भास्कर अपडेट्स:असम में 4.5 तीव्रता का भूकंप, 4 मिनट बाद मणिपुर में झटके महसूस हुए
असम के नगांव में मंगलवार सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप सुबह 4.23 बजे आया। जमीन से इसकी गहराई 33 किमी थी। इसके करीब 4 मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। यह झटका सुबह 4:27 बजे दर्ज किया गया। इसकी गहराई 12 किमी थी। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु में जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि के 3 ड्राइवर रेप केस में गिरफ्तार, नाबालिगों को लाने में कारोबारी की मदद का आरोप तमिलनाडु में जेम ग्रेनाइट के संस्थापक आर. वीरमणि से जुड़े POCSO मामलों में पुलिस ने उनके तीन ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लासर, पार्थिबन और बाबू नाम के ये ड्राइवर नाबालिग लड़कियों को वीरमणि के पास लाते थे और उनके यौन अपराधों में मदद करते थे। पुलिस ने तीनों के घरों की तलाशी लेकर 8 मोबाइल फोन और 55 दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले की जांच तब शुरू हुई, जब चेन्नई पुलिस को एक पेनड्राइव मिली। इसमें वीरमणि के एक नाबालिग लड़की के साथ यौन अपराध का वीडियो था। इसके बाद वीरमणि के साथ शांति और महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया गया। एक दूसरे वीडियो की जानकारी पुलिस को नहीं देने के आरोप में गणेशन को भी गिरफ्तार किया गया था। POCSO मामलों की जांच के लिए SIT बनाई गई है। वीरमणि के खिलाफ पहले 4 मामले दर्ज थे और 2 अक्टूबर को पांचवां मामला दर्ज हुआ। पुलिस अब तीनों ड्राइवरों की भूमिका समेत पूरे मामले की जांच कर रही है। मुंबई में सब-इंस्पेक्टर 1.30 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: केस में गिरफ्तारी न करने के बदले मांगे थे 1.50 लाख मुंबई के बोरीवली पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर परेड को एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 1.30 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता और उसकी दो बहनों को एक मामले में गिरफ्तार न करने के बदले 1.50 लाख रुपए मांगे थे। ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी थी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और ज्ञानेश्वर परेड को रिश्वत लेते पकड़ लिया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। ACB ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंता:121 किमी का वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सीधा रास्ता, लद्दाख के पास बढ़ेगा असर
अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बना ली है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता है। तालिबान सरकार इस सड़क के जरिए अपने प्राकृतिक संसाधनों और सोने की खदानों को चीन के बाजार तक पहुंचाना चाहती है। इससे उसे दूसरे देशों और विदेशी कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच इस रास्ते को रणनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी से मुलाकात के दौरान कहा था कि भारत की नजर वाखान में हो रही गतिविधियों पर है। चीन के लिए खनिज-कनेक्टिविटी का रास्ता चीन के लिए वाखान कॉरिडोर शिनजियांग की सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। चीन ने इसी साल इस इलाके में नया प्रशासनिक कॉरिडोर भी बनाया है। इस रास्ते से चीन को अफगानिस्तान के सोने और दूसरे खनिजों तक आसानी से पहुंच मिल सकती है। साथ ही ईरान और मध्य पूर्व के बाजारों तक भी जमीनी रास्ता मिल सकता है। भारत के लिए चिंता का विषय क्यों वाखान कॉरिडोर भारत के दावे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के पास है। ऐसे में इस इलाके में चीन की बढ़ती मौजूदगी भारत के लिए चिंता की बात मानी जा रही है। यह क्षेत्र लद्दाख के भी करीब है। इससे भारत को उत्तरी सीमा पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ानी पड़ सकती है। भारत को रणनीतिक मौजूदगी बढ़ानी होगी रक्षा विशेषज्ञ एनसी बिपिंद्रा के मुताबिक, वाखान में चीन और मध्य एशिया के हित जुड़े हुए हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और इस इलाके में चीन की बढ़ती मौजूदगी से वाखान का महत्व बढ़ गया है। उनके मुताबिक, भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों के साथ संपर्क बढ़ाकर अपनी कूटनीतिक और राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करनी चाहिए। ---------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भारत ने पाक-चीन सीमा आयोग को खारिज किया:कहा- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा; पाकिस्तान अवैध कब्जा छोड़े भारत ने इस्लामाबाद में शुरू किए गए पाकिस्तान-चीन सीमा आयोग को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा मौजूद नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, यह आयोग बिना किसी कानूनी आधार के बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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