केंद्र सरकार की रोजगार सृजन प्राथमिकता को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 24 जनवरी 2026 को 18वें 'रोजगार मेले' का उद्घाटन किया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के 61,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान बोलते हुए, मोदी ने अपनी सरकार द्वारा लाए गए प्रावधानों की तारीफ़ की और बताया कि कैसे महिला कांस्टेबलों को पहचान मिल रही है। "बांटे जाने वाले कुल अपॉइंटमेंट लेटर में से 49,200 गृह मंत्रालय और पैरामिलिट्री फ़ोर्स से जुड़े हैं... बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबलों की नियुक्ति की जा रही है। यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि पिछले 11 सालों में, हमारी सरकार ने बड़ी संख्या में सहायक प्रावधान पेश किए हैं। BSF की महिला टुकड़ियों को बॉर्डर पर ज़ीरो लाइन पर तैनात किया गया है। 26 जनवरी को, कर्तव्य पथ पर, CRPF की सभी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला असिस्टेंट कमांडेंट करेंगी," मोदी ने कॉन्फ्रेंस में कहा।
रोज़गार मेला देश भर में 45 अलग-अलग जगहों पर आयोजित किया गया था, जिसमें देश के सभी हिस्सों से उम्मीदवार आए थे। PMO ने एक बयान में कहा कि उम्मीदवार "भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में शामिल होंगे, जिनमें गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, और अन्य शामिल हैं।"
बयान में आगे कहा गया है, "रोज़गार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप, रोज़गार मेला इस विज़न को अमल में लाने के उद्देश्य से एक प्रमुख पहल है।" इसमें कहा गया है कि इसकी शुरुआत के बाद से, देश भर में आयोजित रोज़गार मेलों के माध्यम से 11 लाख से ज़्यादा भर्ती पत्र जारी किए गए हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे केवल कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य निर्माता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई नियुक्तियां सरकारी संस्थानों की सेवा वितरण क्षमता (Service Delivery Capacity) को और मजबूत करेंगी।
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दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर का हीरो जिसकी एक आवाज से वैश्विक राजनीति हिल जाती है जो दाबोस में बैठकर शांति और युद्ध दोनों की दिशा तय करता है जिसकी सनक दुनिया को हिला कर रख देती है जो एक ही झटके में बड़े से बड़े नेता को मारने की धमकी देते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। लेकिन आज सवाल उनकी पॉलिसी पर नहीं है। सवाल टेरिफ की धमकियों पर भी नहीं, ग्रीनलैंड के कब्जे पर भी नहीं, ईरान में करवाए गए प्रदर्शनों पर भी नहीं बल्कि आज सवाल उनकी सेहत का है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके हाथ पर पड़ा वो नीला निशान जिसने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर सुपर पावर के इस हीरो के साथ हुआ क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हाथ पर पड़े नए नीले निशानों की तस्वीरों ने एक बार फिर उनकी सेहत को लेकर सवाल खड़े किए है। ये तस्वीरें गुरुवार को सामने आई, जब ट्रंप स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में मौजूद थे। हालांकि, वाइट हाउस ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप का हाथ एक मेज से टकरा गया था। 79 साल के ट्रंप के दाहिने हाथ पर पहले भी कई बार नीले निशान
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि दवा की ओवरडोज ले देखे गए हैं। इस साल के शुरुआत में वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि वह 'एस्पिरिन' का हेवी दोन लेते हैं और उसके साइड इफेक्ट्स की वजह से ऐसा हुआ है। NYT की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप तय मात्रा से करीब 4 गुना ज्यादा बानी 325 मिलीग्राम एस्पिरिन ले रहे हैं। ट्रंप ने खुद बताया था कि वह डॉक्टरों के सलाह को नजरअंदाज कर ज्यादा एस्पिरिन ले रहे है। उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों ने मुझे कहा कि आपको यह लेने की जरूरत नहीं है, पर मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता।
आपको बता दें कि हाल ही में ट्रंप के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन देखी गई थी। कुछ वीडियो में वो पैर घसीटते हुए भी नजर आए थे। ट्रंप के हाथों पर दिखाई देने वाले चोट के निशान के बारे में बात करते हुए, लीविट ने स्पष्ट किया कि यह एस्पिरिन थेरेपी का एक सौम्य दुष्प्रभाव है, जिसका इस्तेमाल अक्सर हृदय संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए किया जाता है। न्यू यॉर्क पोस्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि ये एक सौम्य दुष्प्रभाव है। ट्रंप के लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों को इसका एक कारण बताया। व्हाइट हाउस ने चिंताओं को कम करने की कोशिश की और ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्रपति का व्यस्त कार्यक्रम उनके मज़बूत स्वास्थ्य को दर्शाता है। उनके सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। डीप पेन थ्रोम्बोसिस या धमनी रोग का कोई प्रमाण नहीं है।
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