कैंसर की दवाइयां हो या शराब…क्या सस्ता, क्या महंगा?निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया केंद्रीय बजट
सरकार ने सीमा शुल्क में कई महत्वपूर्ण सुधारों और रियायतों का प्रस्ताव पेश किया है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण और निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाना और व्यापार को बढ़ावा देना है. प्रस्ताव के अनुसार, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में काम करने वाली विनिर्माण इकाइयों को सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पाद घरेलू बाजार में रियायती दरों पर बेच सकें. इसके अलावा, निजी उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क 20% से घटाकर 10% करने का सुझाव है.स्वास्थ्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए 17 दवाइयों पर सीमा शुल्क में छूट देने की योजना भी है. सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने के लिए कई सुधार किए जाने का प्रस्ताव है. इनमें AEO (प्राधिकृत आर्थिक प्रचालक) के लिए शुल्क स्थगन अवधि बढ़ाना और सीमा शुल्कों पर बाध्यकारी अग्रिम नियम की वैधता तीन साल से बढ़ाकर पांच साल करना शामिल है.
बजट 2026 में आम आदमी को इनकम टैक्स में क्या मिला?-VIDEO
Budget 2026 Tax Benefits: केंद्रीय बजट 2026 संसद में पेश हो चुका है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार टैक्स से लेकर रोजगार और विकास तक आम आदमी को केंद्र में रखने की कोशिश की है. नए इनकम टैक्स ढांचे में सीधे तौर पर बड़ी राहत भले सीमित दिखे, लेकिन सरकार का फोकस दीर्घकालिक फायदे पर है. शिक्षा, हेल्थ और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने के लिए यूनिवर्सिटी और मेडिकल हब्स की घोषणा की गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स पर बड़ा दांव लगाया गया है. 2047 तक टैक्स हॉलिडे और निवेश प्रोत्साहन से भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मानना है कि इन नीतियों से इनडायरेक्ट टैक्स बोझ घटेगा, नौकरियां बढ़ेंगी और आम आदमी की आय में इजाफा होगा. कुल मिलाकर बजट 2026 टैक्स राहत से ज्यादा इन्क्लूसिव ग्रोथ पर आधारित है.
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