भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर विशेष मेहमान के तौर पर यूरोपियन काउंसिल के एंटोनियो कोस्टा और यूरोप यूपीए कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन शिरकत करती नजर आईं। राष्ट्रपति भवन में उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया। उसके बाद वो राष्ट्रपति की बग्गी में दोनों ही यूरोपीय नेता सवार होते हैं और भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड्स के स्कॉट्स में कर्तव्य पथ पर पहुंचते हैं। इस दौरान दोनों ही यूरोपियन नेताओं के चेहरे की भाव भंगिमा से आप समझ सकते हैं कि वो कितने उत्साहित और खुश दिखाई दिए। प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड्स के स्कॉट में दोनों ही यूरोपीय मेहमान जब कर्तव्य पथ पर पहुंचते हैं तो उनका उत्साह देखने वाला होता है। दोनों ही यूरोपियन मेहमान वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं और फिर वो बारी आती है जब वह सलामी मंच की ओर बढ़ते हैं। राष्ट्रपति के बग्गी से उतरते वक्त जिस तरह से भारतीय अंदाज में उर्सुला वॉन डेर लेयेन हो या फिर एंटोनियो कोस्टा उन्होंने नमस्कार के साथ पीएम नरेंद्र मोदी का अभिवादन स्वीकार किया।
ऐसे ही करके वहां मौजूद भारत के रक्षा मंत्री, उप रक्षा मंत्री, तीनों ही सैन्य प्रमुख और सीडीएस से मुलाकात की तो बारी-बारी से सबको उन्होंने नमस्ते किया। यह तस्वीरें वाकई में बेहद उत्साहित करने वाली हैं। यह दिखाती हैं कि जब भारतीय मेहमान जब भारत आते हैं तो किस तरह से वो भारत की परंपरा से लबरेज हो जाते हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर भारत की मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह उनके लिए जीवन भर का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सभी को इससे लाभ होता है। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।
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