रूस-यूक्रेन वार्ता का दूसरा दौर यूएई में कैदियों की अदला-बदली के साथ खत्म हुआ, मुख्य मतभेद अनसुलझे रहे
अबू धाबी, 6 फरवरी (आईएएनएस) अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत का दूसरा दौर पूरा हो गया है। इस बातचीत में दोनों देशों ने बड़े पैमाने पर कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई, लेकिन क्षेत्रीय व्यवस्था और युद्धविराम जैसे मुख्य मुद्दों पर कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई।
यूक्रेन के अनुसार, बातचीत पहले तीन देशों के बीच हुई और उसके बाद समूह स्तर पर चर्चा की गई। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने कहा कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने सम्मानजनक और स्थायी शांति की मांग की, लेकिन उन्होंने किसी खास नतीजे का खुलासा नहीं किया।
गुरुवार को बातचीत खत्म हुई, लेकिन रूस और यूक्रेन की ओर से कोई संयुक्त राजनीतिक या सुरक्षा बयान जारी नहीं किया गया। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच ज़मीन के विवाद, युद्धविराम और सुरक्षा की गारंटी जैसे मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने बातचीत को ठोस और सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी कहा कि पूरे विवाद का समाधान निकालने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।
बातचीत के बाद रूस और यूक्रेन ने लगभग पांच महीने बाद पहली बार बड़े पैमाने पर कैदियों की अदला-बदली की। दोनों देशों ने 157-157 लोगों को रिहा किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रिहा किए गए लोगों में सैन्यकर्मी और नागरिक दोनों शामिल थे।
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने रूस और यूक्रेन के बीच कैदी अदला-बदली का स्वागत किया था। मंत्रालय ने कहा कि इससे संकट कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने में यूएई की मध्यस्थता की भूमिका साबित होती है। संयुक्त अरब अमीरात ने खुद को भरोसेमंद मध्यस्थ बताया है।
फिलहाल बातचीत के अगले दौर की कोई तारीख या योजना घोषित नहीं की गई है, जिससे यह साफ है कि राजनीतिक समाधान को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
हालांकि, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और रूस के प्रतिनिधियों के साथ अगली शांति वार्ता जल्द होगी। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि आने वाले समय में और बैठकें होंगी, जिनका आयोजन संभवतः अमेरिका में किया जाएगा।
--आईएएनएस
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ट्रंप ने एक बार फिर किया दावा, भारत और पाकिस्तान समेत कई "परमाणु संघर्ष" को रोका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दोबारा दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान तथा दुनिया के अन्य हिस्सों के बीच "परमाणु संघर्ष" को रोक दिया है। इस दौरान उन्होंने न्यू स्टार्ट परमाणु हथियार नियंत्रण संधि की आलोचना करते हुए एक नए, आधुनिक समझौते की मांग पर जोर दिया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने "पाकिस्तान और भारत, ईरान और इज़राइल के साथ रूस और यूक्रेन" के बीच परमाणु युद्धों को होने से रोका है। हालांकि उन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए किसी तरह की खाज जानकारी नहीं दी।
उन्होंने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है। वे अपने पहले कार्यकाल में इसकी सेना का पूरी तरह से पुनर्निर्माण किया। इसमें नए और कई नवीनीकृत परमाणु हथियार शामिल हैं। उन्होंने अंतरिक्ष बल भी स्थापित किया और अब, हम अपनी सेना का अभूतपूर्व स्तर पर पुनर्निर्माण को जारी रखने वाले हैं। हम युद्धपोत भी जोड़ रहे हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान समुद्र में तैनात युद्धपोतों-आयोवा, मिसौरी, अलबामा और अन्य - से 100 गुना अधिक शक्तिशाली हैं।
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