कहीं आप भी टॉयलेट पेपर के बचे हुए रोल को फेंकने की तो नहीं करते गलती, ऐसे करें इस्तेमाल
Toilet Paper Roll Reuse: घर में अक्सर छोटी-छोटी चीजें फेंक दी जाती हैं, जिन्हें रीयूज करके फायदा उठाया जा सकता है. टॉयलेट पेपर के रोल भी ऐसी चीजों में शामिल हैं. ये कार्डबोर्ड से बने होते हैं और आसानी से रीसायकल किए जा सकते हैं. कुछ आसान और क्रिएटिव तरीकों से आप इनको इस्तेमाल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे?
इस तरह करें टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल
खाद बनाने में करें इस्तेमाल
टॉयलेट पेपर रोल को छोटे टुकड़ों में काटें और गार्डन की मिट्टी में डालें. इसमें फलों और सब्जियों के छिलके डालकर ऊपर से मिट्टी लगाएं. यह मिश्रण धीरे-धीरे गल कर अच्छी खाद बनाता है. आप इसे गार्डन के कोने में गड्ढा बनाकर कर सकते हैं या किसी बड़े डिब्बे में रख सकते हैं.
सीड्स ट्रे के रूप में करें यूज
बचे हुए रोल को प्लेट या ट्रे में लगा दें और मिट्टी भरें. इसमें बीज बोएं. पौधा निकलने के बाद इसे रोल के साथ गमले में लगा सकते हैं. कुछ दिनों बाद रोल गल जाता है और पौधे की जड़ मिट्टी में बढ़ने लगती है.
पेन होल्डर बनाएं
चार-पांच रोल को आपस में जोड़कर पेन होल्डर बना सकते हैं. इसे अलग-अलग शेप में काटकर चिपकाने से इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है. आप इसमें कैट या फूल जैसे डिजाइन भी कर सकते हैं. यह छोटे सामान या स्टेशनरी रखने के लिए उपयोगी होता है.
बच्चों के लिए क्राफ्ट
टॉयलेट पेपर रोल का इस्तेमाल बच्चों के क्राफ्ट प्रोजेक्ट्स में भी किया जा सकता है. इसके लिए ग्लू, रंग और कलरफुल पेपर का उपयोग करें. कई ऑनलाइन ट्यूटोरियल और तस्वीरों से प्रेरणा लेकर रोचक क्रिएशन बना सकते हैं.
क्लोथ ऑर्गेनाइजर बनाएं
छोटे कपड़े और मोजे व्यवस्थित करने के लिए रोल को एक साथ चिपका दें. चौकोर या राउंड शेप में इसे ड्रॉअर में रखें. मोजे, स्कार्फ और छोटे कपड़े इसमें अलग-अलग रख सकते हैं. इससे आपके कपड़े व्यवस्थित और आसानी से मिलने लगेंगे.
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किश्तवाड़ में सेना ने बीते 14 दिनों से चलाया ऑपरेशन, बर्फबारी के बीच स्पेशल फोर्सेज के कमांडो फोर्स ने मोर्चा संभाला
बर्फबारी के बीच किश्तवाड़ के जंगलों में Jaish-e-Mohammad के आतंकियों के खिलाफ सेना का 14 दिनों से शुरू हुआ ऑपरेशन लगातार जारी है. आज सुबह एक बार फिर सेना और आतंकियों के बीच कॉन्टैक्ट स्थापित हुआ, जिसके बाद किश्तवाड़ के घने जंगलों के डोलगाम इलाके को सेना ने घेर लिया है. आतंकियों को ट्रेस करने के लिए सेना हेलिकॉप्टर के साथ ड्रोन और थर्मल इमेजिंग का इस्तेमाल कर रही है. इस ऑपरेशन में सेना की स्पेशल फोर्सेज के कमांडो भी हिस्सा ले रहे हैं.
लंबे समय तक यहां रहने की योजना बना रहे
18 जनवरी को सेना को इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सेना ने आतंकियों को ट्रेस किया. इसी दौरान आतंकियों ने सेना पर फायरिंग की और जंगल की ओर भाग गए. हालांकि, इस दौरान सेना आतंकियों के एक बड़े ठिकाने को बरामद करने में कामयाब रही, जहां बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान जमा किया गया था. इससे साफ है कि आतंकी बर्फ़बारी के दौरान लंबे समय तक यहां रहने की योजना बना रहे थे.
2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई
इस बीच सेना ने इस बार अपनी विंटर प्लानिंग बदली और बर्फ़बारी में भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने की रणनीति तैयार की. इसी रणनीति के तहत सेना को आतंकियों को ट्रेस करने में मदद मिली और अब सेना आतंकियों को ढेर करने के अभियान में जुटी हुई है, जबकि जिन इलाकों में ऑपरेशन चल रहा है वहां इस समय करीब 2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई है.
सेना के बड़े ऑपरेशन पहले से ही जारी
इस ऑपरेशन को लेकर सेना के पास इनपुट है कि इलाके में Jaish के 2 से 3 आतंकी मौजूद हैं. यह भी माना जा रहा है कि इनमें Jaish का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल हो सकता है, जिसकी तलाश सेना लंबे समय से कर रही है. इसके साथ ही जम्मू क्षेत्र में सेना के बड़े ऑपरेशन पहले से ही जारी हैं. सेना के पास जानकारी है कि कठुआ, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी है. सेना, पुलिस और CRPF इन इलाकों में लगातार संयुक्त ऑपरेशन चला रही हैं. पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों ने बिलावर में Jaish के आतंकी उमर को ढेर करने में भी सफलता हासिल की थी. ऐसे में सुरक्षा बलों की यह विंटर स्ट्रैटेजी आतंकियों के लिए काल बनकर सामने आई है.
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