बांग्लादेश पर पहले एफटीए की लटकी तलवार, अब भारत के बजट ने कपड़ा उद्योग का कर दिया पूरा इंतजाम
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय यूनियन ने हाल ही में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता किया है। इस डील को सभी समझौतों की जननी कहा जा रहा है। भारत और ईयू के एफटीए ने बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग पर एक तरफ भारत-ईयू एफटीए की तलवार लटकी हुई है, दूसरी ओर भारत के बजट 2026 ने बचा-खुचा इंतजाम कर दिया है।
भारत ने अपने 2026-27 के बजट में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। भारत में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सिल्क प्रोडक्शन, मशीनरी सपोर्ट, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम और टेक्सटाइल्स सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट का ऐलान किया है।
केंद्र सरकार ने बजट 2026 में लेबर इंसेंटिव टेक्सटाइल सेक्टर की आत्मनिर्भरता, रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतियोगिता बढ़ाने के लिए मजबूत नीति बनाने पर जोर डाला है।
कपड़ा उद्योग के मामले में फिलहाल बांग्लादेश भारत से आगे है। बांग्लादेश रेडीमेड गारमेंट के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है, वहीं भारत छठे नंबर पर है, लेकिन हाल ही में भारत और ईयू के बीच जो एफटीए साइन हुआ है, उसने बांग्लादेश की चिंता को बढ़ा दी है।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार का कहना है कि इसके लागू होने के बाद भारतीय कपड़ों के प्रोडक्ट्स पर ईयू का टैरिफ मौजूदा 12 फीसदी से घटकर जीरो हो जाएगा, जिससे ढाका को लंबे समय से मिल रहा फायदा खत्म हो सकता है।
बता दें कि दशकों से भारत के कपड़े, टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर का एक्सपोर्ट ईयू में भारी टैरिफ का सामना करते हुए आता था। हालांकि, एफटीए इस रुकावट को लगभग पूरी तरह से खत्म कर देता है। उदाहरण के लिए, यह फुटवियर पर ड्यूटी को 17 फीसदी से घटाकर जीरो कर देगा और कपड़ों समेत टेक्सटाइल पर 9-12 फीसदी को घटाकर जीरो कर देगा।
जब भारत और वियतनाम जैसे कॉम्पिटिटर टैरिफ का सामना कर रहे थे, तब कम विकासशील देश (एलडीसी) ड्यूटी-फ्री एक्सेस का फायदा उठाकर बांग्लादेश ईयू के कपड़ों के मार्केट में अपनी हिस्सेदारी काफी तेजी से बढ़ा पाया। जैसे ही ईयू के कपड़ों के आयात में चीन की हिस्सेदारी 2010 में 45 फीसदी से घटकर 2025 में 28 फीसदी हो गई, बांग्लादेश की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर लगभग 7 फीसदी से 21 फीसदी हो गई।
ईयू एफटी में आमतौर पर गारमेंट के लिए डबल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत होती है, जो कमजोर बैकवर्ड लिंकेज वाले देशों के लिए एक चुनौती है। भारत के लिए ये ज्यादा मुश्किल नहीं हैं क्योंकि इसका टेक्सटाइल बेस गहरा और इंटीग्रेटेड है। यह स्ट्रक्चरल फायदा भारत की साफ एक्सपोर्ट स्ट्रैटेजी से और मजबूत होता है। भारत सरकार ने 2030 तक टेक्सटाइल और कपड़ों के एक्सपोर्ट में 100 बिलियन डॉलर का बड़ा टारगेट रखा है, जो अभी लगभग 40 बिलियन डॉलर है।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ओडिशा भाजपा अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट का किया स्वागत, बोले-समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी
भुवनेश्वर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष मनमोहन समाल ने रविवार को केंद्रीय बजट का स्वागत किया और इसे समावेशी, विकास उन्मुख और समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने इसे 10 में से 10 अंक की पूरी रेटिंग दी।
मीडिया से बात करते हुए ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन समाल ने कहा कि यह बजट 140 करोड़ भारतीयों के कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया है और ओडिशा को इसके सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा), कनेक्टिविटी, जल संसाधन और औद्योगिक विकास पर खास ध्यान दिया है जो रोजगार सृजन और लंबे समय तक आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
समाल ने बताया कि इस बजट में कई बड़े बदलावकारी कदम और नई योजनाएं शामिल हैं, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगी।
उन्होंने कहा, “आयुर्वेद से लेकर एआई तकनीक तक, बजट में नवाचार और आधुनिकता को प्राथमिकता दी गई है। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों के कारण भारत का विकास निरंतर रहा है, भले ही वैश्विक आर्थिक स्थिति अनिश्चित रही हो। यह बजट 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का रोडमैप देता है और समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है।”
समाल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में विकसित ओडिशा के निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय जलमार्ग कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग बनाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा से होगी।
राष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए तलचर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगा नगर जैसे औद्योगिक केंद्रों और पारादीप बंदरगाह से जोड़ा जाएगा, जिससे राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
समाल ने कहा कि ओडिशा में रेयर अर्थ कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही कई मछली पालन विकास केंद्रों को भी उन्नत किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना ओडिशा में विकास को और तेज करेगी। साथ ही तटीय क्षेत्रों में धान, काजू और अन्य फसलों के लिए विशेष समर्थन मिलेगा, जो ओडिशा के किसानों के लिए अच्छी खबर है।
बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर भी ध्यान दिया गया है, जिससे ओडिशा के सात प्रमुख शहरों को फंडिंग और आर्थिक विकास के अवसर मिलेंगे।
समाल ने विपक्षी नेताओं, खासकर पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की आलोचना पर कहा कि यह आलोचना राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने बहुत कुछ किया है, जो नवीन पटनायक पहले करने की बात कहते रहे हैं। अब राजनीतिक कारणों से वे बजट की आलोचना कर रहे हैं।”
समाल ने बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसके प्रावधान ओडिशा की विकास क्षमता को मजबूत करेंगे और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में उभरने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, “हम इस बजट का दिल से स्वागत करते हैं। यह रोजगार, कनेक्टिविटी और समग्र विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।”
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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