म्यूजिक एल्बम ने बदली किस्मत, 'निरहुआ रिक्शावाला' से बने फिल्म स्टार, दिनेश लाल यादव का अनूठा सफर
भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' का जीवन एक मिसाल है. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से ताल्लुक रखने वाले निरहुआ ने अपने करियर की शुरुआत एक गायक के रूप में की थी. साल 2003 में आए उनके एल्बम 'निरहुआ सटल रहे' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अभिनय की दुनिया में कदम रखते ही उन्होंने 'निरहुआ रिक्शावाला' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जिसने उन्हें इंडस्ट्री का 'जुबली स्टार' बना दिया. फिल्मों के अलावा, उन्होंने 'बिग बॉस 6' के जरिए नेशनल लेवल पर लोकप्रियता हासिल की. कला के प्रति उनके इसी समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें 'यश भारती' सम्मान से नवाजा. आज वह न केवल फिल्मों में सक्रिय हैं, बल्कि राजनीति के जरिए जनता की सेवा भी कर रहे हैं.
महिलाओं को 2-2 लाख, किसानों की आमदनी बढ़ेगी:नौकरी-रोजगार देने की कैसे होगी व्यवस्था, इंडस्ट्री कहां लगेगी, जानिए नीतीश के बजट में क्या-क्या होगा
बिहार सरकार 3 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। नई नीतीश सरकार का यह पहला बजट है। इसमें महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के इंतजाम होंगे। यह बजट नौकरी-रोजगार के साधन जुटाने वाला होगा। सरकार उद्योग लगाने, सड़कों को बेहतर करने और शिक्षा पर फोकस करेगी। आम लोगों के जीवन को आसान बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। मंडे स्पेशल में जानिए बजट कैसा होगा? नौकरी-रोजगार देने की कैसे व्यवस्था होगी? इंडस्ट्री कहां लगेगी? नीतीश के बजट में क्या-क्या होगा। करीब 3 लाख 70 हजार करोड़ रुपए का होगा बजट बिहार सरकार चुनावी घोषणाओं के बाद भारी आर्थिक संकट में फंस गई है। इसका असर बजट 2026-27 पर पड़ सकता है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बजट कम बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, राज्य सरकार पिछले साल के 13% इजाफे को इस बार जारी रखने की कोशिश करेगी। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बजट करीब 3.70 लाख करोड़ रुपए का हो सकता है। पिछले साल की तुलना में 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हो सकता है। यह पिछले बजट में हुई वृद्धि (57 हजार करोड़ रुपए) से कम है। इसे चुनावी साल खत्म होने का असर कह सकते हैं। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव कर सकते हैं ये 5 बड़ी घोषणाएं 1. नौकरी-रोजगार से आम लोगों की आय बढ़ाने पर फोकस बिहार सरकार 2026-27 के बजट में प्रति व्यक्ति आय दोगुना करने पर फोकस करेगी। इसके लिए कई नई घोषणाएं हो सकती हैं। एक करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देने का वादा है। इसके लिए कई नए प्रावधान किए जाएंगे। हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है। इसके लिए 2000 करोड़ रुपए की घोषणा की जा सकती है। क्यों हो सकती है घोषणा? नीतीश सरकार को अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देने के वादे को पूरा करना है। पहले साल लगभग 20 लाख नौकरियां/रोजगार देना है। देश में बिहार के लोग सबसे गरीब हैं। प्रति व्यक्ति सालाना आमदनी देश में सबसे कम 69,321 रुपए है। पलायन बड़ी समस्या है। बिहार के लोगों को अपने राज्य में काम मिले, इसके लिए उद्योग बढ़ाना जरूरी है। फायदा: सरकार युवाओं को नौकरी/रोजगार देने पर ध्यान देती है तो बेरोजगारी कम होगी, पलायन घटेगा। नए उद्योग लगने से आर्थिक तरक्की होगी। लोगों की आमदनी बढ़ेगी। 2. सड़क और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर होगा बजट में सड़क और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए फंड आवंटन हो सकता है। बिहार सरकार के हिस्से आने वाली राशि का इंतजाम किया जाएगा। गांव में अच्छी सड़कें बनाने के लिए करीब 9000 करोड़ रुपए और हाईवे व पुल पुलिया आदि पर 5500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार 5 नए टाउनशिप विकसित करने के लिए फंड देगी। हर शहर में आधुनिक इंटर-स्टेट बस टर्मिनल बनाने की तैयारी है। क्यों हो सकती है घोषणा? राज्य के विकास के लिए अच्छी सड़कें चाहिए। अब ध्यान ग्रामीण इलाके में सड़कों के चौड़ीकरण पर है। सिंगल रोड को डबल किया जाएगा। दूर-दराज के इलाके से भी पटना आने में 5 घंटे से कम समय लगना चाहिए, यह सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए हाई वे-एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं। बिहार में उद्योग लगे इसके लिए भी सड़क, पुल, पुलिया जैसी आधारभूत संरचना विकसित करना जरूरी है। फायदा: बिहार में पिछले 20 सालों में सड़कों की हालत बदली है। कटिहार, पूर्णिया जैसे दूर के जिलों से पटना आने में लगने वाला समय करीब आधा हुआ है। किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिली है। बिहार के उत्पादों को दूसरे राज्यों तक भेजना आसान हुआ है। 