राजस्थान की उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'केंद्रीय बजट' विकसित भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करता है
जयपुर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के उद्देश्य से पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026-27 देश के उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य का स्पष्ट और आत्मविश्वासपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि जन कल्याण पर केंद्रित इस बजट को प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत होते देखना, भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति की व्यापक समझ प्रदान करता है, जो समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक लचीलेपन पर केंद्रित है।
बजट की सराहना करते हुए और इसे दूरदर्शी बताते हुए दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, तकनीकी उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर तेजी से अग्रसर है। यह बजट प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मार्गदर्शक दर्शन को प्रतिबिंबित करता है, जो सामूहिक राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने आगे कहा कि बजट न केवल आर्थिक विकास पर बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण पर भी जोर देता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रगति समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग और अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, साथ ही किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि ये प्रमुख क्षेत्र 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
दीया कुमारी ने कहा कि बजट में नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उपाय बताए गए हैं।
रोजगार और युवा-केंद्रित पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्टार्टअप को समर्थन देने पर दिया गया बल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा और उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बनाए गए हैं, जो राष्ट्र की रीढ़ है।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने केंद्रीय बजट की आलोचना की, ओडिशा को कुछ नहीं मिलने का किया दावा
भुवनेश्वर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद ओडिशा को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए, पात्रा ने आईएएनएस को बताया कि देश भर के कई राज्यों और शहरों को बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट मिले हैं, जबकि ओडिशा को कोई खास आवंटन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी जैसे शहरों के लिए हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की गई, लेकिन इस प्रस्ताव में ओडिशा का कोई जिक्र नहीं था।
पात्रा ने यह भी बताया कि वाराणसी और पटना के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की भी घोषणा की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल के डंकुनी और गुजरात के सूरत के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा, इसी तरह, दुर्गापुर को प्रस्तावित ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से फायदा होगा, जिससे ओडिशा सभी प्रमुख कनेक्टिविटी और औद्योगिक पहलों से बाहर रह जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हालांकि देश भर में डेवलपमेंट के लिए 15 पुरातात्विक स्थलों की पहचान की गई है, लेकिन इस मकसद के लिए ओडिशा से किसी को भी नहीं चुना गया है।
बौद्ध सर्किट से ओडिशा को बाहर रखने की आलोचना करते हुए, पात्रा ने कहा कि ललितगिरि, रत्नागिरी और उदयगिरि जैसे प्रमुख बौद्ध विरासत स्थल होने के बावजूद, राज्य को नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने ओडिशा के किसानों और आदिवासी समुदायों के लिए प्रस्तावित रेयर अर्थ मिनरल्स प्रोजेक्ट के फायदों पर भी सवाल उठाया, आरोप लगाया कि ऐसी पहलें मुख्य रूप से राज्य के खनिज संसाधनों के निष्कर्षण और परिवहन को बिना पर्याप्त रिटर्न के सुविधाजनक बनाती हैं।
पात्रा ने आरोप लगाया, कहा जा रहा है कि अंतर्देशीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खदानों और खनिजों को उन सभी को तालचेर और अंगुल से लेकर कलिंगनगर और फिर धामरा और पारादीप तक ले जाया जाएगा। लेकिन आप हमारी खदानें और खनिज ले रहे हैं, आप हमारे अयस्क ले रहे हैं, लेकिन बदले में आप क्या दे रहे हैं? कुछ नहीं...
उन्होंने पर्यटन परियोजनाओं में प्रगति की कमी पर चिंता जताई, जिसमें चार साल पहले एक प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रूप में पहचाने गए कोणार्क मंदिर का जिक्र किया, जहां अभी तक डेवलपमेंट का काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने भुवनेश्वर मेट्रो प्रोजेक्ट के रुकने का भी जिक्र किया।
यह बताते हुए कि ओडिशा ने अपने 21 लोकसभा सांसदों में से 20 को भाजपा से संसद भेजा है, पात्रा ने आरोप लगाया कि राज्य को बदले में बहुत कम मिला है। उन्होंने ओडिशा के लिए निष्पक्ष और समावेशी डेवलपमेंट सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बजट के पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
--आईएएनएस
एससीएच
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