डेनिल मेदवेदेव चाइना ओपन से डिसक्वालिफाई:गेंद स्टैंड्स में मारी, एक व्यक्ति चोटिल; जोकोविच फाइनल में पहुंचे
बीजिंग में खेले जा रहे चाइना ओपन के पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में रूस के डेनिल मेदवेदेव को नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान डिसक्वालिफाई कर दिया गया। दूसरे सेट के 9वें गेम में मेदवेदेव ने कोर्ट पर उछलकर आ रही गेंद को स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद पहली पंक्ति में बैठे एक दर्शक की बाईं आंख के पास लगी, जिससे वह चोटिल हो गया। घटना के बाद मैच रेफरी और सुपरवाइजर ने मेदवेदेव को मैच से बाहर कर दिया। इस फैसले के साथ जोकोविच बिना मैच पूरा किए फाइनल में पहुंच गए। दूसरे सेट में हुआ हादसा करीब 2 घंटे 30 मिनट चले मुकाबले में जोकोविच ने पहला सेट 7-5 से जीता था। दूसरे सेट में वे 5-3 से आगे थे और जीत से सिर्फ तीन पॉइंट दूर थे। इसी दौरान कोर्ट पर बाउंस होकर वापस आ रही गेंद को मेदवेदेव ने स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद सीधे दर्शकों के बीच पहुंची और एक फैन को लग गई। उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी गई और स्टैंड्स से बाहर ले जाया गया। मेदवेदेव बोले- 100% हादसा था घटना के तुरंत बाद मेदवेदेव ने दर्शक की ओर हाथ उठाकर माफी मांगी। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने गेंद गुस्से में नहीं मारी थी। मेदवेदेव ने कहा, ‘यह 100% एक हादसा था। मैंने गुस्से में बॉल को हिट नहीं किया था। गेंद बाउंस होकर वापस आ रही थी, इसलिए मैंने उसे ऐसे ही हिट करने की कोशिश की। जब मैंने देखा कि क्या हुआ है, तो मुझे बहुत बुरा लगा। सबसे जरूरी बात यह है कि वह दर्शक ठीक हो।’ जोकोविच बोले- मुझे डेनिल के लिए बुरा लग रहा है जोकोविच ने घटना पर कहा कि यह उनके लिए शॉक की तरह था। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना को ठीक से नहीं देखा, लेकिन उम्मीद है कि दर्शक को गंभीर चोट नहीं आई होगी। जोकोविच ने मेदवेदेव के बारे में कहा कि उन्हें उनके लिए बुरा लग रहा है, क्योंकि वे जानते हैं कि इतने बड़े मैच में डिसक्वालिफाई होने पर कैसा महसूस होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि मेदवेदेव ने यह जानबूझकर नहीं किया। 2020 US ओपन में जोकोविच भी हुए थे डिसक्वालिफाई 2020 US ओपन में जोकोविच को भी इसी तरह की घटना के कारण मैच से बाहर कर दिया गया था। तब उनकी हिट की हुई गेंद गलती से लाइन जज के गले में लगी थी। इसके बाद उन्हें मुकाबले से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। मेदवेदेव के गुस्से वाले व्यवहार पर पहले भी लगा जुर्माना मेदवेदेव का कोर्ट पर गुस्सा और रैकेट तोड़ने जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन: उन्होंने नेट कैमरे को रैकेट से कई बार मारकर तोड़ दिया था। इसके लिए उन पर करीब ₹60 लाख का जुर्माना लगाया गया था। अप्रैल 2026, मोंटे कार्लो मास्टर्स: मत्तेओ बेरेतिनी से 6-0, 6-0 से हार के दौरान मेदवेदेव ने 7 बार रैकेट जमीन पर पटका था। इसके लिए करीब ₹6.3 लाख का जुर्माना लगा था। फाइनल में जोकोविच vs डि मिनौर चाइना ओपन के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डि मिनौर के सामने पोलैंड के ह्यूबर्ट हर्काज कमर की मांसपेशी की चोट के कारण मैच से हट गए। उस समय डि मिनौर 6-4, 3-2 से आगे थे। अब फाइनल में जोकोविच का सामना डि मिनौर से होगा।
भास्कर अपडेट्स:असम में 4.5 तीव्रता का भूकंप, 4 मिनट बाद मणिपुर में झटके महसूस हुए
असम के नगांव में मंगलवार सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप सुबह 4.23 बजे आया। जमीन से इसकी गहराई 33 किमी थी। इसके करीब 4 मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। यह झटका सुबह 4:27 बजे दर्ज किया गया। इसकी गहराई 12 किमी थी। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु में जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि के 3 ड्राइवर रेप केस में गिरफ्तार, नाबालिगों को लाने में कारोबारी की मदद का आरोप तमिलनाडु में जेम ग्रेनाइट के संस्थापक आर. वीरमणि से जुड़े POCSO मामलों में पुलिस ने उनके तीन ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लासर, पार्थिबन और बाबू नाम के ये ड्राइवर नाबालिग लड़कियों को वीरमणि के पास लाते थे और उनके यौन अपराधों में मदद करते थे। पुलिस ने तीनों के घरों की तलाशी लेकर 8 मोबाइल फोन और 55 दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले की जांच तब शुरू हुई, जब चेन्नई पुलिस को एक पेनड्राइव मिली। इसमें वीरमणि के एक नाबालिग लड़की के साथ यौन अपराध का वीडियो था। इसके बाद वीरमणि के साथ शांति और महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया गया। एक दूसरे वीडियो की जानकारी पुलिस को नहीं देने के आरोप में गणेशन को भी गिरफ्तार किया गया था। POCSO मामलों की जांच के लिए SIT बनाई गई है। वीरमणि के खिलाफ पहले 4 मामले दर्ज थे और 2 अक्टूबर को पांचवां मामला दर्ज हुआ। पुलिस अब तीनों ड्राइवरों की भूमिका समेत पूरे मामले की जांच कर रही है। मुंबई में सब-इंस्पेक्टर 1.30 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: केस में गिरफ्तारी न करने के बदले मांगे थे 1.50 लाख मुंबई के बोरीवली पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर परेड को एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 1.30 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता और उसकी दो बहनों को एक मामले में गिरफ्तार न करने के बदले 1.50 लाख रुपए मांगे थे। ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी थी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और ज्ञानेश्वर परेड को रिश्वत लेते पकड़ लिया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। ACB ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
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