WPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, पहले बैटिंग करेगी गुजरात, ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11
WPL 2026 DC W VS GG W : वुमेन्स प्रीमियर लीग 2026 का एलिमिनेटर मैच दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स के बीच खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस का सिक्का उछला, तो दिल्ली के पक्ष में गिरा. जहां, कप्तान जेमिमा रोड्रिक्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. नतीजन, गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरेगी. आइए जानते हैं दोनों टीमों की प्लेइंग-11 ऐसी हैं.
बिना बदलाव के उतरीं दोनों टीमें
सीजन के एलिमिनेटर मैच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है. टॉस पर दोनों कप्तानों ने बताया कि वह बिना किसी बदलाव के पिछले मैच वाली ही प्लेइंग-11 के साथ मैदान पर उतर रही हैं.
जेमिमा रोड्रिग्स ने टॉस पर कहा, 'हम पहले बॉलिंग करना चाहेंगे. यह एक फ्रेश पिच लग रही है. कोई भी टारगेट चेज किया जा सकता है, और ओस आने से, लाइट्स में पिच थोड़ी बेहतर हो जाएगी. टीम के लिए मैसेज यही है कि जो चीज़ें हमारे कंट्रोल में हैं, उन्हें कंट्रोल करें. आज एक नया गेम है, अगर कोई गेम सबसे अधिक मायने रखता है तो वह आज रात का है. इसलिए जीतना चाहते हैं. टीम वही है.'
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— Women's Premier League (WPL) (@wplt20) February 3, 2026
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एश्ले गार्डनर ने टॉस पर कहा, 'हम बैटिंग करने वाले थे और हमें बस ऐसा लग रहा था कि वे शायद बॉलिंग करना चाहेंगे और यह हमारे लिए अच्छा रहा. हम बैट से आक्रामक खेलना चाहते हैं और पावरप्ले का फायदा उठाना चाहते हैं. आज रात हमारे लिए कुछ भी नहीं बदलेगा. पिछले कुछ विकेट्स की तरह ही लग रहा है. कंडीशंस को जल्दी से समझना है और उसी हिसाब से खेलना है. पिछली बार वाली ही टीम है.'
ऐसी हैं दोनों टीमों की प्लेइंग-11
गुजरात जायंट्स महिला : बेथ मूनी (विकेटकीपर), सोफी डिवाइन, अनुष्का शर्मा, एशले गार्डनर (कप्तान), जॉर्जिया वेयरहम, भारती फुलमाली, कनिका आहूजा, काशवी गौतम, तनुजा कंवेर, रेणुका सिंह ठाकुर, राजेश्वरी गायकवाड़
दिल्ली कैपिटल्स महिला : लिजेल ली (विकेटकीपर), शैफाली वर्मा, लौरा वोल्वार्ड्ट, जेमिमाह रोड्रिग्स (कप्तान), मारिज़ैन कप्प, चिनेले हेनरी, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, मिन्नू मणि, श्री चरणी, नंदनी शर्मा
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US-India डील को AAP ने बताया किसान और जनता पर महंगाई का बोझ, सरकार बोली- सबसे अच्छा समझौता
अमेरिका भारत व्यापार समझौते को लेकर सियासी पारा हाई है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक समझौता बता रही है तो वहीं विपक्ष की ओर से डील को लेकर विरोध जताया जा रहा है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी मंगलवार को एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि ये दिन भारत के करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए काला दिन है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश को विश्वास में लिए बिना अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया है और महंगाई व किसान बर्बादी की नींव रख दी है. संजय सिंह ने यह भी कहा कि 'हैरानी की बात यह है कि इस फैसले की जानकारी भारत सरकार ने नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्वीट करके दी.'
क्या बोले आप सांसद
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से बताया कि अब भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का तेल घटिया गुणवत्ता वाला होता है, जिसे रिफाइन करना बेहद महंगा पड़ता है. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का तेल रूस की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा है. आप सांसद के मुताबिक अमेरिका से तेल खरीदेंगे तो इसका सीधा असर भारत की जनता पर पड़ेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये डील की क्यों गई.
किसानों के लिए भी खड़ी होगी परेशानी
आप नेता संजय सिंह के मुताबिक इस डील के बाद किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा. सिंह का दावा है कि सरकार ने अमेरिका से आने वाले सभी कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लगाने का निर्णय किया है. इसका मतलब है कि अमेरिका से आने वाला कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद टैक्स फ्री होंगे. इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते बिकेंगे और भारतीय किसानों की फसल कोई खरीदने वाला नहीं रहेगा.
सरकार ने बताया सबके फायदा का समझौता
वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस डील को सबके फायदे वाली डील करार दिया गया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जवाब भी दिया कि आखिर ट्रंप ने इस डील के बारे में क्यों जानकारी दी. पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका ने टैरिफ लगाया था और यह फैसला भी उन्हीं का था कि वे इसे घटाएंगे. जब उन्होंने टैरिफ घटाया तो स्वभाविक है कि उनको ही ये जानकारी दुनिया के देनी चाहिए. सरकार का तर्क साफ था कि इस समस्या की शुरुआत अमेरिका ने की थी इसका अंत भी अमेरिका ने ही किया है.
यही नहीं उन्होंने सरकार के सरेंडर वाले सवाल पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कूटनीति में हमेशा शोर मचाना जरूरी नहीं है. जब अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लगाया तब भी काफी शोर मचा था, तमाम तरह की बातें होने लगी थीं. लेकिन सरकार ने संयम बरता और कोई जवाबी बयान नहीं दिया. इस बार भी सरकार संयम के साथ देश हित में बढ़ रही है.
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