धूम्रपान न करने वालों में Lung Infection का खतरा, जानिए फेफड़ों के संक्रमण की मुख्य वजहें
आजकल खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण बीमारियों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। धूम्रपान को फेफड़ों की कई बीमारियों को मुख्य जोखिम कारक माना जाता है। हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो लोग धूम्रपान नहीं करते है, उन्हें लंग इंफेक्शन नहीं हो सकता है।
आज के समय में फेफड़ों का संक्रमण किसी भी एज के व्यक्ति को हो सकता है। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकता है।
लंग इंफेक्शन की स्थिति में कुछ कॉमन लक्षण नजर आते हैं। इसलिए धूम्रपान न करने के बावजूद यदि सांस से संबंधित लक्षण लगातार बने रहें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
लंग इंफेक्शन के मुख्य कारण
वायरल इंफेक्शन: फ्लू, COVID-19 और अन्य सांस संबंधित वायरस फेफड़ों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बैक्टीरिया इंफेक्शन वाले लोगों में फंगल संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।
बैक्टीरियल इंफेक्शन: कुछ बैक्टीरिया फेफड़ों में संक्रमण पैदा करते हैं, जैसे कि निमोनिया जैसी समस्या हो सकती है। इसमें तेज बुखार, लगातार खांसी और सीने में दर्द की समस्या देखने को मिलती है।
फंगल इंफेक्शन: अक्सर कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को फंगल संक्रमण का खतरा अधिक होता है। लंबे समय से चलने वाली खांसी, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी है, तो इसके यह संभावित लक्षण।
कमजोर इम्यून सिस्टम: जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें संक्रमण होने की संभावना बनीं रहती हैं। डायबिटीज, लंबे समय से चल रही कुछ बीमारियों या कुछ दवाओं के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे फेफड़ों में संक्रमण होने के चांस हो सकते हैं।
वायु प्रदूषण: काफी समय से प्रदूषित हवा में रहने से फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर बुरा असर देखने को मिलता है। इससे सांस की तकलीफ और अन्य श्वसन समस्याओ का जोखिम बढ़ सकता है।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना: यदि आपको संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से निकलने वाली बूदों के जरिए फैल सकती है।
लंग इंफेक्शन के लक्षण
- खांसी
- बलगम
- बुखार
- ठंड लगना
- सांस फूलना
- सीने में दर्द
- थकान
- कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
जब आपको ऊपर बताए गए लक्षणों का एहसास होने लगें, तो एक बार डॉक्टर को जरुर दिखाएं। इतना ही नहीं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में विशेष सावधानी देखने को मिलती है।
बचाव कैसे करें?
- हाथों की स्वच्छता रखें
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में सावधानी बरतें
- घर और कार्यस्थल में वेंटिलेशन अच्छा रखें
- प्रदूषण और धूल के अनावश्यक संपर्क से बचें
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही टीकारकरण करवाएं।
गिफ्ट में कभी न दें ये 3 पौधे! वास्तु के अनुसार बढ़ सकती हैं घर की परेशानियां
पौधे सिर्फ घर की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि कई लोग इन्हें शुभता और सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि आजकल लोग फूलों के गुलदस्तों की जगह पौधे गिफ्ट करना ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। माना जाता है कि कुछ पौधों को दूसरे व्यक्ति को उपहार में देने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार पौधों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। हर पौधा समान प्रभाव नहीं देता। कुछ पौधे घर में लगाने के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी दूसरे को देना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए अगर आप किसी खास अवसर पर पौधा गिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि कौन से पौधे उपहार में देने से बचना चाहिए।
वास्तु शास्त्र में कांटेदार पौधों को क्यों नहीं माना जाता शुभ?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार कांटेदार पौधे घर में तनाव और नकारात्मकता बढ़ाने वाले माने जाते हैं। हालांकि कई लोग इन्हें सजावट के लिए घर या ऑफिस में रखते हैं, लेकिन इन्हें किसी दूसरे को उपहार में देना अच्छा नहीं माना जाता। माना जाता है कि ऐसे पौधों के साथ रिश्तों में दूरी और मतभेद की ऊर्जा भी जुड़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गुलाब को छोड़कर अधिकांश कांटेदार पौधों को वास्तु की दृष्टि से सावधानी के साथ रखा जाना चाहिए। जब इन्हें किसी को गिफ्ट किया जाता है, तो यह शुभ संदेश के बजाय नकारात्मक संकेत का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि कई लोग कैक्टस जैसे पौधों को उपहार में देने से बचते हैं।
इसी तरह पान का पौधा भी धार्मिक दृष्टि से बहुत पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में इसका विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि यह पौधा माता लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है और घर में शुभता लाता है। लेकिन वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसे किसी दूसरे को उपहार में देना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर की शुभ ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
मनी प्लांट गिफ्ट करने से क्यों बचने की सलाह दी जाती है?
मनी प्लांट को धन, तरक्की और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि यह भारत के सबसे लोकप्रिय इंडोर पौधों में शामिल है। अधिकांश घरों और ऑफिसों में यह पौधा आसानी से देखने को मिल जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे लेकर एक खास मान्यता प्रचलित है।
कहा जाता है कि मनी प्लांट घर की आर्थिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है। कई लोग मानते हैं कि अगर यह पौधा किसी दूसरे को उपहार में दे दिया जाए, तो घर की समृद्धि और सौभाग्य भी उसके साथ जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित विश्वास है, जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप किसी को पौधा गिफ्ट करना चाहते हैं तो तुलसी, बांस (लकी बैम्बू), एरेका पाम या स्नेक प्लांट जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं। ये पौधे न केवल देखने में सुंदर होते हैं, बल्कि सकारात्मकता और हरियाली का संदेश भी देते हैं।
इसलिए अगली बार किसी को पौधा उपहार में देने से पहले उसकी वास्तु मान्यताओं और प्रतीकात्मक महत्व को जरूर समझ लें। सही पौधा न केवल एक अच्छा उपहार बन सकता है, बल्कि रिश्तों में सकारात्मकता और शुभकामनाओं का संदेश भी पहुंचा सकता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
Mp Breaking News







