आईटीबीपी में हेड कॉन्स्टेबल बनने का मौका, 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए निकली बंपर भर्ती, 81 हजार तक सैलरी
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने हेड कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। 12वीं पास उम्मीदवार 27 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन पर 81,100 रुपये तक सैलरी मिलेगी।
Parenting Tips: पार्क हो या मार्केट, बाहर जाते ही बच्चा करता है जिद? पेरेंट्स अपनाएं ये 9 तरीके
Parenting Tips: बच्चों का घर से बाहर निकलते ही रोना, जिद करना या छोटी-सी बात पर गुस्सा हो जाना कई माता-पिता के लिए परेशानी की वजह बन जाता है। खासकर जब बच्चा बाजार, पार्क या किसी रिश्तेदार के घर जाने पर अचानक अपनी बात मनवाने के लिए रोने लगे, तो स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे समय में बच्चे को डांटने या तुरंत चुप कराने के बजाय पहले यह समझना जरूरी है कि वह किस वजह से परेशान है। अगर आपका बच्चा भी बाहर जाते समय बार-बार tantrum करता है, तो रोजमर्रा में ये 9 आसान तरीके आजमाए जा सकते हैं।
1. बाहर जाने से पहले बच्चे को तैयार करें
अगर बच्चे को पहले से पता हो कि कहां जाना है और वहां क्या करना है, तो उसके लिए बदलाव को समझना आसान हो सकता है। निकलने से पहले उसे सरल शब्दों में बता दें कि आप कहां जा रहे हैं और कितनी देर रहेंगे।
2. बच्चे को छोटी-छोटी पसंद चुनने दें
हर बात पर सिर्फ ‘हां’ या ‘नहीं’ कहने के बजाय बच्चे को दो छोटे विकल्प दें। जैसे, “नीली टी-शर्ट पहनोगे या पीली?” इससे बच्चे को अपनी पसंद रखने का मौका मिलता है और वह खुद को थोड़ा ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस कर सकता है।
3. भूख लगने से पहले दें कुछ खाने को
अगर बच्चा भूखा है, तो उसका चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। बाहर निकलते समय उम्र के हिसाब से कोई हेल्दी स्नैक और पानी साथ रखें। इससे भूख की वजह से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. नींद और थकान का रखें ध्यान
कई बार बच्चा इसलिए भी बाहर जाकर परेशान होने लगता है क्योंकि वह बहुत थका हुआ होता है। अगर बच्चे की नींद पूरी नहीं हुई है, तो संभव हो तो बाहर जाने का समय बदलें या उसे पहले आराम करने दें।
5. पहले से तय कर लें कुछ नियम
बाहर निकलने से पहले बच्चे को बता दें कि वहां क्या करना है और क्या नहीं। नियम बहुत ज्यादा न रखें और उन्हें आसान भाषा में समझाएं। इससे बच्चे को स्थिति समझने में आसानी होती है।
6. हर जिद पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें
बच्चा रो रहा हो तो माता-पिता का तुरंत गुस्सा करना स्थिति को और मुश्किल बना सकता है। अगर बच्चा सुरक्षित है, तो पहले खुद शांत रहने की कोशिश करें और उसे कुछ समय दें।
7. ध्यान दूसरी तरफ ले जाने की कोशिश करें
छोटे बच्चों का ध्यान जल्दी दूसरी चीजों पर जा सकता है। ऐसे में कोई खेल, खिलौना, गाना या आसपास की कोई दिलचस्प चीज दिखाकर उसका ध्यान दूसरी तरफ किया जा सकता है।
8. बच्चे की बात सुनें
हर बार बच्चे की मांग पूरी करना जरूरी नहीं है, लेकिन उसकी बात सुनना जरूरी है। शांत होकर पूछें कि उसे क्या चाहिए या किस बात से परेशानी हो रही है। इससे बच्चा अपनी भावना शब्दों में बताना धीरे-धीरे सीख सकता है।
9. मारने या चोट पहुंचाने पर साफ सीमा तय करें
रोना और जिद करना एक बात है, लेकिन किसी को मारना, काटना, लात मारना या चीजें फेंकना अलग व्यवहार है। ऐसे समय पर माता-पिता को शांत रहते हुए स्पष्ट करना चाहिए कि किसी को चोट पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
बच्चे के tantrum पर माता-पिता खुद भी रहें शांत
बच्चे के रोने या चिल्लाने के दौरान माता-पिता का गुस्सा बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन उस समय खुद को शांत रखना जरूरी है। बच्चे की उम्र और स्वभाव के हिसाब से अलग-अलग तरीके काम कर सकते हैं, इसलिए हर बच्चे पर एक ही तरीका असर करे, यह जरूरी नहीं है।
नोट: छोटे बच्चों में tantrums सामान्य विकास का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन अगर बच्चे का व्यवहार बहुत ज्यादा आक्रामक हो, खुद को या दूसरों को चोट पहुंचाने लगे या माता-पिता को लगातार चिंता हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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