पाकिस्तानी डॉन भट्टी बोला- लॉरेंस फर्जी गैंगस्टर:फायरिंग में मेरी मौत की पोस्ट झूठी, मुझ पर नहीं हुई फायरिंग, मैं कभी पुर्तगाल नहीं गया
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपनी मौत के दावे को खारिज किया है। भट्टी ने एक ऑडियो जारी कर कहा कि एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि लॉरेंस गैंग ने उस पर फायरिंग कराई। जिसमें उसकी मौत हो गई। मगर, मैं कभी पुर्तगाल गया ही नहीं और न ही मुझ पर किसी तरह की कोई फायरिंग हुई है। मुझ पर फायरिंग और मेरी मौत के बारे में लॉरेंस की सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। भट्टी ने लॉरेंस को बच्चा कहते हुए कहा कि वह मेरे हाथों में पला है। मैं तो उसे गैंगस्टर ही नहीं मानता। काम कोई और करता था और झूठी पोस्ट, अफवाह और फर्जी जिम्मेदारी लेकर वह गैंगस्टर बन गया। भट्टी और लॉरेंस पहले अच्छे दोस्त थे। मगर, भट्टी के लॉरेंस के गुर्गों से अपने काम करवाने और पहलगाम अटैक पर लॉरेंस की हाफिज सईद को धमकी के बाद वह एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन बन गए हैं। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के मोगा का रहने वाला है। उसने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। इसके बाद उस पर कत्ल-फिरौती जैसे कई केस दर्ज हुए। लॉरेंस इस वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। वॉयरल ऑडियो में भट्टी ने और क्या-क्या कहा क्राइम पार्टनर रहे लॉरेंस-भट्टी कैसे बन गए दुश्मन 2 पॉइंट में पहले दोस्ती के बारे में जानिए.. 1. अवैध हथियारों के जरिए दोस्त बने पंजाब पुलिस के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी शुरुआत से ही पाकिस्तान के माफिया फारुख खोखर और कारोबारी कम डॉन जाफर सुपारी के साथ जुड़ा हुआ है। भट्टी खोखर के हथियारों का सारा अवैध धंधा संभालता है। लॉरेंस गैंग को वारदातों के लिए हथियारों की जरूरत होती थी। इसलिए सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने भट्टी से संपर्क किया। इसके बाद लॉरेंस गैंग के गुर्गे पाकिस्तानी डॉन भट्टी से अवैध रूप से हथियार मंगवाने लगे। उन गुर्गों के जरिए ही भट्टी और लॉरेंस की सीधी बातचीत शुरू हो गई। जिसके बाद वह अच्छे दोस्त बन गए। इसके बाद लॉरेंस गैंग कोई भी हथियार मांगता, पाकिस्तानी डॉन भट्टी तुरंत डिलीवरी करवा देता। 2. लॉरेंस मेरा भाई, गर्दन भी कटा दूंगा भट्टी और लॉरेंस आपस में दोस्त हैं, इसका खुलासा तब हुआ, जब साल 2024 में पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के साथ गैंगस्टर लॉरेंस की एक वीडियो कॉल वायरल हुई। जिसमें गैंगस्टर लॉरेंस, भट्टी को ईद की मुबारकबाद देता हुआ नजर आ रहा था। इसके बाद भट्टी ने एक वीडियो जारी कहा कि लॉरेंस मेरा दोस्त ही नहीं भाई भी है। लॉरेंस भाई मुश्किल टाइम में जब भी आवाज देगा, मैं हाजिर हो जाऊंगा। मैं खबरों और अन्य किसी दबाव में लॉरेंस के साथ दोस्ती नहीं तोड़ सकता। मेरी गर्दन भी कट जाएगी तो भी मैं लॉरेंस के साथ दोस्ती नहीं तोड़ूंगा। 3 पॉइंट में दुश्मनी की कहानी जानिए 1. लॉरेंस के गुर्गे से ग्रेनेड अटैक कराया मुंबई में NCP अजित गुट के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस के कहने पर भट्टी ने मुख्य आरोपी जालंधर के जीशान अख्तर को विदेश फरार होने में मदद की। इसके बदले में जीशान से जालंधर व अन्य जगहों पर ग्रेनेड अटैक करवा दिए। भट्टी ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि ये हमला लॉरेंस के साथी जीशान द्वारा मेरे कहने पर कराया गया। इससे लॉरेंस नाराज हो गया। यह देख भट्टी ने हथियार के खरीदफरोख्त में उसके साथ टाईअप करने वाले लॉरेंस के गुर्गों को लालच देकर अपने साथ जोड़ लिया। जिससे लॉरेंस गैंग ने भट्टी और जीशान को मारने की धमकी दी। 2. लॉरेंस ने पहलगाम हमले के बदले की धमकी दी 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इसमें 26 लोगों की हत्या की गई। इसके बाद लॉरेंस गैंग ने इसका बदला लेने की धमकी दी। लॉरेंस गैंग ने लिखा था- पहलगाम कश्मीर में बेगुनाह लोगों को बिना किसी कसूर के मारा है, इसका बदला हम जल्द ही लेंगे। इन्होंने हमारे नाजायज आदमी मारे हैं। हम इनके जायज मारेंगे। एक ही ऐसा मारेंगे पाकिस्तान में घुसकर, जो 1 लाख के बराबर होगा। तुम हाथ मिलाओगे तो हम गले लगाएंगे, अगर आंख दिखाओगे तो आंखें निकाल लेंगे और ऐसी नीच हरकत करोगे तो पाकिस्तान में घुसकर ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। 3. भट्टी ने कहा- चिड़िया तक नहीं मार सकते लॉरेंस की धमकी से डॉन भट्टी भड़क गया। भट्टी ने लॉरेंस को धमकाते हुए वीडियो जारी कर कहा- लॉरेंस ने कहा कि पाकिस्तान में घुसकर वह एक लाख मुस्लिमों को मारेगा। पहले तो मैं बता देना चाहता हूं कि पाकिस्तान तो बहुत दूर की बात है, तुम किसी भी देश में एक चिड़िया तक नहीं मार सकते हो। मैं तुम्हें अच्छे से जानता हूं और तू मुझे भी जानता है कि मेरा सिस्टम क्या है और क्या नहीं?। इसके बाद से दोनों आमने-सामने हैं।
म्यूजिक एल्बम ने बदली किस्मत, 'निरहुआ रिक्शावाला' से बने फिल्म स्टार, दिनेश लाल यादव का अनूठा सफर
भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' का जीवन एक मिसाल है. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से ताल्लुक रखने वाले निरहुआ ने अपने करियर की शुरुआत एक गायक के रूप में की थी. साल 2003 में आए उनके एल्बम 'निरहुआ सटल रहे' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अभिनय की दुनिया में कदम रखते ही उन्होंने 'निरहुआ रिक्शावाला' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जिसने उन्हें इंडस्ट्री का 'जुबली स्टार' बना दिया. फिल्मों के अलावा, उन्होंने 'बिग बॉस 6' के जरिए नेशनल लेवल पर लोकप्रियता हासिल की. कला के प्रति उनके इसी समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें 'यश भारती' सम्मान से नवाजा. आज वह न केवल फिल्मों में सक्रिय हैं, बल्कि राजनीति के जरिए जनता की सेवा भी कर रहे हैं.
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