‘INDI अलायंस की मांग प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं’, विपक्ष के प्रदर्शन पर EC ने कहा- शाम 4 बजे तक कोई अनुमति नहीं मांगी
शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने प्रतिनिधियों के जरिए आयोग से मिलने का औपचारिक अनुरोध नहीं किया….यह कहना है चुनाव आयोग का. दरअसल, विपक्ष के भारी प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार शाम 8 बजे एक प्रेसनोट जारी किया, जिसमें आयोग ने कहा कि विपक्ष की मांग प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं थी. अगर विपक्षी सासंद औपचारिक रूप से मिलने का अनुरोध करते तो इस पर विचार किया जा सकता था.
चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा? आइये जानते हैं….
1. आज दिन में कुछ राजनीतिक दलों के निर्वाचन आयोग की ओर मार्च के दौरान मीडिया के माध्यम से यह पता चला कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहते हैं। आज के घटनाक्रम के संबंध में आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि आज शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से निर्वाचन आयोग से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था।
2. इसके बाद शाम लगभग 4 बजे दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों (MPs) का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है।
3. भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की थी। इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दी गई है और वे इसी प्रक्रिया का पालन करते हैं। जब भी किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है, तो वह अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि (Authorised Representative) के माध्यम से आयोग से मिलने का समय मांगता है। इसके बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय किए गए समय पर मुलाकात होती है।
4. जब निर्वाचन आयोग, आज शाम 4 बजे के बाद, माननीय सांसदों के उपरोक्त मुलाकात के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तो उन्हें दिल्ली पुलिस के DCP द्वारा बताया गया कि जिस बैठक की मांग की जा रही थी, वह 240 सांसदों के समूह के साथ होनी थी और बैठक का प्रस्तावित स्थान संसद भवन 'Annexe' था। निर्वाचन आयोग द्वारा विचार किया गया कि यह अनुरोध असामान्य है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी मुलाकात भारत निर्वाचन आयोग के परिसर में ही होती है।
5. ECI ने प्रस्ताव दिया कि माननीय सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए आयोग के सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजा जा सकता है, जो कि अपने आप में ही एक अभूतपूर्व कदम होता। हालांकि, इस अनुरोध को भी माननीय सांसदों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।
6. ECI देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है, और अपने स्वयं के प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कोई भी राजनीतिक दल, किसी भी समय, चुनाव आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकता है; एवं आयोग समय की अनुकूलता के दृष्टिगत, उनसे मिलने की तिथि और समय निर्धारित कर सकता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
पी पवन
उप निदेशक
भारतीय महिला क्रिकेट में नए युग की शुरुआत, स्मृति मंधाना बनीं कप्तान, इस सीरीज से संभालेंगी कमान
Smriti Mandhana: भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में मंगलवार, 6 अक्टूबर, 2026 को एक नए और सुनहरे अध्याय की शुरुआत हो गई है. स्मृति मंधाना को आधिकारिक तौर पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया गया है. लंबे समय तक टीम इंडिया की कमान संभालने वाली दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर के पद छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने मंधाना के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी है. मंधाना आगामी जिम्बाब्वे द्विपक्षीय सीरीज के जरिए टीम इंडिया की कमान संभालेंगी.
A dawn of a new era ✨
— BCCI (@BCCI) October 6, 2026
Smriti Mandhana takes charge as the Captain of the Indian Women's cricket team ????????
Go well, Captain ????
More details ▶️ https://t.co/tbLb4jOiCn#TeamIndia | @mandhana_smriti pic.twitter.com/27AxmrUhKt
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