पेट, त्वचा और जोड़ों के लिए फायदेमंद वरुण मुद्रा, जानें अभ्यास से क्या परिवर्तन आते हैं
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। आज के समय में देर रात तक मोबाइल स्क्रीन, अनियमित खानपान, कम पानी पीने की आदत और तनाव ने लोगों के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका असर सबसे पहले त्वचा, पेट और जोड़ों पर दिखाई देता है। कभी स्किन जरूरत से ज्यादा रूखी हो जाती है, तो कभी पेट साफ नहीं रहता, गैस और एसिडिटी आम समस्या बन गई है।
ऐसे में आयुष मंत्रालय अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने की सलाह देता है, जो शरीर को संतुलन सिखाता है। हाथों से की जाने वाली योग मुद्राएं इसी संतुलन का आसान और असरदार तरीका हैं। इन्हीं में से एक है वरुण मुद्रा, जिसे जल तत्व से जुड़ी समस्याओं के लिए बेहद उपयोगी माना गया है।
आयुष मंत्रालय के योग शास्त्र के अनुसार, मानव शरीर पंच तत्वों से बना है, जिनमें जल तत्व का विशेष महत्व है। जब शरीर में जल तत्व असंतुलित हो जाता है, तो उसका असर त्वचा, पाचन और जोड़ों पर साफ दिखाई देने लगता है। वरुण मुद्रा को जल तत्व को संतुलित करने वाली मुद्रा माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करता है और कई अंदरूनी समस्याओं को धीरे-धीरे कम करता है।
वरुण मुद्रा का सबसे बड़ा लाभ त्वचा से जुड़ा माना जाता है। आजकल कम पानी पीना और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा को रूखा बना देता है। वरुण मुद्रा के अभ्यास से शरीर के भीतर जल तत्व संतुलित होने लगता है, जिससे त्वचा को अंदर से नमी मिलती है। इसका असर यह है कि स्किन ड्राई और खिंची हुई महसूस नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे मुलायम और स्वस्थ नजर आने लगती है। आयुष मंत्रालय भी मानता है कि जब शरीर का जल संतुलन सही रहता है, तो त्वचा की कई समस्याएं अपने आप कम होने लगती हैं।
पेट की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी वरुण मुद्रा काफी फायदेमंद मानी जाती है। बदलती जीवनशैली के कारण कब्ज, गैस और पेट भारी रहने की शिकायत आम हो गई है। वरुण मुद्रा के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करने लगता है। शरीर को जरूरी नमी मिलने से आंतों की गतिविधि सुधरती है और मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इसका सीधा असर कब्ज की समस्या पर पड़ता है और पेट हल्का महसूस होता है।
जो लोग जोड़ों में दर्द या अकड़न की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी वरुण मुद्रा सहायक हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने पर जोड़ों के बीच घर्षण बढ़ जाता है, जिससे दर्द और सूजन महसूस होती है। वरुण मुद्रा जल तत्व को संतुलित कर जोड़ों में लचीलापन बनाए रखने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से सूजन कम हो सकती है और चलने-फिरने में होने वाली तकलीफ धीरे-धीरे कम होने लगती है।
एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं भी आज के समय में आम हो चुकी हैं। गलत खानपान और तनाव के कारण पेट में अम्लता बढ़ जाती है। योग मुद्राएं पाचन अग्नि को संतुलित करने में मदद करती हैं। वरुण मुद्रा का अभ्यास पेट के अंदरूनी वातावरण को शांत करता है और एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकार और गैस जैसी समस्याओं में राहत महसूस होती है।
अपच भी जल तत्व की गड़बड़ी से जुड़ा माना जाता है। जब शरीर में नमी की कमी होती है, तो पाचन रस सही मात्रा में नहीं बन पाते। वरुण मुद्रा पाचन शक्ति को बेहतर बनाकर भोजन को ठीक से पचाने में मदद करती है।