3. नए उद्योग लगाने पर जोर, कृषि क्षेत्र में प्रगति बजट में निजी निवेश, टेक हब और औद्योगिक विस्तार के लिए राशि आवंटन होगा। उद्योग लगाने के लिए 2000 करोड़ रुपए, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 2500 करोड़ रुपए और कृषि क्षेत्र के लिए करीब 3200 करोड़ रुपए के इंतजाम किए जाएंगे। मखाना, डेयरी और हर खेत को पानी के लिए बजट में इंतजाम होगा। किसानों की आमदनी दोगुनी करने की तैयारी है। क्यों हो सकती है घोषणा? राज्य के विकास बढ़ाने और रोजगार के मौके बनाने के लिए उद्योग पर सरकार का फोकस है। दो साल में 2.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए उद्योग विभाग और निवेशकों के बीच समझौता हुआ है। राज्य सरकार ने आईटी, बैंकिंग और बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) को आकर्षित करने के लिए नई ‘बिहार वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2026’ को मंजूरी दी। फायदा: राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) स्थापित करने वाली कंपनियों को 50 करोड़ रुपए तक सब्सिडी दी जाएगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर ‘रोजगार प्रोत्साहन सब्सिडी’ भी मिलेगी। 4. शिक्षा बजट 70 हजार करोड़ रुपए का होगा इस बार के बजट में शिक्षा विभाग का आवंटन 70 हजार करोड़ रुपए हो सकता है। यह 2025-26 की तुलना में 10 हजार करोड़ रुपए अधिक होगा। उच्च शिक्षा बजट भी दोगुना होने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष में शिक्षा विभाग का बजट 60964 करोड़ रुपए था। उच्च शिक्षा का बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपए था। स्कूल-कॉलेज के विकास के लिए 26000 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। क्यों हो सकती है घोषणा? शिक्षकों को समय पर वेतन मिलेगा। नई नियुक्ति के बाद शिक्षकों को वेतन देने में आसानी होगी। बिहार में लगभग 6 लाख शिक्षक नियुक्त हैं। टीआरई-4 के तहत 27 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होगी। 2025-26 में शिक्षा विभाग का बजट 60964 करोड़ रुपए था। खर्च 72652.44 करोड़ रुपए (11688 करोड़ रुपए अधिक) हुए। फायदा: स्कूलों में नए भवन का निर्माण होगा। 10 हजार ऐसे स्कूल हैं, जहां क्लास के अनुसार भवन नहीं हैं। डेस्क-बेंच की कमी है। फंड मिलने से कमियां दूर होंगी। पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था होगी। 5. महिलाओं को मिलेंगे 2-2 लाख रुपए सात निश्चय-3 के तहत 94 लाख गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2-2 लाख रुपए तक की सहायता देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त भी मिलेगी। इसके लिए बजट में फंड की व्यवस्था होगी। रूरल डेवलपमेंट विभाग को 17000 करोड़ रुपए मिलेंगे। क्यों हो सकती है घोषणा? महिलाओं को 2 लाख रुपए देने हैं। शर्त है कि पहले दिए गए पैसे का इस्तेमाल रोजगार में किया गया हो। पहले फेज में 1.56 करोड़ महिलाओं को 10 हजार रुपए दिए गए। इनमें से कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2 लाख मिलेंगे। फायदा: सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दे रही है ताकि हर परिवार में एक महिला उद्यमी बनें। बिहार सरकार पैसे कहां से जुटा रही, 2 पॉइंट में समझिए 1- टैक्स, कमाई का सबसे तगड़ा रास्ता टैक्स (जीएसटी और वैट) बिहार सरकार की कमाई के सबसे बड़े साधन हैं। कंज्यूमिंग स्टेट होने का फायदा मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में बिहार सरकार को कुल 2.60 लाख करोड़ रुपए आमदनी की उम्मीद है। कुल रेवन्यू प्राप्ति में 1.40 लाख करोड़ रुपए सेंट्रल टैक्स के हिस्से से मिलने वाले हैं। राज्य सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स से 59 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। साल 2024-25 में राजस्व प्राप्ति 2.44 लाख करोड़ रुपए हुई। बिहार सरकार की आमदनी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1.93 लाख करोड़ रुपए आमदनी हुई थी। 2- केंद्र सरकार से कर्ज लेने जा रही सरकार बिहार सरकार पर लोन का बोझ साल दर साल बढ़ता जा रहा। चुनाव के समय किए गए लोक लुभावन वादों के चलते सरकार का खर्च बढ़ा है। बिहार सरकार ने केंद्र से और अधिक कर्ज देने की मांग की है। 2024-25 के अंत तक बिहार का कुल ऋण 3.48 लाख करोड़ रुपये था। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 38.9 प्रतिशत है। सरल शब्दों में कहें तो बिहार के उत्पादित हर 100 रुपए पर 40 रुपए का कर्ज है। बिहार सरकार ने 2024-25 में केंद्र से 12 हजार 920 करोड़ कर्ज लिए। इसके साथ ही आंतरिक कर्ज 50 हजार 746 करोड़ रुपए लिए।
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