जीवन को कैसे बेहतर बना सकता है, नए अवसर पैदा कर सकता है और भारत को भविष्य के लिए तैयार कर सकता है।
सिंह ने बताया कि एआई किसानों को फसल नियोजन में सुधार करने में मदद कर सकता है, डॉक्टरों को तेजी से और अधिक सटीक निदान करने में सक्षम बना सकता है, शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण उपकरणों के साथ सहायता प्रदान कर सकता है, छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप को तेजी से विस्तार करने में सहायता कर सकता है, और नौकरी चाहने वालों को नए करियर पथ खोजने में मदद कर सकता है।
उन्होंने आम आशंकाओं और भ्रांतियों को भी दूर किया और स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य मनुष्यों का स्थान लेना नहीं, बल्कि मानवीय क्षमताओं को बढ़ाना है।
सिंह ने कहा, “हालांकि कुछ कार्यों में बदलाव आएगा, लेकिन एआई से नए रोजगार, नए कौशल और नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है - विशेष रूप से भारत के युवाओं, पेशेवरों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के लिए। नागरिकों को व्यवधान के भय के बजाय निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता और एआई साक्षरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।”
उन्होंने नागरिकों से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि भारत की एआई यात्रा तभी सफल होगी जब लोग एआई को समझेंगे, उस पर भरोसा करेंगे और उसका जिम्मेदारी से उपयोग करेंगे।
--आईएएनएस
एबीएस/
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