बड़ा खुलासा! अमेरिकी अध्ययन में सामने आए दिल्ली की हवा में 19 जहरीले तत्व, बढ़ा कैंसर का खतरा
Delhi Air Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा को लेकर एक नई और गंभीर चेतावनी सामने आई है. अमेरिका में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, यहां की हवा में सिर्फ धूल या धुआं ही नहीं, बल्कि कई ऐसे तत्व पाए गए हैं जो लंबे समय तक सांस के जरिए शरीर में जाकर बड़ी बीमारियों की वजह बन सकते हैं. चलिए जानते हैं इन तत्वों से सेहत पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी.
कैसे हुआ अध्ययन?
यह रिसर्च अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन से जुड़ी टीम ने की. इसके तहत जनवरी 2017 से जनवरी 2022 तक अलग-अलग समय पर दिल्ली की हवा के नमूने लिए गए. आमतौर पर प्रदूषण को पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर से मापा जाता है. लेकिन इस बार वैज्ञानिकों ने पीएम 2.5 कणों के अंदर मौजूद रासायनिक तत्वों की पहचान पर ध्यान दिया.
सेहत के लिए कितना खतरनाक है ये तत्व?
अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली की हवा में कुल 19 हानिकारक तत्व मौजूद हैं. ये सभी सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और समय के साथ स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं. इनमें कई चीजें शामिल हैं जैसे- एल्यूमिनियम, आयरन, टाइटेनियम, कॉपर, जिंक, क्रोमियम, निकल, आर्सेनिक, मोलिब्डेनम, क्लोरीन, फॉस्फोरस, सल्फर, पोटैशियम, लेड, सोडियम, मैग्नीशियम, ब्रोमीन, कैल्शियम और मैंगनीज आदि.
बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें से कई तत्व से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. कुछ तत्व फेफड़ों, दिल और इम्यून सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. रिसर्च में यह भी सामने आया कि अलग-अलग मौसम में इन तत्वों की मात्रा घटती-बढ़ती रहती है. हालांकि, सालभर के औसत आंकड़ों को देखें तो सल्फर, क्लोरीन, पोटैशियम, कैल्शियम और आयरन सबसे लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं. इसके अलावा लेड, आर्सेनिक, क्रोमियम, निकल, तांबा, जिंक और मैंगनीज जैसे विषैले तत्व भी लगातार मौजूद पाए गए.
कहां से आते हैं ये प्रदूषण?
अध्ययन के मुताबिक इन तत्वों के मुख्य स्रोतों को पांच बड़े हिस्सों में बांटा जा सकता है जैसे- मिट्टी और सड़क की उड़ती धूल, बायोमास और जीवाश्म ईंधन का जलना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक गतिविधियां अन्य मिश्रित स्रोत, जहां से टाइटेनियम, क्रोमियम और मोलिब्डेनम जैसे तत्व निकलते हैं.
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल प्रदूषण के स्तर को मापना ही काफी नहीं है. इसके पीछे छिपे तत्वों पर भी नियंत्रण जरूरी है. अगर इन स्रोतों पर समय रहते रोक लगाई जाए, तो लोगों को होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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Swami Ramdev Health Tips: गठिया का दर्द कर रहा परेशान? स्वामी रामदेव से जानिए इसे कम करने का तरीका
Swami Ramdev Health Tips: ठंड के मौसम में जैसे-जैसे पारा गिरता है, वैसे-वैसे लोगों की सेहत भी बिगड़ने लगती है. ठंडी हवाओं से शरीर में दर्द और हड्डियों में अकड़न बढ़ जाती है. यह मौसम गठिया के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. इन्हें इस समय ज्यादा दर्द होता है. इतना ही नहीं, ये लोग सामान्य जीवन की गतिविधियों को करने में भी मुश्किल महसूस करते हैं. हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि हड्डियों की यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है. भारत के युवाओं में भी इस बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है.
पतंजलि के योगाचार्य और आयुर्वेदाचार्य स्वामी रामदेव ने गठिया के मरीजों के लिए क्या सुझाव दिए हैं. आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.
कैसे बढ़ रही है गठिया की बीमारी?
दरअसल, इसके कई कारण हो सकते हैं. गठिया एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है और ये हमें जन्म से भी हो सकती है. गठिया की बीमारी सिर्फ घुटनों की नहीं होती है. आजकल शरीर के कई जॉइंट्स में इसका दर्द महसूस किया जा सकता है. गठिया का कारण गलत खानपान, बढ़ता वजन और शरीर में विटामिनों की कमी भी होता है.
युवाओं को क्यों हो रही बीमारी?
भारत में अर्थराइटिस के मरीजों की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां कुल 18 करोड़ रोगी है. इनमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं. गठिया युवाओं में होने का सबसे बड़ा कारण उनका लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना है. ये लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं. इनके शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी भी पाई जाती है.
कैसे करें गठिया के दर्द को कम?
स्वामी रामदेव के अनुसार, गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए आपको रोजाना सरसों के तेल से मालिश करनी चाहिए. इस तेल को पका कर लगाएं. दर्द वाली जगह पर गर्म पट्टी से सिकाई करें. स्टीम बाथ ले सकते हैं. इन लोगों को ठंडी चीजों के सेवन से बचना चाहिए.
कैसे मजबूत होंगी हड्डियां?
- रोजाना दूध पिएं.
- सर्दियों में हल्दी दूध पी सकते हैं.
- सेब का सिरका ले सकते हैं.
- इन्हें अपने खाने में लहसुन और अदरक का सेवन अधिक करना चाहिए.
- गुनगुने पानी में शहद और दालचीनी मिलाकर पिएं.
- बादाम, अखरोट, पिस्ता जैसे सूखे मेवे खाएं.
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