वरुण मुद्रा करना बेहद सरल है। किसी शांत जगह पर आराम से बैठकर हाथों को घुटनों पर रखें और छोटी उंगली के सिरे को अंगूठे के सिरे से हल्के से मिलाएं। बाकी तीन उंगलियां सीधी रखें। आंखें बंद करके गहरी और सामान्य सांस लेते रहें। इस मुद्रा को रोज 15 से 20 मिनट तक किया जा सकता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ट्रंप का दावा: रूस एक हफ्ते तक यूक्रेन के शहरों पर नहीं करेगा हमला; शांति वार्ता में आई तेजी
वाशिंगटन, 30 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस इस बात पर राजी हो गया है कि कड़ाके की ठंड के दौरान एक हफ्ते तक यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे शहरों पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप के मुताबिक यह फैसला मानवीय कारणों से लिया गया है, क्योंकि तेज ठंड में हमले होने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ जातीं।
ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कहा कि वे मंत्रिमंडल को बातचीत की प्रगति के बारे में जानकारी दें। स्टीव विटकॉफ ने बताया कि यूक्रेन की तरफ से कहा गया है कि जिनेवा में हुई बातचीत के बाद जितनी प्रगति हुई है, उतनी पिछले चार साल में कभी नहीं देखी गई।
विटकॉफ ने यह भी बताया कि हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों की रूस के अधिकारियों से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि पिछले रविवार अबू धाबी में पांच रूसी जनरल उनके साथ मौजूद थे और इस बैठक में अच्छी प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि बातचीत आगे भी जारी रहेगी और करीब एक हफ्ते बाद फिर से चर्चा होगी।
विटकॉफ के अनुसार शांति समझौते के मसौदे पर काम काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा, हमारे पास एक सुरक्षा प्रोटोकॉल समझौता है जो काफी हद तक पूरा हो चुका है, एक समृद्धि समझौता है जो काफी हद तक पूरा हो चुका है। मुझे लगता है कि यूक्रेन के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि हम जल्द ही कोई शांति समझौता करेंगे।
इसके बाद ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे अपील करने के बारे में बताया। ट्रंप ने कहा, ठंड, बहुत ज्यादा ठंड के कारण... मैंने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पुतिन से इस दौरान एक हफ्ते तक कीव और शहरों और कस्बों पर गोलीबारी न करने के लिए कहा और वह इसके लिए सहमत हो गए।
ट्रंप ने कहा कि कई सलाहकारों ने उन्हें फोन न करने की सलाह दी थी और कहा था कि इससे कोई फायदा नहीं होगा, लेकिन ट्रंप ने फिर भी बात की और परिणाम सामने आया। ट्रंप के अनुसार यूक्रेन इस समय बेहद मुश्किल हालात से गुजर रहा है। ठंड के मौसम में मिसाइल हमले लोगों की स्थिति को और खराब कर देते। उन्होंने
स्टीव विटकॉफ ने इस प्रगति का श्रेय ट्रंप की बातचीत की रणनीति को दिया। उनका कहना था कि ट्रंप की मौजूदगी और दबाव की वजह से यह संभव हो पाया, जबकि यूक्रेन को पहले लगता ही नहीं था कि ऐसा हो सकता है।
ट्रंप ने बताया कि ठंड का स्तर रिकॉर्ड तोड़ है और हालात अमेरिका जैसे ही हैं। इसी वजह से उन्होंने आम नागरिकों की परेशानी को देखते हुए सीधे हस्तक्षेप किया।
अमेरिकी प्रशासन अपनी नीति को “ताकत के जरिए शांति” बता रहा है और साथ ही अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच अलग-अलग स्तरों पर बातचीत जारी है।
यूक्रेन युद्ध अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है और कई बार शांति की कोशिशें की गईं, लेकिन अब तक पूरी तरह युद्धविराम नहीं हो पाया है।
--आईएएनएस
एएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

























