तमिल सुपरस्टार और 'तमिझागा वेत्री कड़गम' के अध्यक्ष विजय ने सीबीआई की पूछताछ और अपनी फिल्म पर रोक के बीच एक कड़ा संदेश दिया है। महाबलीपुरम में पार्टी के 3,000 पदाधिकारियों के साथ हुई एक बड़ी मीटिंग में उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे। उन्होंने आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक युद्ध करार दिया और अपने कार्यकर्ताओं को इस युद्ध का कमांडो बताया।
विपक्षी दलों पर हमला
विजय ने सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति करने वाले लोग सी.एन. अन्नादुरई के विचारों को भूल गए हैं, यहां तक कि वे भी जिनकी पार्टी के नाम में 'अन्ना' जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टियों के लिए पोलिंग बूथ केवल 'फर्जी वोट सेंटर' बन कर रह गए हैं। विजय ने अपने समर्थकों से हर एक वोट की रक्षा करने और जनता के बीच जाने का आह्वान किया।
राज्यव्यापी कैंपेन टूर की शुरुआत
टीवीके नेताओं ने घोषणा की है कि पार्टी कल से तमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में एक बड़ा कैंपेन टूर शुरू करने जा रही है। इसका मकसद चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर समर्थन जुटाना है। गठबंधन के सवाल पर पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने का अंतिम फैसला केवल विजय ही लेंगे।
क्या है विवाद?
51 वर्षीय विजय पिछले कुछ समय से मुश्किलों में घिरे हैं। पिछले साल करूर में उनकी एक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी, जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है। इस मामले में दिल्ली में उनसे दो बार पूछताछ भी हो चुकी है। इसके अलावा, उनकी नई फिल्म 'जना नायकन' की रिलीज पर सेंसर बोर्ड ने रोक लगा दी है, जिसे हरी झंडी दिलाने के लिए उन्होंने अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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