किश्तवाड़ में सेना ने बीते 14 दिनों से चलाया ऑपरेशन, बर्फबारी के बीच स्पेशल फोर्सेज के कमांडो फोर्स ने मोर्चा संभाला
बर्फबारी के बीच किश्तवाड़ के जंगलों में Jaish-e-Mohammad के आतंकियों के खिलाफ सेना का 14 दिनों से शुरू हुआ ऑपरेशन लगातार जारी है. आज सुबह एक बार फिर सेना और आतंकियों के बीच कॉन्टैक्ट स्थापित हुआ, जिसके बाद किश्तवाड़ के घने जंगलों के डोलगाम इलाके को सेना ने घेर लिया है. आतंकियों को ट्रेस करने के लिए सेना हेलिकॉप्टर के साथ ड्रोन और थर्मल इमेजिंग का इस्तेमाल कर रही है. इस ऑपरेशन में सेना की स्पेशल फोर्सेज के कमांडो भी हिस्सा ले रहे हैं.
लंबे समय तक यहां रहने की योजना बना रहे
18 जनवरी को सेना को इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सेना ने आतंकियों को ट्रेस किया. इसी दौरान आतंकियों ने सेना पर फायरिंग की और जंगल की ओर भाग गए. हालांकि, इस दौरान सेना आतंकियों के एक बड़े ठिकाने को बरामद करने में कामयाब रही, जहां बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान जमा किया गया था. इससे साफ है कि आतंकी बर्फ़बारी के दौरान लंबे समय तक यहां रहने की योजना बना रहे थे.
2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई
इस बीच सेना ने इस बार अपनी विंटर प्लानिंग बदली और बर्फ़बारी में भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने की रणनीति तैयार की. इसी रणनीति के तहत सेना को आतंकियों को ट्रेस करने में मदद मिली और अब सेना आतंकियों को ढेर करने के अभियान में जुटी हुई है, जबकि जिन इलाकों में ऑपरेशन चल रहा है वहां इस समय करीब 2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई है.
सेना के बड़े ऑपरेशन पहले से ही जारी
इस ऑपरेशन को लेकर सेना के पास इनपुट है कि इलाके में Jaish के 2 से 3 आतंकी मौजूद हैं. यह भी माना जा रहा है कि इनमें Jaish का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल हो सकता है, जिसकी तलाश सेना लंबे समय से कर रही है. इसके साथ ही जम्मू क्षेत्र में सेना के बड़े ऑपरेशन पहले से ही जारी हैं. सेना के पास जानकारी है कि कठुआ, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी है. सेना, पुलिस और CRPF इन इलाकों में लगातार संयुक्त ऑपरेशन चला रही हैं. पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों ने बिलावर में Jaish के आतंकी उमर को ढेर करने में भी सफलता हासिल की थी. ऐसे में सुरक्षा बलों की यह विंटर स्ट्रैटेजी आतंकियों के लिए काल बनकर सामने आई है.
Parth Pawar को राज्यसभा सीट मिलने के लगाए जा रहे कयास, क्या राजनीति से रहे हैं उनके संबंध? ये है बैकग्राउंड
Parth Pawar Profile: पार्थ पवार महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक जाना-पहचाना नाम हैं. 21 मार्च 1990 में जन्मे पार्थ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र के प्रभावशाली दिवंगत राजनेता अजित पवार के बड़े बेटे हैं. वह मुंबई स्थित हस्साराम रिजुमल कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से कॉमर्स में ग्रेजुएट हैं. इसके बाद उन्होंने लंदन में भी 2 साल पढ़ाई की है.
राजनीतिक बैकग्राउंड
पार्थ पवार पवार राजनीतिक परिवार से आते हैं और पुणे-बारामती क्षेत्र में युवा और संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं. राजनीति के साथ-साथ वह कुछ कारोबारी गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं. उन्होंने साल 2019 में राजनीति में कदम रखा. उन्होंने मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद उन्होंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है. वर्तमान में वह किसी भी निर्वाचित पद या पार्टी के बड़े ओहदे पर नहीं हैं. इसके अलावा वे सार्वजनिक जीवन में कम ही दिखाई देते हैं.
मुंधवा जमीन सौदा विवाद
साल 2025 में पुणे के मुंधवा इलाके में हुए 40 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर पार्थ पवार विवादों में घिर गए थे. यह जमीन Amadea Enterprises LLP नाम की कंपनी ने खरीदी थी, जिसमें पार्थ पवार की बड़ी हिस्सेदारी बताई गई थी. इस सौदे पर सवाल इसलिए उठे क्योंकि जमीन की कीमत करीब 300 करोड़ रुपये दिखाई गई, जबकि जानकारों के मुताबिक इस जमीन की असली कीमत इससे कहीं ज्यादा थी. साथ ही, सौदे में जमीन के मूल्यांकन और स्टांप ड्यूटी में छूट को लेकर भी आरोप लगे.
हालांकि, जनता के दबाव के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस जमीन सौदे की जांच के आदेश दिए. मामले में एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP में बड़ी हिस्सेदारी होने के बावजूद पार्थ पवार का नाम FIR में शामिल नहीं किया गया.
निजी जीवन में रहने वाले पार्थ पवार
जमीन सौदे के विवाद के बावजूद पार्थ पवार अब तक ज्यादातर निजी जीवन में ही रहे हैं और उन्होंने अपने पिता अजित पवार के लंबे राजनीतिक करियर से खुद को अलग रखा है. हालांकि, विमान हादसे में अजित पवार के अचानक निधन के बाद राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में पार्थ पवार और जय पवार की सार्वजनिक और पारिवारिक भूमिका पहले से ज्यादा देखने को मिल सकती है.
राजनीति में मची है उथल-फुथल
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त उथल-फुथल मची हुई है. 28 जनवरी 2026 को एनसीपी नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद आज यानी शनिवार 31 जनवरी को शाम 5 उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले सकती हैं. इसी बीच उनके बेटे पार्थ पवार एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार के बारामती स्थित आवास पर पहुंचे हैं. संभावना जताई जा रही है कि पार्थ को राज्यसभा सीट मिल सकती है.
कैसे हुआ था हादसा
बता दें कि महाराष्ट्र के 66 वर्षीय उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह विमान हादसे में निधन हो गया. वह एक निजी विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे. विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
कलाई पर पहनी घड़ी से हुई थी पहचान
हादसे के समय अजित पवार बारामती में जिला पंचायत चुनाव के प्रचार के लिए जा रहे थे. दुर्घटनाग्रस्त विमान एक निजी कंपनी का लियरजेट 45 था. इस विमान में कुल पांच लोग सवार थे. इनमें अजित पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, विमान परिचारिका पिंकी माली, पायलट कैप्टन सुमित कपूर और सह-पायलट शांभवी पाठक शामिल थे. हादसे के बाद अजित पवार के शव की पहचान उनकी कलाई में पहनी घड़ी से की गई. घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है.
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