भारत जब वैश्विक मंचों पर जगह लेता है तो दुनिया की भलाई होती है: राजदूत जैन थेस्लेफ
नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता हुआ, जिसे सभी समझौतों की जननी माना जा रहा है। भारत में स्वीडन के राजदूत जैन थेस्लेफ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत में पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
पीएम मोदी के नेतृत्व को लेकर भारत में स्वीडन के राजदूत जैन थेस्लेफ ने कहा, मुझे लगता है कि भारत बार-बार यह साबित करता है। मैं यहां तीन साल से ज्यादा समय से हूं, और हमने देखा है कि भारत दुनिया के मंच पर कैसे आगे बढ़ रहा है। आपके प्रधानमंत्री के उठाए गए कदमों और पहलों की वजह से हमने इसे जी20 में देखा है जब भारत उस समूह में शामिल था। मुझे यकीन है कि हम इसे फिर से देखेंगे। हम इसे सिर्फ एक महीने में या एक महीने से भी कम समय में एआई इम्पैक्ट समिट में देखेंगे जिसे आपके प्रधानमंत्री यहां दिल्ली में होस्ट कर रहे हैं। भारत दुनिया के मंच पर अपनी सही जगह ले रहा है। जब भारत ऐसा करता है तो यह दुनिया के लिए अच्छा होता है।
टैरिफ युद्ध के बीच भारत-ईयू एफटीए की मजबूती को लेकर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि फिर से भारत और ईयू दुनिया को यह संकेत दे रहे हैं कि हम एक साथ आ सकते हैं। हम सहमत हो सकते हैं। हमारे पास नियमों पर आधारित वर्ल्ड ऑर्डर हो सकता है। हमारे पास ऐसे टैरिफ हो सकते हैं जिन पर हम सहमत हों और जिनका हम पालन करेंगे। हम एक भरोसेमंद साझेदार हैं। भारत हमारे लिए एक भरोसेमंद साझेदार है, इसलिए मुझे लगता है कि जिस वोलैटिलिटी, अनिश्चितता में हम सब जी रहे हैं, यह इस बात का सबूत है कि इसका उल्टा भी काम कर सकता है।
यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर स्वीडिश राजदूत ने कहा कि स्वीडन यूएन सिस्टम में सुधार के पक्ष में है, और हमें लगता है कि ऐसे सुधारे हुए, एकजुट देश के तौर पर भारत को सिक्योरिटी काउंसिल में सही जगह मिलनी चाहिए।
ग्लोबल सप्लाई चेन की विविधता में भारत की भूमिका को लेकर जैन थेस्लेफ ने कहा, ग्लोबलाइजेशन के जरिए हमने देखा है कि हमारे इंटरलिंकेज कैसे हैं। साथ ही, हमने यह भी देखा है कि हमें खुद को किसी पर निर्भर नहीं रखना चाहिए। हमारे पास फ्लेक्सिबिलिटी होनी चाहिए, सोर्स के लिए खुलापन होना चाहिए, इसलिए जब हमारे पास एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होता है तो इसका मतलब यह भी है कि आप अपने सप्लाई रूट को सुरक्षित करते हैं। हम स्वीडिश कंपनियों को देखते हैं, उनमें से 400 यहां भारत में हैं कि वे यहां भारत के लिए, निश्चित रूप से, लेकिन दुनिया के लिए भी मैन्युफैक्चर करने के लिए हैं और इस मायने में सप्लाई रूट एक कॉन्सेप्ट है।
स्वीडिश राजदूत जैन थेस्लेफ ने कहा, भारत में टैलेंट की भरमार है, ऐसे युवा हैं जो क्रिएटिविटी और इनोवेशन दिखा रहे हैं। वेबसाइटें उस टैलेंट पूल का इस्तेमाल करना चाहती हैं। हम इसे और भी ज्यादा देखेंगे। हम उन लोगों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं जो पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई या डॉक्टरेट डिग्री के लिए आते हैं। भारत में आप पहले से ही शानदार ग्रेजुएशन डिग्री देते हैं। हम उन लोगों को बताना चाहते हैं जो पहले से ही बेसिक ट्रेनिंग ले चुके हैं कि हम किस चीज के लिए खड़े हैं। यह ग्रीन ट्रांजिशन में हो सकता है। यह कनेक्टिविटी में हो सकता है। यह दूसरे क्षेत्र में हो सकता है जहां हमें लगता है कि हम भारत को आगे ला सकते हैं।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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Wings India 2026 में उत्तराखंड की उड़ान, मिला ‘Best State for Aviation’ का बड़ा सम्मान
अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन और प्रदर्शनी Wings India 2026 में उत्तराखंड को बड़ी उपलब्धि मिली है. राज्य को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार के लगातार और प्रभावी प्रयासों के लिए दिया गया है.
कहां मिला ये पुरस्कार
यह पुरस्कार हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने प्रदान किया. इस मौके पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के सचिव सचिन कुर्वे, सीईओ डॉ. आशीष चौहान, अपर सीईओ संजय सिंह टोलिया और हेड ऑफ ऑपरेशंस कैप्टन अमित शर्मा मौजूद रहे.
क्या है Wings India 2026
Wings India 2026 देश का सबसे बड़ा विमानन मंच माना जाता है. यहां देश और विदेश से नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और विमानन क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होते हैं. ऐसे मंच पर उत्तराखंड को मिला यह सम्मान राज्य के लिए गर्व की बात है.
हवाई संपर्क को बनाया मजबूत
राज्य सरकार ने बीते कुछ वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया है. खासतौर पर पहाड़ी और दूर-दराज के इलाकों को हवाई सेवाओं से जोड़ने का काम किया गया है. इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी काफी मदद मिली है.
पीएम मोदी के मार्गदर्शन से उड़ान योजना सफल
सरकार की ओर से बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उड़ान योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ है. साथ ही हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार और आधुनिक विमानन ढांचे का विकास किया गया है.
भविष्य में खुलेंगे निवेश के नए रास्ते
इन प्रयासों की वजह से उत्तराखंड अब तेजी से एक उभरते हुए विमानन हब के रूप में पहचान बना रहा है. इस पुरस्कार से राज्य में भविष्य में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और हवाई सेवाओं को और मजबूती मिलेगी.
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